Viral Video : एक अमेरिकी महिला के वायरल वीडियो ने ऑनलाइन बहस छेड़ दी है, जिसमें उसने व्यस्त भारतीय सड़कों और अमेरिकी के शांत मोहल्लों के बीच अंतर को बताया है। महिला ने यह भी कहा कि कई भारतीय अक्सर यह सोचते रह जाते हैं, "बाकी लोग कहां हैं?" यह वीडियो क्रिस्टन फिशर नाम की एक अमेरिकी क्रिएटर ने पोस्ट किया था, जिसमें उन्होंने बताया कि भारत से आने वाले लोगों के लिए अमेरिका में रोजमर्रा की जिंदगी कितनी अलग दिख सकती है, जहां सड़कें, बाजार और सार्वजनिक स्थान आमतौर पर दिन के लगभग हर घंटे चहल-पहल से भरे रहते हैं।
इंस्टाग्राम पर वीडियो वायरल
इस वीडियो को इंस्टाग्राम पर @kristenfischer3 नामक हैंडल से शेयर किया गया है। वीडियो में फिशर ने एक खाली अमेरिकी मोहल्ले की सड़क दिखाई और बताया कि बाहर की खामोशी और लोगों की कमी भारतीयों को अक्सर क्यों हैरान कर देती है। उन्होंने कहा, "अमेरिका में एक मोहल्ला ऐसा दिखता है। और जैसा कि आप देख सकते हैं, यहां कोई नहीं है। भारत से आने वाले किसी भारतीय के लिए यह देखना बहुत ही आश्चर्यजनक होगा, क्योंकि भारत में हर समय हर जगह लोग ही लोग होते हैं और जब आप यहां आते हैं तो यहां कोई नहीं होता। मैं कई ऐसे भारतीयों को जानती हूं जो अमेरिका आए हैं, और वे कहते हैं, लोग कहां हैं? लोग यहां बाहर नहीं निकलते। आपको यहां कभी भी लोगों को भारत की तरह घूमते-फिरते नहीं दिखेंगे।'
वजह सुनकर भारत के लोगों को लगेगा झटका
वीडियो के साथ दिए गए कैप्शन में सांस्कृतिक अंतर को विस्तार से समझाया गया। फिशर ने बताया कि यह अंतर जनसंख्या के आकार से नहीं, बल्कि अमेरिका में जीवनशैली की आदतों और कारों पर निर्भरता से जुड़ा है। लिखा गया कि, 'यह एक बहुत बड़ा सांस्कृतिक झटका होगा। भारत में आप कहीं भी जाएं आपको हमेशा लोग मिलेंगे। पैदल चलने वाले लोग, काम करने वाले लोग, दुकानें चलाने वाले लोग, या बस बाहर बैठे हुए लोग। अमेरिका में ज्यादातर समय सड़कें बिल्कुल सुनसान दिखती हैं। और इसका जनसंख्या से कोई लेना-देना नहीं है। यह ड्राइविंग संस्कृति की वजह से है। यहां हर कोई हर जगह गाड़ी से जाता है, इसलिए वे शायद ही कभी बाहर बिना गाड़ी के दिखते हैं।'
यूजर्स ने दी प्रतिक्रिया
यह वीडियो ऑनलाइन तेजी से वायरल हो रहा है और कई यूजर्स ने पश्चिम में जीवन के अनुकूल होने के अपने अनुभवों को साझा किया। एक ने लिखा कि, 'अमेरिका में रहते हुए मुझे ठीक यही चीज़ याद आती है। लोग... हर मोहल्ला हमें कब्रिस्तान जैसा लगता है।' दूसरे ने कहा कि, 'मैं 2010 में अटलांटा आया था और इससे पहले मैं भारत में एक अपेक्षाकृत शांत और एकांत इलाके में रहता था। फिर भी, पहले हफ्ते तक मुझे नींद नहीं आई क्योंकि वहां इतनी अविश्वसनीय शांति थी कि मुझे उसकी आदत नहीं थी। अब तो बिल्कुल उल्टा है। मेरी बिल्ली के मेरे बेडरूम के पास से गुजरने पर भी मेरी नींद खुल जाती है।' तीसरे ने कहा कि, 'मेरे सभी भारतीय दोस्तों के बीच यह सबसे बड़ा सांस्कृतिक झटका है… सारे लोग कहां हैं?? बहुत अकेलापन महसूस हो रहा है lol.' एक यूजर ने लिखा कि, 'हां, जब मैं अमेरिका आई तो शुरुआत में मुझे मुश्किल हुई। मुझे अकेलापन महसूस हुआ और खासकर सर्दियों में बहुत उदासी छा जाती थी। लेकिन अब मुझे इसकी आदत हो गई है। सच कहूँ तो मुझे अपना एकांत अच्छा लगता है।'
डिस्क्लेमर: इस खबर में दी गई जानकारी सोशल मीडिया और रिपोर्ट्स में किए गए दावों पर आधारित है। इंडिया टीवी किसी भी प्रकार के दावे की प्रमाणिकता की पुष्टि नहीं करता है।
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