खामेनेई की मौत पर रूस के राष्ट्रपति पुतिन का बयान आया सामने, जानें क्या बोले
रूस के राष्ट्रपति ने खामेनेई के मारे जाने पर बयान दिया है। पुतिन ने इसे एक 'घृणित हत्या' बताया है। उन्होंने कहा है कि ये 'मानवीय नैतिकता और अंतरराष्ट्रीय कानून के सभी मानकों' का उल्लंघन करती है।
रूस के राष्ट्रपति व्लादीमिर पुतिन ने ईरान के सुप्रीम लीडर की मौत पर प्रतिक्रिया दी है। पुतिन ने कहा है कि ईरान के सर्वोच्च नेता की हत्या एक 'घृणित हत्या' है जो 'मानवीय नैतिकता और अंतरराष्ट्रीय कानून के सभी मानकों' का उल्लंघन करती है। बता दें कि ईरान के सुप्रीम लीडर आयतुल्लाह अली खामेनेई के साथ उनकी बेटी और दामाद समेत परिवार के कई लोगों की मौत हो गई है। ईरान के सरकारी मीडिया के हवाले से बताया गया कि इजराइल-अमेरिकी हमलों में अली खामेनेई की बेटी, पोती, बहू और दामाद मारे गए।
ट्रंप ने दी खामेनेई के मारे जाने की सूचना
खामेनेई के मारे जाने के बाद अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि "इतिहास के सबसे क्रूर लोगों में से एक, खामेनेई, मर चुका है। यह न केवल ईरान के लोगों के लिए न्याय है, बल्कि सभी महान अमेरिकियों और दुनियाभर के उन कई देशों के लोगों के लिए भी न्याय है, जिन्हें खामेनेई और उसके खूनी गुंडों के गिरोह ने मार डाला या क्षत-विक्षत कर दिया।"
नेतन्याहू ने ईरान की जनता से की अपील
इसके अलावा इजरायल के पीएम नेतन्याहू ने कहा कि आने वाले दिनों में हम आतंकवादी शासन के हजारों लक्ष्यों पर हमला करेंगे। हम बहादुर ईरानी लोगों के लिए ऐसी परिस्थितियां बनाएंगे कि वे अत्याचार की जंजीरों से खुद को मुक्त कर सकें। इसी कारण मैं आपसे एक बार फिर संबोधित करता हूं कि, "हे ईरान के नागरिकों, इस अवसर को हाथ से जाने न दें। यह एक ऐसा अवसर है जो हर पीढ़ी में सिर्फ एक बार आता है। खाली मत बैठिए, क्योंकि आपका पल जल्द ही आएगा। वह पल जब आपको सड़कों पर उतरना होगा, लाखों की संख्या में सड़कों पर आना होगा। ताकि काम पूरा हो, आतंक के उस शासन को उखाड़ फेंका जाए. जिसने आपकी जिंदगियां कड़वी कर दी हैं।"
अराफी बने ईरान के नए लीडर
बता दें कि इजरायली हमलों में मारे गई ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की जगह अब अलीरेजा अराफी को देश का नया लीडर बनाया गया है। 1959 में याज्द प्रांत के मेयबोद शहर में जन्मे अराफी एक शिया धर्मगुरु हैं। वे अभी गार्जियन काउंसिल के सदस्य, असेंबली ऑफ एक्सपर्ट्स के सदस्य और बसिज के प्रमुख हैं। इससे पहले वे अल-मुस्तफा इंटरनेशनल यूनिवर्सिटी के चेयरमैन, कोम के शुक्रवार की नमाज के इमाम और ईरान के सेमिनरी के प्रमुख रह चुके हैं। अराफ़ी अब अस्थायी परिषद में कट्टरपंथी धर्मगुरु और न्यायपालिका प्रमुख गुलाम-हुसैन मोहसेनी-एजेई और राष्ट्रपति मसूद पेज़ेश्कियन के साथ शामिल होंगे।
यह भी पढ़ें-
