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Hindi News वायरल न्‍यूज बेंगलुरु में 9 महीने बिताकर शख्स का ट्रैफिक से हुआ बुरा हाल, एक्सपीरिएंस शेयर करते ही वायरल हुई पोस्ट

बेंगलुरु में 9 महीने बिताकर शख्स का ट्रैफिक से हुआ बुरा हाल, एक्सपीरिएंस शेयर करते ही वायरल हुई पोस्ट

Viral Post : सोशल मीडिया पर इन दिनों एक पोस्ट काफी वायरल हो रही है। इस पोस्ट में एक शख्स ने बेंगलुरु में 9 महीने बिताने के बाद अपना अनुभव शेयर किया है।

viral post, Bengaluru traffic, viral news- India TV Hindi Image Source : X/@VA_A14 बेंगलुरु में शख्स का ट्रैफिक से बुरा हाल।

Viral Post : बेंगलुरु में ट्रैफिक की भीषण समस्या के मुख्य कारणों में सीमित सड़क बुनियादी ढांचे पर वाहनों की अत्यधिक वृद्धि, मेट्रो निर्माण से धीमी गति और खराब मौसम में जलभराव शामिल हैं। औसतन 10 किमी की दूरी में 41 मिनट से ज्यादा का समय लगने के कारण लोग हताश हैं, जिससे शहर के आईटी सेक्टर और जीवन की गुणवत्ता पर बुरा असर पड़ रहा है। संभवत: यही वजह है कि, बेंगलुरु में नौ महीने से अधिक समय तक रहने के बाद एक व्यक्ति काफी परेशान हो गया। उसके ईमानदार फीडबैक ने सोशल मीडिया यूजर्स का ध्यान खींचा है। शख्स ने एक्स पोस्ट में बताया कि, कैसे यहां उसे ट्रैफिक की समस्या से परेशान होना पड़ा। शख्स ने शहर में अपने व्यक्तिगत अनुभव के बारे में बताया जिसमें उन्होंने अपनी पसंद और नापसंद दोनों का जिक्र किया। उन्होंने बताया कि वे 7 मई, 2025 को बेंगलुरु पहुंचे थे और नौ महीने से अधिक समय से वहीं रह रहे हैं। उन्होंने कहा कि वे शहर के बारे में अपने सच्चे अनुभव और भावनाओं को साझा करना चाहते हैं।

एक्स पोस्ट वायरल 

इस पोस्ट को एक्स पर @va_a14 नामक हैंडल से शेयर किया गया है। पोस्ट में शख्स ने कई सकारात्मक बातें बताईं। उनके अनुसार, बेंगलुरु का मौसम वाकई सुहावना है और यहाँ की हवा एनसीआर की तुलना में कहीं अधिक स्वच्छ है। उन्होंने यह भी लिखा कि शहर में उन्हें अधिक सुरक्षित महसूस होता है। उन्होंने बेंगलुरु को देश का सबसे बड़ा आईटी हब बताया और कहा कि यहां के कुछ स्ट्रीट फूड जॉइंट्स वाकई बेहतरीन हैं। सकारात्मक पहलुओं के साथ-साथ उन्होंने कुछ समस्याओं का भी जिक्र किया। उन्होंने लिखा कि "भारत की सिलिकॉन वैली" के नाम से मशहूर इस शहर का बुनियादी  ढांचा उम्मीद के मुताबिक नहीं है और काफी कमजोर है। उनके अनुसार, यहां लगभग हर चीज बहुत महंगी है।

कैब ड्राइवर्स और ट्रैफिक के लिए कही ये बात 

वे बताते हैं कि, ऑटो और टैक्सी चालक अक्सर तुरंत ही यात्रा रद्द कर देते हैं। परिवार से लगभग 2,200 किलोमीटर दूर रहना एक अलग और चुनौतीपूर्ण अनुभव है। उन्होंने भाषा संबंधी बाधाओं का जिक्र किया और बताया कि कई स्थानीय लोग नए आने वालों से अधिक किराया वसूलने की कोशिश करते हैं। उन्होंने लिखा कि यातायात इतना खराब है कि आधी रात को भी सड़कें खाली नहीं लगतीं। उन्होंने यह भी कहा कि ज्यादातर जगहों पर खाना बहुत महंगा है। अंत में उन्होंने कहा कि बेंगलुरु रोजमर्रा की भागदौड़ और साप्ताहिक ऊर्जा की बर्बादी का शहर है, फिर भी किसी न किसी तरह यह लोगों को व्यस्त रखता है।

यूजर्स ने किया रिएक्ट

इस पोस्ट को देखने के बाद यूजर्स ने इस पर प्रतिक्रिया दी है। एक यूजर ने कमेंट किया, "मैं 24 जून 2022 को बेंगलुरु शिफ्ट हुआ और मुझे कई समस्याओं का सामना करना पड़ा।" दूसरे यूजर ने लिखा, "मैं भाषा की बाधा वाली बात से सहमत हूं। मुझे भी भारत के उत्तरी भाग की यात्रा करते समय इसी समस्या का सामना करना पड़ता है।" 

डिस्क्लेमर: इस खबर में दी गई जानकारी सोशल मीडिया और रिपोर्ट्स में किए गए दावों पर आधारित है। इंडिया टीवी किसी भी प्रकार के दावे की प्रमाणिकता की पुष्टि नहीं करता है।

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