A
  1. Hindi News
  2. पश्चिम बंगाल
  3. बीजेपी सत्ता में आई तो बनेगा अलग 'गोरखालैंड'? अमित शाह ने बंगाल में जनता को बताई पूरी बात

बीजेपी सत्ता में आई तो बनेगा अलग 'गोरखालैंड'? अमित शाह ने बंगाल में जनता को बताई पूरी बात

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने पश्चिम बंगाल रैली में कहा कि बीजेपी सत्ता में आई तो गोरखालैंड मुद्दा राज्य विभाजन के बिना संवैधानिक तरीके से हल किया जाएगा। उन्होंने रैली के दौरान पश्चिम बंगाल की तृणमूल सरकार पर जमकर निशाना साधा।

Amit Shah West Bengal rally, Gorkhaland issue BJP solution, West Bengal assembly elections 2026- India TV Hindi
Image Source : PTI पश्चिम बंगाल में रैली के दौरान केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह।

गंगारामपुर/मानिकचक: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मंगलवार को कहा कि अगर भारतीय जनता पार्टी पश्चिम बंगाल में सत्ता में आती है, तो दार्जिलिंग पहाड़ियों में रहने वाले गोरखा समुदाय की समस्या का समाधान राज्य का विभाजन किए बिना संवैधानिक तरीके से किया जाएगा। दक्षिण दिनाजपुर जिले के गंगारामपुर में एक चुनावी जनसभा को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि बीजेपी अपने घोषणापत्र में उत्तर बंगाल के विकास के लिए कई योजनाएं लेकर आई है।

'संवैधानिक तरीके से गोरखा मुद्दे का समाधान होगा'

शाह ने कहा, 'मैं दार्जिलिंग के अपने गोरखा भाइयों से कहना चाहता हूं कि सत्ता में आने पर बीजेपी न केवल पहाड़ियों में एक पर्यावरण-अनुकूल रोमांचक खेल केंद्र विकसित करेगी, बल्कि राज्य को विभाजित किए बिना संवैधानिक तरीके से गोरखा मुद्दे का समाधान भी करेगी।' दार्जिलिंग की पहाड़ियों में रहने वाले नेपाली भाषी गोरखा समुदाय की लंबे समय से मांग रही है कि अलग राज्य 'गोरखालैंड' बनाया जाए। यह आंदोलन कई बार हिंसक भी हुआ है।

'चुनावों के बीच गोरखालैंड की मांग फिर से चर्चा में'

बता दें कि इस समस्या के समाधान के लिए 2011 में अर्ध-स्वायत्त संस्था गोरखालैंड टेरिटोरियल एडमिनिस्ट्रेशन यानी कि GTA बनाया गया था, लेकिन इसके बावजूद 2017 तक समय-समय पर आंदोलन और हिंसा होती रही। इस क्षेत्र में गोरखा जनमुक्ति मोर्चा और गोरखा नेशनल लिबरेशन फ्रंट जैसी पार्टियों के साथ-साथ भाजपा और तृणमूल कांग्रेस जैसी बड़ी पार्टियों की राजनीति भी लगातार बदलती रही है। इस समय पश्चिम बंगाल में चुनावी माहौल के बीच गोरखालैंड की मांग फिर से चर्चा में है।

'घुसपैठियों को प्राथमिकता के आधार पर बाहर करेंगे'

अप्रैल में होने वाले विधानसभा चुनाव में तृणमूल कांग्रेस ने बिमल गुरुंग के गुट से अलग हुए अनित थापा के नेतृत्व वाले भारतीय गोरखा प्रजातांत्रिक मोर्चा के साथ गठबंधन किया है और दार्जिलिंग, कालिम्पोंग और कुर्सियांग की सीटें अपने सहयोगी दल को दी हैं। वहीं, बीजेपी इस बार अपने पूर्व सहयोगी बिमल गुरुंग के साथ फिर से जुड़ी है और क्षेत्र में सीधे चुनावी मैदान में है। सभा में अमित शाह ने पश्चिम बंगाल में घुसपैठ के मुद्दे को भी उठाया और कहा कि बीजेपी राज्य में 'राजनीतिक हिंसा, सिंडिकेट और रिश्वतखोरी' को खत्म करेगी और घुसपैठियों को प्राथमिकता के आधार पर बाहर करेगी।

'EVM के बटन को इतनी जोर से दबाएं जिससे...'

शाह ने कहा, 'उत्तर बंगाल में कमल के चिह्न के बगल में स्थित EVM के बटन को इतनी जोर से दबाएं जिससे पूरे भारत में घुसपैठिए बिजली का झटका महसूस कर सकें।' शाह पिछले कुछ हफ्तों से पश्चिम बंगाल का लगातार दौरा कर रहे हैं और 23 अप्रैल को होने वाले मतदान से पहले कई रैलियां कर चुके हैं। उत्तर बंगाल के जिलों में 23 अप्रैल को वोटिंग होगी। इसी दौरान उन्होंने कहा कि भाजपा राज्य से दूसरे राज्यों को आलू की आपूर्ति की अनुमति देगी ताकि किसानों को उनकी फसल का सही दाम मिल सके।

'भाजपा मस्जिद का निर्माण नहीं होने देगी'

शाह ने बीजेपी के घोषणापत्र के वादों को दोहराते हुए कहा कि उत्तर बंगाल में एम्स, 600 बिस्तर वाला कैंसर अस्पताल, IIT, IIM और एक खेल विश्वविद्यालय स्थापित किया जाएगा। इसके साथ ही राजबंशी भाषा को संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल करने का भी वादा किया गया है। मानिकचक में एक अन्य जनसभा में उन्होंने कहा, 'हुमायूं कबीर मेरी बात कान खोलकर सुन लें कि भाजपा मस्जिद का निर्माण नहीं होने देगी। ममता बनर्जी और उनके भतीजे को भी यह पता होना चाहिए कि पांच मई को, मतगणना के एक दिन बाद, उस मस्जिद को बनाने का उनका सपना चकनाचूर हो जाएगा।'

'हुमायूं कबीर तृणमूल कांग्रेस के एजेंट हैं'

केंद्रीय गृह मंत्री ने यह भी आरोप लगाया कि हुमायूं कबीर मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस के 'एजेंट' हैं और उनकी गतिविधियों पर सवाल उठाए। गौरतलब है कि मुर्शिदाबाद के भरतपुर से पूर्व विधायक हुमायूं कबीर को पिछले साल तृणमूल कांग्रेस ने बाबरी मस्जिद की तर्ज पर मस्जिद निर्माण की घोषणा के बाद निलंबित कर दिया था। इसके बाद उन्होंने अपनी अलग पार्टी बनाकर चुनाव लड़ना शुरू किया। अंत में शाह ने यह भी कहा कि पश्चिम बंगाल के किसानों को आलू का बेहतर दाम दिलाने के लिए अन्य राज्यों को आपूर्ति की सुविधा दी जाएगी और राज्य के विकास के लिए कई बड़े संस्थान स्थापित किए जाएंगे।