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अमेरिका नहीं तो कौन? यमन में हूतियों के ठिकानों पर आखिर किसने बरसाए बम; फिर मचाई तबाही

हूती विद्रोहियों के खिलाफ अमेरिका सख्त नजर आ रहा है। अमेरिकी सेना यमन में लगातार हूती विद्रोहियों को निशाना बना रही हैं। लेकिन, यमन में हुए ताजा हमलों की पुष्टि अमेरिकी सेना ने नहीं की है।

यमन में हूती विद्रोहियों के ठिकानों पर हुए हमले- India TV Hindi Image Source : AP यमन में हूती विद्रोहियों के ठिकानों पर हुए हमले

दुबई: यमन में हूती विद्रोहियों के कब्जे वाले इलाकों में एक बार फिर भीषण हवाई हमले किए गए हैं। इन हमलों में कम से कम छह लोग मारे गए हैं और 30 अन्य घायल हुए हैं। हूतियों की ओर से सोमवार इन हमलों के बारे में जानकारी दी गई है। वैसे देखा जाए तो हूतियों के खिलाफ अमेरिकी कार्रवाई की शुरुआत लगभग एक महीने पहले हुई थी। लेकिन, ताजा हुए हमलों की पुष्टि अमेरिकी सेना के सेंट्रल कमान ने नहीं की है। 

अब तक कितने लोगों की हुई मौत

हूतियों के स्वास्थ्य मंत्रालय की तरफ से जारी आंकड़ों के अनुसार, अमेरिकी हमलों में अब तक 120 से अधिक लोगों की मौत हो गई है। हूती नियंत्रित समाचार चैनल ‘अल-मसीरा’ की ओर से प्रसारित फुटेज में दमकलकर्मी एक स्थान पर लगी आग पर काबू पाते दिख रहे हैं। फुटेज में सड़क पर मलबा बिखरा नजर आ रहा है और बचावकर्मी एक शख्स को दुर्घटनास्थल से ले जाते दिख रहे हैं। विद्रोहियों का दावा है कि यह स्थान राजधानी सना के बानी मातर इलाके में स्थित एक चीनी मिट्टी का कारखाना है। 

Image Source : apयमन में हूती विद्रोहियों के ठिकानों पर हुए हमले

जहाजों को निशाना बनाते हैं हूती

बता दें कि, पश्चिम एशिया के समुद्री क्षेत्रों में हूती जहाजों पर हमले करते हैं। इन्हीं हमलों के खिलाफ अमेरिका भड़का हुआ है और लगातार हूतियों को टारगेट कर रहा है। हूतियों ने इजरायल-हमास जंग को लेकर पश्चिम एशियाई समुद्री क्षेत्र में जहाजों को निशाना बनाने की धमकी भी दी थी। 

हूतियों के बारे में जानें

हूतियों को अंसार अल्लाह के नाम से भी जाना जाता है। यह यमन में सक्रिय एक शिया मुस्लिम विद्रोही समूह है। यह समूह विशेष रूप से यमन के उत्तरी भाग में स्थित सादा प्रांत से जुड़ा हुआ है। हूती आंदोलन की शुरुआत 1990 के दशक में हुई थी, लेकिन यह अंतरराष्ट्रीय स्तर पर 2014-2015 के बाद अधिक चर्चित हुआ जब इन्होंने यमन की राजधानी सना पर कब्जा कर लिया।

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