अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से पोप को लेकर दिए गए बयान के बाद अब पोप लियो की प्रतिक्रिया भी सामने आ गई है। पोप लियो 14वें ने शनिवार को एक यात्रा के दौरान कहा कि वह ईरान युद्ध के बारे में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ बहस करने के कतई इच्छुक नहीं हैं। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि वह शांति का संदेश देना जारी रखेंगे। बता दें कि पोप लियो कैमरून से अंगोला की यात्रा कर रहे थे। इस दौरान अपने विशेष विमान में पत्रकारों से बात करते हुए पोप लियो ने प्रतिक्रिया दी।
ट्रंप को ध्यान में रखकर नहीं दिया था संदेश
पोप लियो ने ट्रंप द्वारा की गई आलोचना का जिक्र करते हुए कहा कि उनका शांति का संदेश खासतौर पर अमेरिकी राष्ट्रपति को ध्यान में रखकर नहीं दिया गया था। उन्होंने कहा, ''एक खास तरह का विमर्श है, जो अपने सभी पहलुओं में सटीक नहीं बैठता है, लेकिन उत्पन्न राजनीतिक स्थिति के कारण अमेरिका के राष्ट्रपति ने मेरे बारे में कुछ टिप्पणियां कीं।''
ट्रंप ने सोशल मीडिया के जरिए की टिप्पणी
बता दें कि डोनाल्ड ट्रंप ने 12 अप्रैल की रात को सोशल मीडिया प्लेटफार्म 'ट्रुथ सोशल' पर पोप की आलोचना की खी। ईरान और अमेरिका-इजराइल के बीच जारी युद्ध के तेज होने पर पोप लियो 14वें ने शांति का संदेश दिया था, जिसकी आलोचना करने के लिए ट्रंप ने सोशल मीडिया का सहारा लिया था। ट्रंप ने पोप लियो पर अपराध के प्रति नरम रुख अपनाने और वामपंथियों के साथ मिलीभगत करने का आरोप लगाया था।
पोप ने ट्रंप की धमकी को अस्वीकार्य बताया
बता दें कि पोप लियो ने लगातार शांति और संवाद की अपील की है और युद्ध के लिए धार्मिक औचित्य के इस्तेमाल की कड़ी निंदा की है। विशेष रूप से, उन्होंने ईरानी सभ्यता को नष्ट करने की ट्रंप की धमकी को ''बिल्कुल अस्वीकार्य'' बताया। पोप लियो 14वें ने कहा कि उनके वे बयान, जिनमें उन्होंने युद्ध और शोषण से पृथ्वी को तबाह करने वाले ''मुट्ठी भर तानाशाहों'' की कड़ी निंदा की थी, ट्रंप द्वारा आलोचना किए जाने से दो सप्ताह पहले लिखे गए थे।
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