बांग्लादेश चुनाव पर शेख हसीना का बयान, बोलीं- 'जनता ने चुनाव को नकारा', यूनुस को कहा हत्यारा-फासीवादी
बांग्लादेश में बुधवार को हुए चुनाव पर आवामी लीग की प्रमुख और बांग्लादेश की अपदस्थ प्रधानमंत्री शेख हसीना का बयान सामने आया है। उन्होंने कहा है कि जनता ने इस चुनाव को नकार दिया है। शेख हसीना ने यूनुस को हत्यारा और फासीवादी भी कहा है।
भारत के पड़ोसी देश बांग्लादेश में गुरुवार 12 फरवरी को आम चुनाव संपन्न हो गए हैं। इस चुनाव को इसलिए भी अहम माना जा रहा है क्योंकि साल 2024 में शेख हसीना के खिलाफ हुए आंदोलन और उनके देश छोड़ने के बाद यह पहला चुनाव था। हालांकि, बुधवार को हुए 299 सीटों के लिए हुए चुनाव में 50 प्रतिशत से भी कम वोटिंग दर्ज की गई है। अब इस चुनाव को लेकर बांग्लादेश की अपदस्थ प्रधानमंत्री शेख हसीना ने बयान जारी किया है। शेख हसीना ने इस चुनाव को हास्यासपद बताया है और कहा है कि वह सभी नागरिकों, जिनमें माताएं, बहनें और अल्पसंख्यक समुदाय शामिल हैं, उनका इस हत्यारे-फासीवादी यूनुस के हास्यास्पद चुनाव को अस्वीकार करने के लिए आभार जताती हैं।
चुनाव एक सुनियोजित नाटक था- शेख हसीना
शेख हसीना ने बांग्लादेश की जनता के नाम जारी किए गए अपने संदेश में कहा है कि मोहम्मद यूनुस ने अवैध और असंवैधानिक रूप से सत्ता हथिया ली थी। उनके द्वारा आज कराया गया तथाकथित चुनाव एक सुनियोजित नाटक था। इस चुनाव को अवामी लीग की अनुपस्थिति में कराया गया था और इस छलपूर्ण, मतदाता-विहीन चुनाव में जनता के मतदान के अधिकार, लोकतांत्रिक मूल्यों और संविधान की भावना की अवहेलना की गई है।
कई केंद्रों पर तो वोटर्स ही नहीं थे- शेख हसीना
शेख हसीना ने अपने संदेश में कहा- "यह नाटक 11 फरवरी की शाम से मतदान केंद्रों पर कब्जा, गोलीबारी, वोटों की खरीद-फरोख्त, पैसे बांटने, मतपत्रों पर मुहर लगाने और एजेंटों द्वारा परिणाम पुस्तिकाओं पर हस्ताक्षर करने के साथ शुरू हुआ। 12 फरवरी को सुबह तक देश के ज्यादातर मतदान केंद्रों पर वोटर्स की संख्या न के बराबर थी। राजधानी ढ़ाका और अन्य इलाकों के केंद्रों पर तो वोटर्स थे ही नहीं। चुनाव आयोग की रिपोर्ट में बताया गया है कि वोटिंग शुरू होने के 3 घंटे बाद 11 बजे तक सिर्फ 14.96% योग्य वोटर्स ने ही मतदान किया था। ये कम वोटिंग दिखाती है कि अवामी लीग-मुक्त चुनाव को जनता ने बड़े पैमाने पर अस्वीकार कर दिया है।"
लोगों ने फर्जी चुनाव को नकार दिया- शेख हसीना
शेख हसीना ने जनता के नाम अपने संदेश में कहा- "ध्यान देने वाली बात है कि बीते दिनों आवामी लीग के वोटर्स, समर्थकों और अल्पसंख्यक समुदाय के लोगों पर लगातार हमले, गिरफ्तारियां, धमकियां और भय का माहौल बनाया गया। इस कारण वे मतदान केंद्रों की ओर जाने के लिए मजबूर हुए। इसके बाद भी तमाम धमकियों और उत्पीड़न के बावजूद, लोगों ने इस फर्जी चुनाव को नकार दिया, जिसका रिजल्ट देखने को मिला कि ज्यादातर मतदान केंद्र लगभग खाली ही रहे। इसके अलावा वोटर लिस्ट में मतदाताओं की संख्या में असामान्य वृद्धि देखी गई है खासकर ढाका शहर में। ये गंभीर सवाल खड़े करती है और काफी संदिग्ध है।"
शेख हसीना की प्रमुख मांग
- मतदाता-विहीन, अवैध और असंवैधानिक चुनाव को रद्द किया जाए।
- हत्यारे-फासीवादी यूनुस को इस्तीफा देना चाहिए।
- शिक्षकों, पत्रकारों और बुद्धिजीवियों सहित सभी राजनीतिक कैदियों को रिहा किया जाए और सभी झूठे मामले वापस लिए जाएं।
- अवामी लीग की गतिविधियों पर लगा प्रतिबंध हटाया जाए।
- लोगों के मतदान के अधिकारों को बहाल करने के लिए एक निष्पक्ष कार्यवाहक सरकार के तहत स्वतंत्र, निष्पक्ष और समावेशी चुनाव कराए जाएं।
आजादी के 55 सालों बाद चुनाव से दूर अवामी लीग, जानिए कितनी बार बांग्लादेश की पीएम रह चुकीं शेख हसीना?
