India TV News Desk
Published : Apr 04, 2017 06:11 pm IST, Updated : Apr 04, 2017 06:35 pm IST
ISIS पूरी दुनिया से अपने लड़ाके चुनता है। अभी तक इस आतंकी संगठन ने 90 से ज्यादा देशों से अपने लड़ाकों की भर्ती की है।
isis
आईएसआईएस एक जिहादी समूह है जो इराक के साथ ही सीरिया में सक्रिय रहा है और यह अलकायदा से भी बेहद खतरनाक आतंकी समूह माना जाता है। दरअसल इराक के तिकरीत और मोसूल शहर में कब्जा करने के साथ ही इस्लामिक स्टेट ऑफ इराक एंड अल शाम (isis) 2014 में सबसे अधिक चर्चा में रहा तब से लेकर आज तक इन इलाकों में उसकी दहशत और खौफनाक आतंक का दौर जारी है। सीरिया के कई इलाकों से आईएसआईस का खात्मा करने या उसे कमजोर करने में सफलता कुछ हद तक सफलता भी मिली है,लेकिन जंग का दौर अभी भी जारी है।
2013 में आईएसआईएस के आतंक की दहशत का दौर शुरु हुआ
दरअसल अप्रैल 2013 में इसका गठन होने के साथ ही ईरानी अलकायदा समूह से अलग होकर इसने अपनी एक अलग और खौफनाक आतंकी समूह के रूप में अपनी पहचान बनाई। इसने ना केवल इराक पर अपनी पकड़ बनाई बल्कि सीरिया में यह तबाही का सबसे बड़ा कारण बन गया,वहां यह सरकारी सैन्य क्षमता के खिलाफ लड़ने वाला प्रमुख समूह बन गया।
आखिर कैसे ताकतवर बना आईएसआईएस और क्यों इसे अलकायदा से भी खतरनाक माना गया ?
माना जाता है कि अलकायदा के चीफ जवाहिरी ने आईएसआईस के चीफ अबु अल बगदादी और उनके लड़ाकों को सीरिया को छोड़ने और इराक पर फोकस करने के लिए फरमान सुनाया था लेकिन आईएसआईएस ने इस मांग को ठुकरा दिया था। आईएसआईएस अपनी बातों को मनवाने के लिए और दुनिया में अपनी दहशत कायम करने के लिए जिन तरीकों का प्रयोग करता है वह अलकायदा से भी खतरनाक मानें जाते हैं। दरअसल आईएसआईएस की सफलता में इराक के राक्का शहर में कब्जे का बहुत बड़ा योगदान है और उसके बाद इराक के फालूजा शहर में कब्जे से यह और भी मजबूत हुआ।