कर्नाटक के दक्षिण कन्नडा जिले का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इस वीडियो में स्कूल के बच्चे ट्रक और पिकअप में भरे हुए देखे जा सकते हैं। हैरान करने वाली बात यह है कि बच्चे स्कूल की ड्रेस में हैं। शिक्षक भी उनके साथ हैं, लेकिन बच्चों को भेड़-बकरियों की तरह ट्रक और पिकअप में ढोया जा रहा है। उनके रखवालों की तरह शिक्षक साथ हैं और देखरेख कर रहे हैं।
जानकारी के अनुसार बच्चों की सुरक्षा में यह लापरवाही स्कूल ट्रिप के नाम पर की गई। अब प्रिंसिपल से इस बारे में जवाब मांगा गया है। आरोप लगा कि प्रिंसिपल ने बच्चों को मवेशियों की तरह खुले ट्रक में ले जाने की अनुमति दी।
ट्रक और पिकअप में ले गए स्कूली बच्चे
ये घटना दक्षिण कन्नड़ के बेलथांगडी तालुका के एक सरकारी स्कूल की है। 10 फरवरी को बलांजे के सरकारी हायर प्राइमरी स्कूल में फील्ड ट्रिप के लिए स्टूडेंट्स को एक खुले पिकअप ट्रक और एक टिपर गाड़ी के पीछे ठूंसकर ले जाया गया। स्कूल के इंचार्ज हेडमास्टर, किरण ने स्टूडेंट्स को मधुमक्खी पालन का प्रैक्टिकल अनुभव देने के लिए नलकूर के पास एक शहद के फार्म का दौरा करवाया था। हालांकि, एक रेगुलेटेड स्कूल बस का इंतजाम करने के बजाय स्कूल एडमिनिस्ट्रेशन ने कथित तौर पर एक कमर्शियल पिकअप गाड़ी और एक कंस्ट्रक्शन-ग्रेड टिपर का ऑप्शन चुना।
हेडमास्टर से मांगा जवाब
कर्नाटक शिक्षा विभाग ने प्रोटोकॉल में इस चूक पर तुरंत प्रतिक्रिया दी है। राज्य पर्यावरण के बारे में जागरूकता बढ़ाने के लिए "इको-टूर्स" को बढ़ावा दे रहा है, लेकिन नाबालिगों की सुरक्षा और ट्रांसपोर्ट के बारे में सख्त गाइडलाइंस हैं। ब्लॉक एजुकेशन अधिकारी के मुताबिक स्टडी टूर के दौरान स्टूडेंट्स की सुरक्षा के बारे में सभी स्कूलों को साफ निर्देश दिए गए हैं,स्टूडेंट्स के ट्रांसपोर्ट के लिए टिपर का इस्तेमाल करना सुरक्षा नियमों का उल्लंघन है। हेडमास्टर किरण को एक फॉर्मल नोटिस जारी करके ट सफाई मांगी गई है। बेलथांगडी के ब्लॉक एजुकेशन ऑफिसर (BEO) मामले की जाँच कर रहे हैं।
यह भी पढ़ें-
तीन करोड़ की सड़क तीन महीने में साफ, हादसों का शिकार हो रहे लोग
साजिश या लापरवाही: नरवणे की किताब लीक कैसे हुई? दिल्ली पुलिस ने पेंग्विन इंडिया पर की सवालों की बौछार