वॉशिंगटन/तेहरान: होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर अमेरिका और ईरान के बीच तनाव और बढ़ गया है। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि तेहरान अब अमेरिका को इस अहम समुद्री मार्ग को बंद कर 'ब्लैकमेल' नहीं कर सकता। व्हाइट हाउस के ओवल ऑफिस से बोलते हुए ट्रंप ने कहा, 'ईरान बहुत कमजोर हो चुका है। उनके पास न नौसेना है, न वायुसेना और न ही मजबूत नेतृत्व। वे वर्षों से इस जलडमरूमध्य को बंद करने की कोशिश करते रहे हैं, लेकिन अब ऐसा नहीं कर पाएंगे।'
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सिर्फ 24 घंटे ही खुला रह पाया होर्मुज
बता दें कि इससे पहले ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य को सिर्फ 24 घंटे के लिए खोलने के बाद फिर से उस पर कड़े प्रतिबंध लगा दिए। ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने शनिवार को फिर से नौसैनिक नाकाबंदी लागू कर दी। रिपोर्ट के मुताबिक, शुक्रवार को थोड़े समय के लिए रास्ता खुलने पर एक दर्जन से ज्यादा टैंकर इस मार्ग से गुजरे थे। इनमें कुछ ऐसे जहाज भी शामिल थे, जिन पर पहले प्रतिबंध लगे थे। शनिवार सुबह तक कम से कम 8 टैंकर इस रास्ते से निकले, जिनमें LPG, कच्चा तेल और अन्य पेट्रोलियम उत्पाद ले जाने वाले जहाज शामिल थे।
ईरानी गनबोट्स ने टैंकर पर कर दी फायरिंग
हालांकि यह राहत ज्यादा देर नहीं टिक सकी। ट्रंप ने साफ कर दिया कि जब तक ईरान के साथ परमाणु और सुरक्षा समझौता नहीं होता, तब तक अमेरिकी नौसैनिक नाकाबंदी जारी रहेगी। इसके बाद हालात फिर बिगड़ गए और ईरान ने दोबारा सख्ती बढ़ा दी। स्थिति उस समय और गंभीर हो गई जब ईरानी गनबोट्स ने ओमान के उत्तर-पूर्व में एक टैंकर पर फायरिंग की। रिपोर्ट्स के मुताबिक, जहाज और चालक दल सुरक्षित हैं, लेकिन इस घटना ने तनाव को और बढ़ा दिया।
2 भारतीय जहाजों को भी लौटना पड़ा वापस
इसी दौरान TankerTrackers.com के अनुसार, 2 भारतीय जहाजों को भी फायरिंग के चलते 'स्ट्रेट ऑफ होर्मुज' से वापस लौटना पड़ा। इनमें एक बड़ा सुपरटैंकर भी शामिल था, जो करीब 20 लाख बैरल इराकी तेल लेकर जा रहा था। यह घटना समुद्री रेडियो रिकॉर्डिंग में भी सामने आई है, जिसमें बताया गया कि ईरान की IRGC नौसेना ने भारतीय जहाजों को वापस जाने के लिए मजबूर किया। इसके बाद भारत ने सख्त रुख अपनाते हुए ईरान के राजदूत को तलब किया था, जिन्होंने अपने देश के अधिकारियों से बात करने का आश्वासन दिया।