न खाने में गरम, न छूने में तो इसे 'गरम' मसाला क्यों कहते हैं, खूब यूज करते हैं फिर भी नहीं जानते; आज जान लें
Amazing Facts : सोशल मीडिया पर अक्सर लोग कई चीजों को लेकर होने वाले कन्फ्यूजन पर चर्चा करते हैं। ऐसे ही एक कन्फ्यूजन को आज हम दूर करेंगे जिसका सच काफी लोग नहीं जानते हैं।
Amazing Facts : भारत को 'मसालों का बादशाह' कहा जाता है ये तो आपको पता ही होगा। अगर आपको ये नहीं भी पता है तो बता दें कि, भारत में मिलने वाले तरह-तरह के मसाले दुनिया भर में काफी ज्यादा फेमस हैं। जितनी ज्यादा मात्रा में भारत मसालों का उत्पादन करता है शायद ही कोई देश मसालों के उत्पादन में इतनी अग्रणी भूमिका निभाता है। यही वजह है कि, 'भारत को मसालों का राजा', 'मसालों का किंग', 'किंग ऑफ स्पाइसेस' या 'मसालों का बादशाह' कहते हैं। मसालों की बात हो और गरम मसाले का ज़िक्र न हो ऐसा हो ही नहीं सकता। दरअसल, जिस तरह भारत 'मसालों का बादशाह' है ठीक उसी प्रकार गरम मसाला भी मसालों का राजा कहलाता है। हालांकि, फर्क इतना है कि लोग इसे लेकर काफी कन्फ्यूज रहते हैं। कन्फ्यूजन इस बात का है कि न तो गरम मसाला खाने में गरम लगता है और न ही इसे छूने पर हाथ जलता है तो फिर इसे 'गरम' मसाला ही क्यों कहा जाता है ? यदि आप भी इसी बात को लेकर कन्फ्यूज रहते हैं तो आज आपको हम इसका जवाब दे देते हैं।
गरम मसाले में क्या-क्या होता है
गौरतलब है कि, गरम मसाला कई मुख्य घटकों से बना होता है। इनमें धनिया के बीज, हरी इलायची, काली मिर्च, जीरा, लौंग, जायफल और दालचीनी शामिल होते हैं। इनको भूनकर पीसकर पाउडर बनाया जाता है। फिर इसे तेल, नारियल के दूध, दही या पानी के साथ मिलाकर पेस्ट बनाया जा सकता है, जिससे इसे करी और स्टू में आसानी से मिलाया जा सकता है। गरम मसाला खाना पकाने की शुरुआत में डाला जाता है या अंत में छिड़का जाता है ताकि स्वाद और भी बेहतर हो। इसका उपयोग मांस पर सूखे मसाले के रूप में या मैरिनेट करने में भी किया जा सकता है।
गरम मसाले को 'गरम' क्यों कहते हैं
मशहूर शेफ रनवीर बरार अपने एक वीडियो में इस बात का खुलासा करते हैं कि गरम मसाले को गरम क्यों कहते हैं ?
उनके मुताबिक, 'गरम मसाले को गरम मसाला इसलिए नहीं कहते क्योंकि उसमें मसालों को गर्म किया जाता है या गर्म खाने में डाला जाता है। बल्कि, इसलिए कहते हैं क्योंकि गरम मसाले में पड़ने वाले मसालों की तासीर गर्म होती है। ये वो मसालों का मिक्स था जो सर्दियों में खाया जाता था गर्मी देने के लिए बाद में साल बीतने के साथ कोई भी मिर्च-मसाला गरम मसाला हो गया और हर घर का अपना एक अलग गरम मसाला होने लगा।'
डिस्क्लेमर: इस खबर में दी गई जानकारी सोशल मीडिया और रिपोर्ट्स में किए गए दावों पर आधारित है। इंडिया टीवी किसी भी प्रकार के दावे की प्रमाणिकता की पुष्टि नहीं करता है।
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