A
  1. Hindi News
  2. पश्चिम बंगाल
  3. बंगालः क्लास में छाता लगाकर पढ़ते दिखे स्टूडेंट्स, बीजेपी नेता ने वीडियो शेयर कर ममता बनर्जी पर बोला हमला

बंगालः क्लास में छाता लगाकर पढ़ते दिखे स्टूडेंट्स, बीजेपी नेता ने वीडियो शेयर कर ममता बनर्जी पर बोला हमला

बीजेपी नेता अमित मालवीय ने एक वीडियो शेयर कर पश्चिम बंगाल की सरकार पर निशाना साधा है। वीडियो में कुछ बच्चे क्लास में छाता लेकर पढ़ते दिख रहे हैं। बीजेपी नेता का दावा है कि यह वीडियो हुगली जिले के एक सरकारी स्कूल का है।

क्लास में छाता लगाकर पढ़ते दिखे स्टूडेंट्स- India TV Hindi
Image Source : X@AMITMALVIYA क्लास में छाता लगाकर पढ़ते दिखे स्टूडेंट्स

नई दिल्लीः बीजेपी आईटी सेल के चेयरमैन और पश्चिम बंगाल के सह-प्रभारी अमित मालवीय ने अपने एक्स हैंडल से एक वीडियो शेयर कर पश्चिम बंगाल सरकार पर हमला बोला है। बीजेपी नेता की तरफ से शेयर किए गए वीडियो में दिख रहा है कि कई छात्र कक्षा में छाता लगाकर पढ़ाई कर रहे हैं। टीचर भी छाता लगाकर बच्चों को पढ़ा रहा है। हालांकि इंडिया टीवी इस वीडियो के सत्यता की पुष्टि नहीं करता। 

बीजेपी नेता का दावा- हुगली के सरकारी स्कूल का है वीडियो

अमित मालवीय ने वीडियो शेयर कर एक्स पर कहा कि कितनी शर्म की बात है! पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी के "शिक्षा मॉडल" की यह दुखद सच्चाई है। हुगली जिले में 5 से 10 वर्ष की आयु के 68  छात्रों को छतरी पकड़कर कक्षाओं में बैठने के लिए मजबूर किया जा रहा है। क्योंकि स्कूल की टूटी हुई छत से बारिश का पानी टपक रहा है। 

मालवीय ने कहा कि बंगाल के स्कूल के बुनियादी ढांचे पर खर्च किए जाने का दावा किए गए हजारों करोड़ कहां हैं?  बहुप्रचारित "बांग्ला शिक्षा" कहां है? जब सरकार तुष्टिकरण और फोटो खिंचवाने में व्यस्त है तो बंगाल के बच्चे यही झेल रहे हैं। 

छत से टपक रहा है बारिश का पानी

बीजेपी नेता का कहना है कि उपेक्षा के कारण हुगली जिले के एक सरकारी प्राथमिक विद्यालय के छात्रों को मानसूनी बारिश के कारण छत से टपकते पानी के कारण अपने कक्षा के अंदर छाता लेकर कक्षाओं में जाने के लिए मजबूर होना पड़ा है। टूटी-फूटी कक्षाओं के कारण बच्चों को छाते के नीचे रहना पड़ रहा है। वीडियो में दिल दहला देने वाला दृश्य दिखाई दे रहा है। बच्चे छाते के नीचे एक साथ बैठे हैं,  वे नोटबुक पकड़े हुए हैं और छत से लगातार बारिश का पानी टपक रहा है।

स्कूल की बिल्डिंग हो चुकी है जर्जर

बताया जा रहा है कि 1972 में स्थापित इस विद्यालय में पिछले दो वर्षों में रखरखाव की कमी के कारण चार में से तीन कक्षाएं जर्जर हो गई हैं। शेष कमरे भी खतरनाक और जीर्ण-शीर्ण अवस्था में हैं। इसके बाद भी कक्षाएं जारी हैं। फिलहाल इस मामले में आधिकारिक तौर पर किसी अधिकारी या सरकार से जुड़े किसी शख्स का बयान सामने नहीं आया है।