Viral Video : बेंगलुरु की भयंकर ट्रैफिक जाम और खराब सड़कों से तंग आकर एक युवती ने अपने दोस्त के साथ नाश्ता करने के लिए 12 किलोमीटर की दौड़ लगाई। सोशल मीडिया पर शेयर किया गया उनका वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। महिला ने इंस्टाग्राम पर एक वीडियो साझा किया है जिसमें सरजापुर से महादेवपुरा तक की उनकी यात्रा दिखाई गई है, और पैदल शहर में घूमने की चुनौतियों की झलक मिलती है।
इंस्टाग्राम पर शेयर किया वीडियो
इस वीडियो को इंस्टाग्राम पर itti_explores नामक हैंडल से शेयर किया गया है। वीडियो में वो कहती हैं, 'मैं सरजापुर में रहती हूं, मेरी सबसे अच्छी दोस्त बागमाने गूगल में काम करती है, इसलिए वो महादेवपुरा में रहती है। मुझे उससे मिलने का ज़्यादा मौका नहीं मिलता, जो बहुत नाइंसाफी है। इसलिए आज मैं सरजापुर से महादेवपुरा तक दौड़ लगाने जा रही हूँ और उसके साथ नाश्ता करने की कोशिश करूंगी। सुबह के 6 बज रहे हैं, किसी को पता नहीं है कि मैं ऐसा कर रही हूँ। वो सो रही है, मेरे पति भी सो रहे हैं। देखते हैं कि मैं ये कर पाती हूँ या नहीं।' वह लिखती हैं, 'झील के पास से गुजरते हुए 1 किलोमीटर। 2 किलोमीटर आगे, मणिपाल अस्पताल। यह आसान नहीं है, मेरी हृदय गति लगातार 174 तक पहुंच रही है, मेरे पेट में दर्द हो रहा है। गति बहुत धीमी होने वाली है, लेकिन चाहे हम पैदल ही चलें, हमें पहुंचना ही होगा।'
यातायात, धूल और फुटपाथों का अभाव
जैसे-जैसे दौड़ आगे बढ़ती है, चुनौतियां और स्पष्ट होती जाती हैं। महिला बताती है कि, 'सेसना बिजनेस पार्क। मेघना मराठाहल्ली! 8 किलोमीटर, लेकिन अब ट्रैफिक बढ़ गया है, धूल बढ़ गई है। मुझे चश्मा पहनना चाहिए था। फ्लाईओवर पर चढ़ाई चढ़ी। 10 किलोमीटर पूरे हो गए, 2 किलोमीटर बाकी हैं। ठीक है, अब मुझे सड़क पार करके मुख्य सड़क पर जाना होगा। आखिरी दो किलोमीटर ऐसे ही, फुटपाथ नहीं है। रेनबो चिल्ड्रन्स हॉस्पिटल। मैं मुख्य सड़क पर दौड़ती रही, एकदम ट्रैफिक वाली मुख्य सड़क पर। ये तो नाकामयाबी थी। मैं उसके घर 7:45 बजे पहुंची। वो पहले से ही ऑफिस में थी क्योंकि वो ड्यूटी पर थी। गूगल में काम करने वाले लोग बहुत काम करते हैं। गूगल में काम करने वालों से दोस्ती मत करो!' वीडियो को इस कैप्शन के साथ शेयर किया गया, 'बेंगलुरु की सड़कों पर ताकेशी कैसल खेला। मैं बिल्कुल नौसिखिया हूं, इसलिए इसे अपलोड करने को लेकर थोड़ा संशय में था। कृपया नरमी बरतें। मुझे नहीं पता कि इसे सफल प्रयास कहना चाहिए या नहीं।'
यूजर्स ने दी प्रतिक्रियाएं
इस वीडियो को लेकर यूजर्स की तरफ से कई प्रतिक्रियाएं आई हैं। एक यूजर ने लिखा, 'यह बिल्कुल सच है, बेंगलुरु की सड़कें पैदल चलने वालों के लिए नहीं बनी हैं।' दूसरे ने कहा, 'आपकी हिम्मत तो वाकई सराहनीय है, लेकिन ट्रैफिक की परेशानी उससे भी ज्यादा गंभीर है।' तीसरे यूजर ने लिखा कि, 'आपने वाकई यह कोशिश की, आपके प्रयास को सलाम।' एक और यूजर ने कहा, 'यह काफी थकाने वाला लग रहा है, खासकर धूल और फुटपाथ न होने की वजह से।' एक अन्य यूजर ने कहा, 'सिर्फ बेंगलुरु में ही एक साधारण सी जॉगिंग भी इस तरह के रोमांच में बदल सकती है।'
डिस्क्लेमर: इस खबर में दी गई जानकारी सोशल मीडिया और रिपोर्ट्स में किए गए दावों पर आधारित है। इंडिया टीवी किसी भी प्रकार के दावे की प्रमाणिकता की पुष्टि नहीं करता है।
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