SIR को लेकर चुनाव आयोग और बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी आमने सामने हैं। चुनाव आयोग ने आरोप लगाया है कि बंगाल में ममता बनर्जी, उनकी सरकार और पार्टी SIR के खिलाफ साजिश के तहत भ्रम फैला रही हैं। इलेक्शन कमीशन के अफसरों के खिलाफ हिंसा का माहौल बनाया जा रहा है। अधिकारियों को धमकाया जा रहा है और SIR की प्रक्रिया में ख़लल डाला जा रहा है। चुनाव आयोग ने कहा कि खुद मुख्यमंत्री ममता बनर्जी लोगों को चुनाव आयोग के खिलाफ भड़का रही हैं।
बंगाल में चुनाव आयोग के अधिकारियों पर हमले
असल में SIR को लेकर तृणमूल कांग्रेस की तरफ से सुप्रीम कोर्ट में पेटिशन फाइल की है। इसके जवाब में चुनाव आयोग ने एफिडेविट फाइल किया है। इसमें चुनाव आयोग ने आरोप लगाया है कि जिन 12 राज्यों में SIR हो रहा है उनमें से अकेला बंगाल ही है, जहां इलेक्शन कमीशन के काम में सबसे ज्यादा दखलंदाजी हो रही है। बंगाल में चुनाव आयोग के अधिकारियों पर हमले हो रहे हैं, उनके खिलाफ FIR दर्ज की जा रही हैं।
आयोग ने अपने एफिडेविट में कहा कि ममता बनर्जी खुद अपने भाषणों में SIR और चुनाव आयोग को टारगेट करती हैं। उनकी पार्टी के नेता भी चुनाव अधिकारियों को धमकी दे रहे हैं। हैरानी की बात ये है कि इलेक्शन कमीशन ने जो बात सुप्रीम कोर्ट में कही, वो ग्राउंड पर भी दिखाई दी।
ममता के MLA ने चुनाव आयोग को क्या धमकी दी?
तृणमूल कांग्रेस के एक विधायक ने चुनाव आयोग को हजारों लोगों के सामने पब्लिकली खुली धमकी दी। मुर्शिदाबाद की फ़रक्का सीट से TMC विधायक मोनिरुल इस्लाम ने कहा कि अगर चुनाव आयोग ने मुसलमानों के वोट काटे तो वो इलेक्शन कमिश्नर को छोड़ेंगे नहीं, पाताल से भी खोज निकालेंगे और डंडे से उनका इलाज करेंगे। मोनिरुल इस्लाम ने लोगों से कहा कि अब छोटे डंडे में पार्टी का झंडा लगाने से काम नहीं चलेगा। अब झंडे में लाठी लगानी पड़ेगी और जब जरूरत पड़े तो लाठी चलानी पडे़गी।
सुप्रीम कोर्ट का ऑर्डर मिलते ही एक्शन में चुनाव आयोग
वहीं, अब सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद चुनाव आयोग तुरंत एक्शन मोड में आ गया है। माननीय सर्वोच्च न्यायालय के आदेशों के अनुसार, ईसीआई ने पश्चिम बंगाल के DGP, कोलकाता के पुलिस आयुक्त, सभी जिला कलेक्टरों, अन्य सभी पुलिस आयुक्तों और सभी एसपी को SIR के दौरान सख्त कानून व्यवस्था सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने पश्चिम बंगाल के सभी नागरिकों को आश्वासन दिया है कि किसी को भी कानून अपने हाथ में लेने की अनुमति नहीं दी जाएगी और ऐसे सभी मामलों में सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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