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बांग्लादेश में बवाल: सिंगर जेम्स के कंसर्ट पर भीड़ का हमला, ईंट-पत्थर फेंके, 20 घायल

यूनुस सरकार बांग्लादेश में स्थिति काबू करने में नाकाम रही है। यहां लगातार भीड़ के हमले बढ़ते जा रहे हैं। अब भीड़ ने गायक जेम्स के कन्सर्ट को भी निशाना बनाया है।

mob attack on singer james Concert- India TV Hindi
Image Source : X/@TASLIMANASREEN सिंगर जेम्स के कंसर्ट में भीड़ का हमला

बांग्लादेश के फरीदपुर में लोकप्रिय गायक जेम्स के कंसर्ट में भीड़ ने हमला कर दिया। इस घटना में 20 लोग घायल हुए हैं। भीड़ में शामिल लोगों ने ईंट और पत्थर फेंके, जिससे कई लोग घायल हुए हैं। यह कार्यक्रम शुक्रवार रात करीब 9 बजे होना था, तभी अचानक एक भीड़ कार्यक्रम स्थल में घुस आई और वहां मौजूद लोगों पर पत्थर और ईंटें फेंकनी शुरू कर दीं, जिससे कई लोग घायल हो गए। लोगों ने विरोध करने की कोशिश की, लेकिन अंत में कार्यक्रम रद्द कर दिया गया।

जेम्स बांग्लादेश के गायकऔर गीतकार हैं। वह गिटार भी बजाते हैं। उन्होंने कई हिंदी फिल्मों के लिए गाने भी गाए हैं। वे बांग्लादेश में काफी लोकप्रिय हैं। बांग्लादेशी लेखिका तस्लीमा नसरीन ने एक्स पर घटना का वीडियो साझा करते हुए देश में गायकों और कलाकारों पर हो रहे हमलों की बढ़ती संख्या पर चिंता जाहिर की। उन्होंने कहा, “सांस्कृतिक केंद्र छायानाट को जलाकर राख कर दिया गया है। उदिची (वह संगठन जिसका उद्देश्य संगीत, रंगमंच, नृत्य, कविता पाठ और लोक संस्कृति को बढ़ावा देकर धर्मनिरपेक्ष और प्रगतिशील चेतना को पोषित करना था। भी जलकर राख हो गया है।”

जिहादियों के डर से बांग्लादेश नहीं आ रहे कलाकार

नसरीन ने कहा कि कुछ दिन पहले उस्ताद अलाउद्दीन खान के पोते सिराज अली खान ढाका आए थे, लेकिन वे यह कहते हुए भारत लौट गए कि जब तक कलाकार, संगीत और सांस्कृतिक संस्थान सुरक्षित नहीं हो जाते, तब तक वे बांग्लादेश वापस नहीं लौटेंगे। उन्होंने कहा, "दो दिन पहले उस्ताद राशिद खान के बेटे अरमान खान ने भी ढाका का निमंत्रण ठुकरा दिया था। उन्होंने भी स्पष्ट कर दिया था कि वे संगीत से नफरत करने वाले जिहादियों से भरे बांग्लादेश में कदम नहीं रखना चाहते।"

बांग्लादेश में कलाकारों पर हमले जारी

बांग्लादेश में पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना को सत्ता से हटाए जाने के बाद भीड़ के हमले बढ़े हैं। मोहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाली अंतरिम सरकार कट्टरपंथियों को सही तरीके से नियंत्रित नहीं कर पाई है। हालांकि, यूनुस सरकार बार-बार स्थिति को नियंत्रण में रखने का दावा करती है, लेकिन कलाकारों और पत्रकारों पर लगातार हमले हो रहे हैं। बांग्लादेश में 12 फरवरी को संसदीय चुनाव होने हैं। इन्हीं चुनाव के लिए प्रचार के दौरान कट्टरपंथी युवा नेता शरीफ उस्मान हादी को गोली मार दी गई थी। हादी की मौत के बाद कट्टरपंथियों के हमले बढ़ गए हैं।

शेख हसीना ने यूनुस सरकार पर उठाए सवाल

हसीना और उनकी अवामी लीग ने यूनुस सरकार पर हमला करते हुए कहा है कि यूनुस सरकार के शासन में हिंसा आम बात हो गई है। शेख हसीना ने न्यूज एजेंसी एएनआई को ईमेल के जरिए एक इंटरव्यू दिया। इसमें उन्होंने कहा कि उनके जाने के बाद अराजकता कई गुना बढ़ गई है, साथ ही उन्होंने अल्पसंख्यकों पर हमलों को लेकर चिंता भी जताई। उन्होंने कहा, “हिंसा एक सामान्य स्थिति बन गई है, जबकि अंतरिम सरकार या तो इसे नकारती है या इसे रोकने में असमर्थ है। ऐसी घटनाएं बांग्लादेश को आंतरिक रूप से अस्थिर करती हैं। साथ ही हमारे पड़ोसियों के साथ हमारे संबंधों को भी प्रभावित करती हैं, जो जायज चिंता के साथ देख रहे हैं। जब आप अपनी सीमाओं के भीतर बुनियादी व्यवस्था बनाए नहीं रख सकते, तो अंतरराष्ट्रीय मंच पर आपकी विश्वसनीयता ध्वस्त हो जाती है।”

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