कश्मीर के कुपवाड़ा जिले के करनाह सेक्टर में आज मानवता की एक मिसाल देखने को मिली। भारी बर्फबारी और बर्फीले तूफान के बीच भारतीय सेना, जम्मू-कश्मीर पुलिस और नागरिक प्रशासन ने एक संयुक्त ऑपरेशन चलाकर एक गर्भवती महिला की जान बचाई।
जानकारी के अनुसार, जब्दी बिजलधार गांव की रहने वाली एक महिला को प्रसव पीड़ा शुरू हुई थी। भारी बर्फबारी के कारण यह इलाका उप-मंडल मुख्यालय तंगधार से पूरी तरह कट गया था। रास्ते कई फीट बर्फ से ढके थे और गाड़ियों का चलना असंभव था।
104 ब्रिगेड के जवानों ने संभाला मोर्चा
डिप्टी कमिश्नर कुपवाड़ा के निर्देशों पर सिविल एडमिनिस्ट्रेशन करनाह तुरंत हरकत में आया। मरीज को लाने के लिए भेजी गई एंबुलेंस कोनागाबरा के पास भारी बर्फ में फंस गई। जब गाड़ियां आगे नहीं बढ़ पाईं, तो 104 ब्रिगेड के भारतीय सेना के जवानों ने मोर्चा संभाला। जवानों ने मरीज को स्ट्रेचर पर लिटाया और कई किलोमीटर तक भारी बर्फ के बीच पैदल चलकर सुरक्षित स्थान तक पहुंचाया। आरएंडबी (R&B) विभाग के कार्यकारी इंजीनियर ने तुरंत जेसीबी मशीन तैनात की, जिससे रास्ता साफ कर एंबुलेंस को आगे बढ़ने का रास्ता मिला।
तहसीलदार करनाह की देखरेख में पुलिस, स्वास्थ्य विभाग और स्थानीय लोगों की मदद से महिला को सुरक्षित एसडीएच तंगधार पहुंचाया गया, जहां अब उनका इलाज चल रहा है। जिला प्रशासन ने इस जीवन रक्षक अभियान में शामिल सभी फील्ड स्टाफ, विशेषकर सेना के जवानों और पुलिसकर्मियों के समर्पण की सराहना की है। वहीं, स्थानीय निवासियों ने इस त्वरित कार्रवाई के लिए प्रशासन का धन्यवाद करते हुए कहा कि अगर सही समय पर मदद न मिलती तो कोई भी अनहोनी हो सकती थी।
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