पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में करारी हार के बाद TMC में अंदरूनी कलह दिखने लगी है। दरअसल, बीते मंगलवार को हुई आंतरिक बैठक में TMC विधायकों में अभिषेक बनर्जी को लेकर असहमति दिखाई दी, क्योंकि 21 मई को फाल्टा सीट पर होने वाले मतदान से पहले ही पार्टी के कैंडिडेट जहांगीर खान ने अचानक अपना नाम वापस ले लिया, जो टीएमसी के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी के करीबी माने जाते हैं। इस मीटिंग में जहांगीर खान की वजह से अभिषेक बनर्जी के नेतृत्व पर भी सवाल उठे।
TMC उम्मीदवार के नाम वापस लेने पर लगाई क्लास
सूत्रों के मुताबिक, कालीघाट में हुई इस मीटिंग में TMC मुखिया ममता बनर्जी और अभिषेक बनर्जी दोनों मौजूद थे। मीटिंग में TMC विधायकों ने फाल्टा में अचानक हुए इस सियासी उथल-पुथल और पार्टी के संगठनात्मक गतिविधियों को लेकर सवाल उठाए।
ममता और अभिषेक बनर्जी के सामने ही पूछे कड़े सवाल
पार्टी सूत्रों के मुताबिक, कोलकाता के 2 और हावड़ा के 1 विधायक ने जहांगीर खान के नाम वापस लेने को लेकर TMC की मीटिंग में सवाल उठाए। इत्तेफाक से, ये तीनों ही विधायक कालीघाट की मीटिंग में एक ही गाड़ी में सवार होकर पहुंचे थे। विधायकों ने मीटिंग में ममता बनर्जी और अभिषेक बनर्जी के सामने ही पूछा कि जब जहांगीर खान ने मतदान से 2 दिन पहले अपना नाम वापस ले लिया, तो उनके खिलाफ पार्टी ने अनुशासनात्मक कार्रवाई क्यों नहीं की।
जहांगीर को तो बड़े नेताओं का समर्थन, फिर क्यों चुनाव से हटे?
विधायक, अपनी कुछ टिप्पणियों में अभिषेक बनर्जी पर परोक्ष रूप से निशाना साधते नजर आए, क्योंकि फाल्टा विधानसभा सीट, अभिषेक की डायमंड हार्बर लोकसभा क्षेत्र में ही आती है। विधायकों ने यह प्रश्न भी पूछा कि जहांगीर, जिन्हें कथित रूप से काफी संगठनात्मक समर्थन मिला हुआ है, जिनकी बड़े नेताओं से नजदीकी है, उन्होंने चुनाव से हटने का निर्णय क्यों किया।
मीटिंग में नहीं पहुंचे TMC के करीब 15 विधायक
बैठक में TMC विधायकों की मौजूदगी को लेकर भी चिंता है। पार्टी सूत्रों के मुताबिक, करीब 15 पार्टी विधायक गैरमौजूद रहे। कई विधायकों ने खराब सेहत का हवाला दिया, तो वहीं मालदा के एक विधायक ने पार्टी लीडरशिप को कथित तौर पर सूचना दी कि वह किसी काम के सिलसिले में दिल्ली आए हुए हैं।
(इनपुट- भाषा)
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