ईरान पर पूरी है हमले की तैयारी! तनाव के बीच मिडिल ईस्ट पहुंचा अमेरिका का घातक जंगी बेड़ा
अमेरिका का विमानवाहक पोत यूएसएस अब्राहम लिंकन मिडिल ईस्ट पहुंच चुका है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को बार-बार चेतावनी दी है। यूएसएस अब्राहम लिंकन अमेरिका के सबसे घातक जंगी बेड़ों में से एक है।

वॉशिंगटन: अमेरिका और ईरान के बीच तनाव बढ़ता हुआ नजर आ रहा है। तनाव के बीच अमेरिका का एयरक्राफ्ट कैरियर USS अब्राहम लिंकन और उसके साथ 3 युद्धपोत मिडिल ईस्ट पहुंच गए हैं। अमेरिका के इस कदम से यह संभावना फिर से बढ़ गई है कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ईरान में प्रदर्शनकारियों पर हो रही कार्रवाई को लेकर उस पर हवाई हमले का आदेश दे सकते हैं। अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने सोशल मीडिया पर कहा कि यह कैरियर 3 डिस्ट्रॉयर के साथ, "क्षेत्रीय सुरक्षा और स्थिरता को बढ़ावा देने के लिए फिलहाल मिडिल ईस्ट में तैनात है।"
ट्रंप ने क्या कहा?
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पिछले हफ्ते पत्रकारों से कहा था कि जहाजों को बस एहतियात के तौर पर क्षेत्र में भेजा गया है। उन्होंने कहा, "हमारे पास एक बहुत बड़ा बेड़ा उस दिशा में जा रहा है, और हो सकता है कि हमें इसका इस्तेमाल ना करना पड़े।" ट्रंप ने इसले पहले धमकी दी थी कि अगर ईरान ने कैदियों को बड़े पैमाने पर फांसी दी या दिसंबर के आखिर में शुरू हुए विरोध प्रदर्शनों पर कार्रवाई के दौरान शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों को मारा, तो वह सैन्य कार्रवाई करेंगे।
ईरान में हुआ क्या?
इस बीच एक्टिविस्ट्स के अनुसार ईरान में प्रदर्शनों के दौरान कम से कम 5,973 लोग मारे गए हैं और 41,800 से ज्यादा लोगों को हिरासत में लिया गया है। ईरान का आधिकारिक आंकड़ा काफी कम है, जिसमें 3,117 लोगों की मौत हुई है।
घातक है ये एयरक्राफ्ट कैरियर
इस एयरक्राफ्ट कैरियर पर कई स्क्वाड्रन विमान हैं, जिनमें F-35 लाइटनिंग II फाइटर जेट और F/A-18 सुपर हॉर्नेट फाइटर जेट शामिल हैं। इस बीच, डिस्ट्रॉयर अपने साथ सैकड़ों मिसाइलें लाए हैं, जिनमें दर्जनों टॉमहॉक लैंड अटैक क्रूज मिसाइलें शामिल हो सकती हैं।
कैसी है अमेरिका की तैयारी?
एयरक्राफ्ट कैरियर और उसके हार्डवेयर के अलावा, अमेरिकी सेना ने कहा कि एयर फोर्स F-15E स्ट्राइक ईगल फाइटर जेट भी अब इस क्षेत्र में मौजूद है। फ्लाइट-ट्रैकिंग डेटा पर नजर रखने वाले एनालिस्ट्स ने देखा है कि दर्जनों अमेरिकी मिलिट्री कार्गो प्लेन भी उस इलाके की ओर जा रहे हैं। यह गतिविधि पिछले साल जैसी ही है, जब अमेरिका ने 3 अहम न्यूक्लियर साइट्स पर बमबारी के बाद ईरान के जवाबी हमले की आशंका में एयर डिफेंस हार्डवेयर, जिसमें पैट्रियट मिसाइल सिस्टम भी शामिल था, को वहां भेजा था। हमलों के कुछ दिनों बाद ईरान ने अल उदीद एयर बेस पर एक दर्जन से ज्यादा मिसाइलें दागी थीं।
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