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ममता बनर्जी को हराना जरूरी था, जनता ने हिंदू विरोधी सरकार को उखाड़ फेंका: शुभेंदु अधिकारी

शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि बंगाल की जनता ने कुशासन, भ्रष्टाचार और हिंदू विरोधी सरकार को उखाड़ फेंका है। उन्होंने दावा किया कि अब राज्य में तुष्टीकरण की राजनीति का अंत होगा।

शुभेंदु अधिकारी- India TV Hindi
Image Source : FILE (ANI) शुभेंदु अधिकारी

पश्चिम बंगाल में बीजेपी ने ऐतिहासिक जीत हासिल की है। चुनाव परिणाम के बाद बीजेपी नेता शुभेंदु अधिकारी ने ममता बनर्जी और तृणमूल कांग्रेस पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि यह जनता की जीत है। उन्होंने कुशासन, भ्रष्टाचार और हिंदू विरोधी सरकार को उखाड़ फेंका है। उन्होंने इन्हें जड़ से उखाड़ फेंका है।

"राहुल, तेजस्वी, ममता बनर्जी का खेल खत्म"

उन्होंने कहा, "मैं पार्टी कार्यकर्ताओं का आभार व्यक्त करता हूं, उन्हें साथ लेकर चलूंगा, उनकी अपेक्षाओं को पूरा करूंगा, महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करूंगा। तुष्टीकरण की राजनीति का अंत होगा। जिस तरह टीएमसी ने चुनाव के बाद हिंसा की, हम वैसा नहीं करेंगे... केवल कानूनी कार्रवाई होगी। वे (विपक्षी नेता) हारने के बाद ही बोलते हैं... राहुल गांधी, तेजस्वी यादव, ममता बनर्जी का खेल खत्म हो गया है, अखिलेश यादव का भी खेल खत्म हो जाएगा। भवानीपुर में सीपीएम के मतदाताओं ने मुझे वोट दिया। पूरे हिंदू समुदाय ने एकजुट होकर मुझे वोट दिया। मैं यही कहता आ रहा था... ममता बनर्जी को हराना जरूरी था, भवानीपुर की जनता ने जो किया वह आवश्यक था।"

बंगाल में बीजेपी को दो-तिहाई से अधिक बहुमत

बीजेपी ने पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में सोमवार को 206 सीटें जीतकर दो-तिहाई से अधिक बहुमत हासिल कर इतिहास रच दिया और तृणमूल कांग्रेस के 15 साल के शासन का अंत कर दिया। पश्चिम बंगाल की 294 सदस्यीय विधानसभा में बहुमत का आंकड़ा 148 है। हालांकि, फाल्टा में मतदान रद्द होने के कारण 293 निर्वाचन क्षेत्रों के मतों की गिनती हुई और इस वजह से फिलहाल बहुमत का आंकड़ा 147 है। 

पश्चिम बंगाल में बीजेपी ने सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस के पारंपरिक गढ़ों में सेंध लगाई और शहरी एवं ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में अपना जनाधार बढ़ाया। इस जीत के साथ, भाजपा राज्य में पहली बार सरकार बनाएगी। निर्वाचन आयोग के ताजा आंकड़ों के मुताबिक, बीजेपी ने 206 सीटें जीत लीं हैं, जबकि तृणमूल कांग्रेस ने 80 सीट पर जीत दर्ज की है और एक सीट पर बढ़त बनाए हुए है। 

वर्ष 2011 में लगभग चार प्रतिशत के मामूली वोट शेयर से, भाजपा 2019 में लगभग 40 प्रतिशत तक पहुंच गई और फिर 2021 के विधानसभा चुनावों में 77 सीटें हासिल करके वामपंथी और कांग्रेस को पछाड़ते हुए टीएमसी के प्रमुख प्रतिद्वंद्वी के रूप में उभरी।

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