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पश्चिम बंगाल: बर्धमान में TMC नेता का हंगामा, नोक-झोंक के बाद BJP नेता को छोड़ना पड़ा इलाका

West Bengal BJP Vs TMC: बर्धमान में BJP के कार्यक्रम के दौरान पार्टी के जिला अध्यक्ष को विरोध का सामना करना पड़ा। उन्हें कथित रूप से धमकी मिलने के बाद मौके से जाना पड़ा। BJP ने TMC नेताओं पर हंगामे के आरोप लगाए हैं।

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Image Source : REPORTERS INPUT बर्धमान में भारतीय जनता पार्टी और तृणमूल कांग्रेस के कार्यकर्ताओं की नोक-झोंक।

West Bengal Politics: पश्चिम बंगाल में बर्धमान के नीलपुर इलाके में BJP के प्रचार कार्यक्रम को लेकर तीखा राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है। BJP सूत्रों का दावा है कि पूर्व भाजपा युवा नेता और वर्तमान तृणमूल नेता श्यामल राय की तरफ से कथित ‘धमकी’ दिए जाने के बाद BJP जिला अध्यक्ष अभिजीत को इलाके से हटना पड़ा। घटना के बाद क्षेत्र में तनाव फैल गया और एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। हालांकि, वीडियो की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है।

BJP ने लगाया खुलेआम धमकी का आरोप

BJP का आरोप है कि प्रचार के दौरान तृणमूल नेता की मौजूदगी में खुलेआम धमकी का माहौल बनाया गया, जिससे स्थिति असहज हो गई और जिला अध्यक्ष को वहां से जाना पड़ा। वहीं, तृणमूल नेता श्यामल राय ने सभी आरोपों से इनकार किया है। उनका कहना है, 'कहीं कोई धमकी नहीं दी गई। इलाके के आम लोगों ने भाजपा जिला अध्यक्ष से कुछ सवाल पूछे थे, हम भी उस समय मौजूद थे।'

TMC नेता ने किया पलटवार

उन्होंने आगे कहा कि 2021 और 2024 के चुनाव में इस इलाके के लोगों ने BJP को वोट दिया था। दक्षिण विधानसभा क्षेत्र में भाजपा को 82 हजार 915 वोट मिले थे, लेकिन उसके बाद क्षेत्र में उनकी सक्रियता नजर नहीं आई। इसी को लेकर लोगों ने सवाल उठाए।

विभाजन की राजनीति करके भड़काने का आरोप

श्यामल राय का आरोप है कि चुनाव से पहले ‘हिंदू-हिंदू भाई-भाई’ जैसे नारों के जरिए विभाजन की राजनीति की जा रही है, जिस पर स्थानीय लोगों ने नाराजगी जताई। उनके मुताबिक, सवालों का संतोषजनक जवाब न दे पाने के कारण भाजपा नेता वहां से चले गए।

स्थानीय लोगों ने जताया विरोध

इस बीच, तृणमूल के प्रवक्ता देवु टुडू ने कहा कि भाजपा नेता चुनाव से पहले लोगों को भ्रमित करने की कोशिश कर रहे हैं। उनका दावा है कि स्थानीय लोगों ने विरोध जताते हुए पूछा कि भाजपा नेता पूरे साल नजर नहीं आते और सिर्फ चुनाव के समय क्यों आते हैं। जवाब न दे पाने के कारण वे वहां से चले गए।

हालांकि, इस पूरे घटनाक्रम पर भाजपा की तरफ से आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं मिल सकी है। चुनाव से पहले इस घटना ने बर्धमान की सियासी फिजा को और गर्म कर दिया।

(इनपुट- संतोष कुमार मंडल)

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