मेमन ने कहा, केई के अधिकारी एक के बाद एक बहाने लेकर आ रहे हैं, जो कि स्वीकार्य नहीं हैं। बड़े स्तर पर बिजली आपूर्ति ठप्प हो जाने की घटनाओं में तेजी आई है और शहर के अधिकतर इलाकों में घंटों तक बिजली नहीं रहती। मेमन ने कहा, यह बेहद दुख की बात है कि ऐसा गर्मियों में और रमजान के महीने में हो रहा है। सूचना मंत्री ने कहा कि सिंध सरकार अब के-इलेक्टि्रक के गिरते प्रदर्शन के कारण इसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने पर गंभीरता से विचार कर रही है। पाकिस्तान के सबसे बड़े शहर में बार-बार बिजली आपूर्ति ठप्प होने की घटनाओं का हवाला देते हुए मंत्री ने कहा, यह के-इलेक्टि्रक की सिर्फ अयोग्यता और गलत इरादे नहीं हैं, बल्कि यह आपराधिक लापरवाही की भी सीमा है।
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उन्होंने दावा किया कि केई लगभग 16 अरब रूपये का राजस्व जुटा रहा है और वे अवसंरचना को सुधारने में निवेश नहीं कर रहे। उन्होंने दावा किया, यदि वे इसकी आधी राशि भी निवेश कर दें तो बिजली आपूर्ति ठप्प होने की समस्याओं से निपटा जा सकता है। देश का आर्थिक केंद्र होने के बावजूद कराची में बिजली संकट को प्राथमिकता न देने के लिए मेमन ने संघीय सरकार पर भी निशाना साधा। पिछले माह रमजान के पहले सप्ताह में लगभग 1300 लोग भारी गर्मी के कारण मारे गए। इसके अलावा लगातार बिजली आपूर्ति के ठप्प हो जाने के कारण कराची निवासियों का जीवन और भी दूभर हो गया है।
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