Bangladesh Election 2026: बांग्लादेश में हुए आम चुनाव में बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) ने 213 सीटों पर बंपर जीत दर्ज की है। संसदीय चुनाव में BNP ने 20 साल बाद न सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है, बल्कि एकतरफा जीत हासिल की है। जमात-ए-इस्लामी गठबंधन को 76 सीटें मिली हैं। जबकि अन्य ने 7 सीटें जीती हैं। BNP ने पहले ऐलान किया था कि अगर वह चुनाव जीतती है, तो उसके चेयरमैन और पूर्व प्रधानमंत्री खालिदा जिया के बेटे तारिक रहमान बांग्लादेश के अगले प्रधानमंत्री होंगे। अब उन्होंने सरकार बनाने का दावा पेश कर दिया है। तारिक रहमान शनिवार को प्रधानमंत्री पद की शपथ ले सकते हैं।
बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) के प्रवक्ता महदी अमीन ने पहले कहा था कि उनकी पार्टी को चुनाव में जीत की पूरी उम्मीद है। उन्होंने कहा था कि BNP चुनाव जीतेगी और सरकार बनाएगी। जमात-ए-इस्लामी चीफ शफीकुर रहमान ने कहा था कि अगर उनकी पार्टी चुनाव नहीं जीतती है तो भी वह विपक्ष की रुकावट डालने वाली पॉलिटिक्स में शामिल नहीं होगी। रहमान ने कहा कि हम पॉजिटिव पॉलिटिक्स करेंगे।
बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी के चेयरमैन तारिक रहमान ने दोनों सीटों ढाका-17 और बोगरा-6 पर जीत दर्ज कर ली है। तारिक रहमान ने ना केवल अपनी पारिवारिक विरासत वाली सीट बोगरा-6 पर कब्जा बरकरार रखा, बल्कि राजधानी की हाई-प्रोफाइल सीट ढाका-17 पर भी जीत का परचम लहरा दिया है।
बता दें कि. बांग्लादेश की संसद में 350 सदस्य होते हैं। 300 सीधे चुने जाते हैं, जबकि 50 महिलाओं के लिए आरक्षित हैं। यह फर्स्ट-पास्ट-द-पोस्ट सिस्टम से होता है। यहां संसद का कार्यकाल 5 साल का होता है। बांग्लादेश में चुनावी रुझान और नतीजों के बारे में ताजा अपडेट्स जानने के लिए इडिया टीवी की डिजिटल टीम के साथ जुड़े रहें।
बांग्लादेश में अब तक 296 सीटों पर काउंटिंग पूरी हो चुकी है। इनमें बीएनपी गठबंधन को 213 और जमात गठबंधन को 76 व अन्य को 7 सीटें मिली हैं। अभी केवल 3 सीटों के नतीजे आने बाकी रह गये हैं।
बांग्लादेश चुनावों में 213 सीटों पर ऐतिहासिक सीट दर्ज कर सरकार बनाने का दावा करने वाली बीएनपी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा तारिक रहमान को भेजे गए बधाई संदेश को रिट्वीट किया है। बीएनपी के कई नेताओं ने भारत के साथ संबंध सुधारने के संकेत दिए हैं।
भारतीय सीमा से सटे प्रमुख जिलों में जमात की पकड़ मजबूत हो रही है। यह भारत की सीमा सुरक्षा के लिहाज से बड़े खतरे का संकेत है। बांग्लादेश के राष्ट्रीय चुनाव में जहां एक ओर बीएनपी ने राष्ट्रीय स्तर पर भारी जीत हासिल की, वहीं जमात-ए-इस्लामी ने जेस्सोर, रंगपुर और कुश्तिया सहित भारत की सीमा से लगे जिलों में रणनीतिक पैठ बना ली है। मुख्य विपक्षी दल के रूप में उभरकर जमात इन पारगमन केंद्रों में जमात की स्थानीय ताकत क्षेत्रीय परिदृश्य को बदल रही है। इससे नई दिल्ली सतर्क है और तारिक रहमान के साथ अपनी नई साझेदारी और सीमावर्ती क्षेत्रों में जमात के प्रभाव से संबंधित सुरक्षा चिंताओं के बीच संतुलन बनाए हुए है।
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने BNP के चेयरमैन तारिक रहमान की जीत पर "बांग्लादेश के मेरे सभी भाइयों और बहनों" कहकर बधाई दी है। उन्होंने एक्स पर लिखा, "बांग्लादेश के सभी भाइयों और बहनों, सभी लोगों को मेरी हार्दिक बधाई। आप सभी को रमजान की अग्रिम शुभकामनाएं। इस शानदार जीत के लिए मेरे तारिक-भाई, उनकी पार्टी और सभी पार्टियों को मेरी बधाई। दुआ है आप सभी स्वस्थ और खुशहाल रहें। आशा है बांग्लादेश के साथ हमारे संबंध सदा सौहार्दपूर्ण बने रहेंगे।"
भारत विरोधी चेहरे के रूप में जाने जाने वाले नेशनल सीटिजन पार्टी (एनसीपी) के उत्तरी क्षेत्र प्रमुख संगठक सरजिस आलम को पंचागढ़-1 से करारी शिकस्त का सामना करना पड़ा है। बीएनपी ने यह सीट भी जीत ली है। पंचागढ़-1 में बीएनपी उम्मीदवार बैरिस्टर मोहम्मद नवशाद जामिर ने 186,189 वोट हासिल कर निकटतम प्रतिद्वंद्वी जमात-ए-इस्लामी और एनसीपी गठबंधन के उम्मीदवार एमडी सरजिस आलम को 8,120 वोटों के अंतर से हरा दिया। सरजिस को 168,049 वोट मिले।
बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी ने 13वें संसदीय चुनाव में राजधानी ढाका की सभी पांच सीटों पर जीत दर्ज की है। बीएनपी ने कई जिलों में जमात को क्लीन स्विप कर दिया है।
जमात ए इस्लामी ने चुनावों में करारी शिकस्त खाने के बाद बड़ी प्रतिक्रिया दी है। जमात ने कहा है कि “हम चुनाव परिणामों से संबंधित प्रक्रिया से संतुष्ट नहीं हैं। 11 दलों के गठबंधन के उम्मीदवारों की विभिन्न निर्वाचन क्षेत्रों में संदिग्ध रूप से और बहुत कम अंतर से हार, अनौपचारिक परिणाम घोषणाओं में बार-बार विसंगतियां और मनगढ़ंत बातें, चुनाव आयोग द्वारा मतदान प्रतिशत प्रकाशित करने में आनाकानी, और प्रशासन के एक वर्ग के एक प्रमुख दल की ओर झुकाव के संकेत--ये सभी बातें निस्संदेह परिणाम प्रक्रिया की निष्पक्षता पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगाती हैं। जमात ने कहा, “इसलिए, हम सभी से धैर्य रखने और 11 दलों के गठबंधन के आधिकारिक कार्यक्रम की प्रतीक्षा करने का आग्रह करते हैं। मानवीय बांग्लादेश के लिए न्याय की हमारी लड़ाई जारी रहेगी, इंशाअल्लाह।”
बांग्लादेशी मीडिया के मुताबिक बीएनपी के चेयरमैन तारिक रहमान शनिवार को शपथ ले सकते हैं। बीएनपी ने 12 फरवरी को हुए चुनाव में ऐतिहासिक जीत दर्ज करते हुए 213 सीटों पर जीत दर्ज की।
बांग्लादेश के चुनाव आयोग के जनसंपर्क निदेशक रुहुल अमीन मोलिक ने सुबह करीब 11:30 बजे पत्रकारों को बताया कि डाले गए वोटों की दर 59.44 प्रतिशत रही। देश भर के मतदान केंद्रों पर हजारों पुरुष और महिलाएं, जिनमें से कुछ बैसाखी या व्हीलचेयर पर थे, घंटों धैर्यपूर्वक कतारों में खड़े रहे। वे निडर होकर खड़े रहे और 300 संसदीय सीटों में से 299 सीटों के लिए अपने प्रतिनिधियों को चुनने का मौका वापस हासिल किया। उन्होंने कहा कि महिला मतदाताओं ने बड़ी संख्या में मतदान किया, जिनमें से कई समूह में पहुंचीं, जो उम्र और लिंग के आधार पर व्यापक भागीदारी को दर्शाती हैं।
बीएनपी ने 13वें संसदीय चुनाव में ऐतिहासिक चुनावी जीत दर्ज करने के बाद भारत के साथ संबंध सुधारने का संकेत दिया है। बीएनपी ने पीएम मोदी द्वारा तारिक रहमान को दी गई बधाई के लिए शुक्रिया अदा किया है।
श्रृंगला ने कहा, "बांग्लादेश की जनता ने एक ऐसी पार्टी को वोट दिया है जो राजनीतिक हितों का प्रतिनिधित्व करती है। यह एक मुक्तिवादी पार्टी है। इसका मतलब है कि यह 1971 की भावना में विश्वास रखती है, जबकि जमात-ए-इस्लामी इसके विपरीत थी, जिसने 1971 में बांग्लादेश के मुक्ति संघर्ष का विरोध किया था। बीएनपी के प्रमुख तारिक रहमान ने भारत के साथ अच्छे संबंध बनाए रखने, अपने देश में अल्पसंख्यकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और बांग्लादेश के सबसे निकट और सबसे बड़े पड़ोसी के साथ सहयोग को दोनों पक्षों के लिए पारस्परिक रूप से लाभकारी बनाने के अपने इरादे के बारे में कुछ सकारात्मक बयान दिए हैं। यह सब अच्छी खबर है..."
बांग्लादेश की राजधानी ढाका-3 संसदीय क्षेत्र से बीएनपी का पहला हिंदू सांसद चुना गया है। गायकेश्वर चंद्र राय ने जमात के उम्मीदवार को चुनाव में हरा दिया है।
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने भी बीएनपी के चेयरमैन तारिक रहमान को उनकी जीत के लिए बधाई दी है। इससे पहले पीएम मोदी ने तारिक रहमान को जीत के लिए शुभकामनाएं दी थीं।
बांग्लादेश की जनता ने जमात-ए-इस्लामी को पूरी तरह से नकार दिया है। इसके कई कारण रहे हैं।
बीएनपी की जीत के बाद भारत-बांग्लादेश के रिश्तों मे सुधार की उम्मीद की जा रही है। भारत की कट्टर विरोधी पार्टी जमात-ए-इस्लामी की हार से भारत काफी राहत महसूस कर रहा है। अगर जमात-ए-इस्लामी सत्ता में आती तो वह पाकिस्तान की सपोर्टर है, लिहाजा भारत की चिंताएं और अधिक बढ़ सकती थीं। मगर अब बीएनपी के आने से द्विपक्षीय संबंधों में सुधार की उम्मीदें बढ़ी हैं। पीएम मोदी ने तारिक अनवर को जीत की बधाई दी है।
बांग्लादेश की कट्टर इस्लामवादी पार्टी जमात-ए-इस्लामी को जनता ने पूरी तरह से नकार दिया है। 300 संसदीय सीटों वाले बांग्लादेश में जमात सिर्फ 63 सीटों पर सिमट कर रह गई है। जमात भारत के खिलाफ जहर उगलने और पाकिस्तान से दोस्ती बढ़ाने के लिए जानी जाती है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बांग्लादेश चुनाव में बीएनपी की बंपर जीत पर इसके चेयरमैन तारिक रहमान को बधाई दी है। पीएम मोदी ने कहा है कि भारत हमेशा बांग्लादेश के साथ खड़ा रहेगा। उन्होंने तारिक को कहा कि ये जीत लोगों का आप पर भरोसा दिखाता है।
बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी करीब 20 साल बाद सत्ता में लौटी है। पूर्व प्रधानमंत्री खालिदा जिया आखिरी बार 2001 से 2006 तक बांग्लादेश की प्रधानमंत्री रही थीं। इसके बाद शेख हसीना ने 2006 से अगस्त 2024 तक लगातार देश पर शासन किया। अब बीएनपी का वनवास 20 साल बाद खत्म हो गया है।
बीएनपी ने बांग्लादेश के चुनाव में बंपर जीत दर्ज करने के बाद एक खास पोस्टर जारी किया है, जिसमें "बांग्लादेश फर्स्ट" लिखा गया है। यह तारिक रहमान की नई और बदली हुई राजनीति का परिचायक है।
बांग्लादेश में निर्दलीय और अन्य दलों ने 12 सीटों पर जीत दर्ज की है।
बांग्लादेश चुनाव में जमात-ए-इस्लामी ने 68 सीटों पर जीत दर्ज की है। यह बीएनपी की मुख्य प्रतिद्वंदी पार्टी थी, मगर कट्टर इस्लामवादी सोच की थी। इसलिए जनता ने जमात को खारिज कर दिया।
बांग्लादेश राष्ट्रवादी पार्टी संसदीय चुनावों में सबसे आगे चल रही है। इस पर बांग्लादेश सरकार के सेवानिवृत्त अधिकारी मजहरुल इस्लाम कहते हैं, "जो परिणाम आया है, वह बांग्लादेश की जनता को लगभग अपेक्षित ही था... 2008 से 2024 के अंत तक फासीवादी शासन के दौरान बीएनपी को घोर प्रताड़ित किया गया... लंबे समय बाद इस देश की जनता ने उन्हें सबसे बड़ा अवसर दिया है... मुझे उम्मीद है कि बीएनपी विशेषकर देश के वंचित लोगों को सर्वोत्तम सुविधाएं प्रदान करेगी... अंततः बीएनपी आगे बढ़ेगी..."
पार्टी ने एक बयान में कहा है कि वह अपनी जीत का जश्न मनाने के लिए कोई रैली या सभा आयोजित नहीं करेगी, बल्कि देशभर की मस्जिदों में दोपहर में नमाज अदा करेगी। पार्टी ने समर्थकों से दिसंबर में दिवंगत पूर्व प्रधानमंत्री और बीएनपी नेता खालिदा जिया के लिए "क्षमा और शुभकामनाओं" की प्रार्थना करने का आग्रह किया है।
बांग्लादेश में अमेरिकी राजदूत ब्रेंट टी. क्रिस्टेंसन ने ट्वीट किया, "बांग्लादेश के लोगों को सफल चुनाव के लिए बधाई और बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) तथा तारिक रहमान आपकी ऐतिहासिक जीत पर बधाई। संयुक्त राज्य अमेरिका आपके साथ मिलकर दोनों देशों के लिए समृद्धि और सुरक्षा के साझा लक्ष्यों को साकार करने की उम्मीद करता है।"
बीएनपी की जीत पर स्वतंत्रता सेनानी टीएम रेजाउल करीम का बड़ा बयान सामने आया है। उन्होंने कहा कि बांग्लादेश राष्ट्रवादी पार्टी संसदीय चुनावों में आगे चल रही है। यह बहुत उम्मीद के मुताबिक था, क्योंकि बीएनपी बांग्लादेश में एक बेहद लोकप्रिय पार्टी है। तारिक रहमान के पिता ने इस पार्टी की स्थापना की थी। देश लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण तरीके से आगे बढ़ेगा। लंबे समय बाद, यहां के लोग चुनाव के दौरान उत्सव के माहौल में थे और उन्होंने अपने मताधिकार का प्रयोग किया। हमें उम्मीद है कि अगली सरकार जनता की पसंद के अनुसार देश का नेतृत्व करेगी। नई सरकार इतिहास से सबक लेगी और देश की जनता की पसंद के अनुसार शासन करेगी।"
बांग्लादेश में 300 में से 212 सीटों पर अब तक जीत दर्ज करने वाली बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी के चेयरमैन तारिक रहमान ने सरकार बनाने का दावा पेश कर दिया है। इसके साथ ही तारिक का बांग्लादेश का अगला प्रधानमंत्री बनना लगभग तय हो गया है।
13वें राष्ट्रीय संसद चुनाव में जीत मिलने पर बीएनपी ने देशवासियों को मुबारकबाद और शुभेच्छाएं प्रेषित की हैं। साथ ही इन खास कार्यक्रमों का ऐलान किया है।
बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी ने अब तक 212 सीटों पर जीत दर्ज कर ली है। 350 संसदीय सीटों वाले सदन में सिर्फ 300 सीटों पर ही चुनाव होता है। जबकि 50 आरक्षित रखी जाती हैं। इस बार एक सीट पर एक उम्मीदवार की मौत हो जाने के चलते 299 सीटों पर ही मतदान हुए हैं।
बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी ने बांग्लादेश के चुनाव में अपनी जीत की घोषणा कर दी है। अभी बांग्लादेश में वोटों की गिनती जारी है। इसमें बीएनपी 200 से अधिक सीटों पर बंपर जीत की ओर आगे बढ़ चुकी है।
बांग्लादेश में बीएनपी की बंपर जीत के बाद अब पूर्व प्रधानमंत्री खालिदा जिया के बेटे तारिक रहमान का देश का अगला प्रधानमंत्री बनना तय हो गया है। 36 साल में ऐसा पहली बार होगा, जब बांग्लादेश को कोई पुरुष प्रधानमंत्री मिलेगा। इससे पहले उनकी मां खालिदा जिया और पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना ही 36 सालों तक सत्ता में रही हैं, जो कि महिलाएं थीं।
बांग्लादेश में यूनुस सरकार ने भले ही स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव का दावा किया हो, लेकिन सच्चाई इसके उलट नजर आ रही है। बांग्लादेश में कई पोलिंग बूथों के कैप्चरिंग का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।
बांग्लादेश में वोटों की गिनती जारी है और लोकल मीडिया जिलों के टॉप इलेक्टोरल ऑफिसर, जिन्हें रिटर्निंग ऑफिसर कहा जाता है, द्वारा अनाउंस किए गए प्रोविजनल टैली के आधार पर रिजल्ट बता रहे हैं। बांग्लादेश इलेक्शन कमीशन की वेबसाइट अभी भी इनएक्सेसिबल है।
बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) के सेक्रेटरी जनरल मिर्जा फख़रुल इस्लाम आलमगीर ने उत्तर-पश्चिमी बांग्लादेश में ठाकुरगांव-1 चुनाव क्षेत्र से जीत हासिल की है। सभी 185 पोलिंग सेंटर से नतीजे घोषित होने के बाद उन्हें 2,36,308 वोट मिले। उनके सबसे करीबी विरोधी, जमात-ए-इस्लामी के उम्मीदवार दिलवर हुसैन को 1,38,936 वोट मिले।
बांग्लादेश के संसदीय चुनाव के बीच नतीजों में छेड़छाड़ के आरोप सामने आए हैं। नेशनल सिटीजन पार्टी (NCP) के इलेक्शन स्टीयरिंग कमेटी चेयरमैन आसिफ महमूद सजीब भुइयां ने आधी रात को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर दावा किया कि कुछ सीटों पर परिणामों में गड़बड़ी की कोशिश हुई है। जमुना टीवी के मुताबिक, उन्होंने कहा कि जहां 11 दलों के गठबंधन के उम्मीदवार मैदान में थे वहां स्पष्ट अनियमितताएं देखी गई हैं।
बांग्लादेश के लोकल मीडिया की रिपोर्ट के अनुसार पूर्वी बांग्लादेश में ब्राह्मणबारिया-2 चुनाव क्षेत्र से इंडिपेंडेंट उम्मीदवार और BNP की पूर्व सांसद रूमिन फरहाना ने जीत हासिल की है। पार्टी से टिकट नहीं मिलने पर रूमिन ने इंडिपेंडेंट उम्मीदवार के तौर पर चुनाव लड़ा था।
बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) ने 12 फरवरी 2026 को हुए संसदीय चुनाव में शानदार जीत हासिल की है। यह देश का पहला आम चुनाव है, जो 2024 में छात्र नेतृत्व वाले विद्रोह के बाद शेख हसीना की सरकार के पतन के बाद हुआ। अवामी लीग पर प्रतिबंध के कारण मुख्य मुकाबला बीएनपी और जमात-ए-इस्लामी के बीच था।
बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) ने पहले ऐलान किया था कि अगर वह चुनाव जीतती है, तो उसके चेयरमैन और पूर्व प्रधानमंत्री खालिदा जिया के बेटे तारिक रहमान बांग्लादेश के अगले प्रधानमंत्री होंगे। BNP की सेंट्रल इलेक्शन स्टीयरिंग कमेटी के प्रवक्ता महदी अमीन ने शुक्रवार सुबह एक मीडिया ब्रीफिंग में कहा, "हमें दो-तिहाई से ज्यादा सीटें जीतकर सरकार बनाने का भरोसा है।"
द डेली स्टार अखबार की रिपोर्ट के मुताबिक, बांग्लादेश में वोटिंग के दौरान 14 अलग-अलग घटनाओं में कम से कम 72 लोग घायल हुए हैं। इसमें यह भी बताया गया कि पुलिस ने कम से कम 9 लोगों को हिरासत में लिया। ये घटनाएं पोलिंग स्टेशन के पास या पोलिंग स्टेशन पर हुई हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, सबसे अधिक 31 लोग नोआखली के हटिया में BNP और नेशनल सिटिजन पार्टी के समर्थकों के बीच हुई झड़प में घायल हुए हैं।
बांग्लादेश में जमात-ए-इस्लामी के नेतृत्व वाले 11 दलीय गठबंधन के उम्मीदवार अमीर मौलाना मामुनुल हक ने ढाका-13 में वोटों की गिनती में अनियमितताओं का आरोप लगाया है। उनका दावा है कि दोषपूर्ण मतपत्र डिजाइन की वजह से उनके पक्ष में डाले गए हजारों वोट रद्द कर दिए गए।
बांग्लादेश के मयमनसिंह की 11 सीटों के परिणाम सामने आ गए हैं। यहां 8 सीटों पर BNP के उम्मीदवार जीत गए हैं। डेली टाइम्स ऑफ बांग्लादेश के हवाले से दी गई खबर में BNP के बागी निर्दलीय उम्मीदवार ने 1 सीट पर, खिलाफत मजलिस ने 1 सीट पर और जमात-ए-इस्लामी के उम्मीदवार ने 1 सीट पर जीत हासिल की है।
बांग्लादेश की जमात-ए-इस्लामी पार्टी को आम चुनाव में बड़ा झटका लगा है। अब तक जिस तरह के नतीजे सामने आए हैं उसमें पार्टी को करारी शिकस्त मिली हुई नजर आ रही है। चुनाव में बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) को जनता भरपूर समर्थन मिला है। BNP ने बहुमत का आंकड़ा पार कर लिया है।
बांग्लादेश में हुए आम चुनाव में बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) ने सबसे अधिक 291 उम्मीदवार उतारे थे। चुनाव में 83 महिला उम्मीदवार थी। दशकों में यह बांग्लादेश का पहला चुनाव है जिसमें कोई महिला नेता सुर्खियों में नहीं है। हसीना को चुनाव लड़ने से रोक दिया गया, और उनकी कट्टर प्रतिद्वंद्वी खालिदा जिया की लंबी बीमारी के बाद दिसंबर में मृत्यु हो गई थी। दोनों महिलाओं ने करीब 4 दशकों तक देश की राजनीति पर दबदबा बनाए रखा।
बांग्लादेश में आम चुनावों में तारिक रहमान की बड़ी भूमिका रही है। चुनावी सभाओं में रहमान ने खुद को एक लोकतंत्र समर्थक नेता के रूप में पेश किया था। उन्होंने बार-बार कहा है कि BNP का लक्ष्य सत्ता हासिल करना नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक व्यवस्था की बहाली है। अब जब BNP को जनता का पूरा समर्थन मिला है तो माना जा रहा है कि रहमान बांग्लादेश के अगले पीएम होंगे।
शफीकुर रहमान का जन्म 1958 में बांग्लादेश के पूर्वोत्तर क्षेत्र के मौलवी बाजार जिले में हुआ था। उन्होंने मेडिकल की पढ़ाई पूरी की और सिलहट के एमएजी उस्मानी मेडिकल कॉलेज से एमबीबीएस की डिग्री हासिल की है। डॉक्टरी के पेशे के साथ-साथ वो छात्र काल से ही राजनीति में सक्रिय रहे। रहमान ने पिछले कुछ वर्षों में पार्टी में लगातार प्रगति की है और विभिन्न संगठनात्मक जिम्मेदारियों को संभालने के बाद 2019 में बांग्लादेश जमात-ए-इस्लामी की आंतरिक प्रक्रिया के तहत पार्टी के अमीर (प्रमुख) चुने गए।
सिलहट-2 निर्वाचन क्षेत्र (जिसमें बिश्वनाथ और उस्मानी नगर शामिल हैं) के अनौपचारिक परिणामों के अनुसार, BNP की उम्मीदवार तहसीना रुश्दी (लूना) ने 116,697 वोट हासिल कर जीत दर्ज की है। प्रथम आलो की रिपोर्ट यह जानकारी दी है।
बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी 13वें राष्ट्रीय चुनाव में जीत की ओर बढ़ रही है। पार्टी नेतृत्व ने सार्वजनिक जश्न के बजाय संयम और पूरे देश में प्रार्थना करने की अपील की है। BNP के चेयरमैन तारिक रहमान ने सभी संगठनात्मक स्तरों के नेताओं और कार्यकर्ताओं को आज जुमे की नमाज के बाद पूरे देश में विशेष प्रार्थना करने का निर्देश दिया है। उन्होंने पार्टी नेताओं और समर्थकों से देश में कहीं भी कोई विजय रैली या सभा आयोजित ना करने के लिए भी कहा है।
जमात के सेक्रेटरी जनरल मिया गुलाम पोरवार अपने BNP विरोधी अली असगर लॉबी से हार गए। पोरवार को 1,44,956 वोट मिले, जबकि लॉबी को दक्षिण-पश्चिमी खुलना चुनाव क्षेत्र में 1,47,658 वोट मिले।बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) को संसदीय चुनाव में बंपर जीत मिली है।
बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) के सेक्रेटरी जनरल मिर्जा फखरुल इस्लाम आलमगीर ने उत्तर-पश्चिमी ठाकुरगांव में अपने चुनाव क्षेत्र से 2,34,144 वोटों से जीत हासिल की। उनके विरोधी जमात उम्मीदवार दिलवर हुसैन को 1,37,281 वोट मिले।
जमात-ए-इस्लामी के प्रेसिडेंट शफीकुर रहमान को ढाका चुनाव क्षेत्र में अनऑफिशियली विजेता घोषित किया गया। उन्हें 82,645 वोट मिले, जबकि उनके BNP प्रतिद्वंद्वी को 61,920 वोट मिले। जमात-ए-इस्लामी की विचारधारा इस्लामी शासन और शरीयत आधारित व्यवस्था पर केंद्रित रही है। इसे कट्टरपंथ से भी जोड़कर देखा जाता है।
इत्तेफाक अखबार के अब तक के अनऑफिशियल नतीजों के मुताबिक, BNP ने 158 सीटें, जमात ने 41 और अन्य ने 5 सीटें जीती हैं। जिन 299 सीटों पर वोटिंग हुई थी, उनमें से 204 पर गिनती पूरी हो चुकी थी। BNP ने पहले घोषणा की थी कि अगर वह सत्ता में आती है, तो रहमान बांग्लादेश के अगले प्रधानमंत्री होंगे, जिससे मुहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाली अंतरिम सरकार का पिछले 18 महीने का शासन खत्म हो जाएगा।
बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) के चेयरमैन तारिक रहमान पूर्व राष्ट्रपति जियाउर रहमान और पूर्व प्रधानमंत्री खालिदा जिया के पुत्र हैं। वो लंबे समय से BNP की रणनीतिक सोच के केंद्र में रहे हैं। पार्टी के भीतर उन्हें संगठनात्मक सुधार, युवा नेतृत्व को आगे लाने और जमीनी स्तर पर नेटवर्क मजबूत करने वाला नेता माना जाता है।
बांग्लादेश में हुए आम चुनावों में बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) को बंपर जीत मिलती हुई दिख रही है। स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स ने इसकी पुष्टि कर दी है। बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी ने 151 सीटों का जादुई आंकड़ा पार कर बहुमत हासिल कर लिया है। Ekattor TV और अन्य प्रमुख समाचार चैनलों के अनुसार BNP अब तक 151 से अधिक सीटें जीत चुकी है। इस जीत से 18 साल बाद पार्टी की सत्ता में वापसी का रास्ता साफ हो गया है।
बांग्लादेश में 13वें संसदीय चुनाव के लिए वोटिंग के दिन देशभर में अलग-अलग जगहों पर कम से कम 9 लोगों की मौत हो गई, जिनमें बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) के एक नेता, एक पीठासीन अधिकारी और एक पोलिंग अधिकारी शामिल हैं। कुछ लोग पोलिंग सेंटर पर बीमार पड़ गए, कुछ वोटिंग के बाद रास्ते में और कुछ सेंटर पर अपनी ड्यूटी करते समय बीमार पड़ गए। कुछ मामलों में मौतों को लेकर आरोप-प्रत्यारोप भी लगे हैं।
बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) के चेयरमैन तारिक रहमान ने बांग्लादेश की इंटरनेशनल पार्टनरशिप को फिर से ठीक करने का वादा किया है। उन्होंने गरीब परिवारों के लिए फाइनेंशियल मदद बढ़ाने, खिलौनों और लेदर के सामान जैसी इंडस्ट्री को बढ़ावा देकर गारमेंट एक्सपोर्ट पर निर्भरता कम करने, तानाशाही को रोकने के लिए प्रधानमंत्रियों के लिए 2 टर्म, 10 साल की लिमिट लागू करने पर भी जोर दिया है।
बांग्लादेश के मुख्य चुनाव आयुक्त AMM Nasir Uddin ने कहा है कि चुनाव आयोग ने पूरी पारदर्शिता के साथ मतदान कराया है और छिपाने जैसा कुछ नहीं है। उन्होंने पत्रकारों से कहा कि लोग और मीडिया खुद सब देख सकते हैं। आयोग चाहता है कि सभी को भरोसा हो कि चुनाव निष्पक्ष और खुली प्रक्रिया से कराए गए हैं।
बांग्लादेश के सिलहट-6 (बियानी बाजार और गोलापगंज) निर्वाचन क्षेत्र में BNP उम्मीदवार इमरान अहमद चौधरी जीत गए हैं। उन्हें 70,794 वोट मिले। उनके प्रतिद्वंद्वी, जमात के मोहम्मद सलीम उद्दीन को 55,923 वोट मिले। सिलहट जिला रिटर्निंग ऑफिसर और उपायुक्त मोहम्मद सरवर आलम ने नतीजों का ऐलान किया।
बांग्लादेश चुनाव में कुश्तिया के चार संसदीय क्षेत्रों में 3 पर जमात ने और 1 सीट पर BNP ने जीत हासिल की है। कुश्तिया-1 (दौलतपुर) निर्वाचन क्षेत्र में BNP उम्मीदवार को विनर घोषित किया गया है। उन्हें 1,65,085 वोट मिले हैं। जमात के बेलाल उद्दीन को 85,085 वोट मिले हैं। BNP के बागी उम्मीदवार नूरुज्जमान हबलू मोल्ला 17,812 वोटों के साथ तीसरे नंबर पर रहे।
बांग्लादेश में 300 में से 299 संसदीय सीटों पर मतदान बृहस्पतिवार (12-02-2026) सुबह साढ़े सात बजे (स्थानीय समयानुसार) शुरू हुआ था और शाम साढ़े 4 बजे तक जारी रहा। हालांकि, जिन जगहों पर मतदाता मतदान केंद्र के अंदर थे, वहां उनके मतदान करने तक मतदान जारी रहा। वहीं, एक निर्वाचन क्षेत्र में एक उम्मीदवार की मृत्यु होने के कारण मतदान रद्द कर दिया गया।
बांग्लादेश में हुए संसदीय चुनाव में बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) बड़ी जीत की ओर बढ़ती हुई नजर आ रही है। अब तक आए नतीजों के मुताबिक BNP ने 127 सीटों पर जीत का परचम लहराया है। जमात-ए-इस्लामी ने 34 सीटों पर जीत दर्ज की है। नेशनल सिटीजन पार्टी ने 4 सीटें जीती हैं जबकि एक सीट अन्य के खाते में गई है।
बांग्लादेश में इस वक्त काउंटिंग चल रही है। BNP 175 से अधिक सीटों पर आगे चल रही है। BNP के चेयरमैन तारिक रहमान ने दोनों सीटों ढाका-17 और बोगरा-6 में जीत दर्ज की है। BNP के महासिचव मिर्जा फखरुल इस्लाम आलमगीर ठाकुरगांव-1 सीट से आगे चल रहे हैं।
बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) के प्रवक्त महदी अमीन ने कहा कि उनकी पार्टी को चुनाव में जीत की पूरी उम्मीद है। उन्होंने कहा कि BNP चुनाव जीतेगी और सरकार बनाएगी। बांग्लादेश के द डेली स्टार अखबार की रिपोर्ट के अनुसार उन्होंने कहा, “अब तक वोटों की गिनती और सीट के हिसाब से मिली डिटेल्ड जानकारी के आधार पर, हमें जीत की उम्मीद है।”
बांग्लादेश में अब तक हुई मतगणना के अनुसार बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) अब तक ऑफिशियली घोषित 21 नतीजों में से 19 सीटें जीती हैं। जमात-ए-इस्लामी ने 2 सीटों पर परचम लहराया है। जमात-ए-इस्लामी के चीफ शफीकुर रहमान ने कहा है कि उनकी पार्टी पॉजिटिव पॉलिटिक्स करेंगे।
भारत ने कहा कि वह बांग्लादेश में चुनाव के परिणाम और जनादेश का इंतजार करेगा। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा, ''हम बांग्लादेश में स्वतंत्र, निष्पक्ष, समावेशी और विश्वसनीय चुनाव के समर्थन में खड़े हैं।'' बांग्लादेश में 13वें संसदीय चुनाव के लिए मतदान के साथ-साथ जुलाई राष्ट्रीय चार्टर के नाम से जाने जाने वाले 84 सूत्रीय सुधार पैकेज के कार्यान्वयन पर एक जनमत संग्रह भी कराया गया। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता से यह भी पूछा गया कि क्या नई दिल्ली द्वारा कोई पर्यवेक्षक भेजे गए हैं। उन्होंने कहा, ''हमें पर्यवेक्षक भेजने का निमंत्रण मिला था। हमने बांग्लादेश में अपने पर्यवेक्षकों को नहीं भेजा है।''
जमात-ए-इस्लामी के चीफ शफीकुर रहमान ने कहा है कि अगर उनकी पार्टी चुनाव नहीं जीतती है तो भी वह विपक्ष की रुकावट डालने वाली पॉलिटिक्स में शामिल नहीं होगी। बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) शुरुआती रुझानों में आगे निकल गई है। शफीकुर रहमान ने पत्रकारों से कहा, “हम पॉजिटिव पॉलिटिक्स करेंगे।”
बांग्लादेश में चुनाव नतीजे सामने आने लगे हैं। तंगेल-7 सीट पर BNP के अबुल कलाम आजाद सिद्दीकी ने 141,253 वोटों के साथ जीत का परचम लहराया है। उनके सबसे करीबी प्रतिद्वंदी जमात-ए-इस्लामी के अब्दुल्ला तालुकदार को 71,040 वोट मिले हैं।
BNP ने एक और सीट जीत ली है। बांग्लादेशी अखबार प्रोथोम अलो का कहना है कि BNP के कमरुज्जमां कमरुल ने सुनामगंज-1 सीट पर जीत हासिल की है। अखबार का कहना है कि अभी तक उन्हें 34,941 वोट मिले हैं, जो उनके सबसे करीबी विरोधी जमात के तोफैल अहमद को मिले 20,040 वोटों से कहीं ज्यादा हैं। प्रोथोम अलो का कहना है कि इस जानकारी की पुष्टि चुनाव अधिकारी जॉनी रॉय ने की है।
बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) आम चुनावों में अपनी कभी की सहयोगी रही जमात-ए-इस्लामी पर बढ़त बनाए हुए है। यह चुनाव अगस्त 2024 में अवामी लीग सरकार के गिरने के बाद बनी अंतरिम सरकार की जगह नई सरकार चुनने के लिए हो रहे हैं। PTI की एक रिपोर्ट के मुताबिक, शुरुआती नतीजों में BNP को बढ़त मिली है, उसके उम्मीदवार 175 से ज्यादा सीटों पर आगे हैं, जबकि जमात के उम्मीदवार 30 सीटों पर आगे हैं।
बांग्लादेश में वोटों की गिनती के बीच ढाका-8 निर्वाचन क्षेत्र से धांधली की शिकायतों के बाद नेशनल सिटीजन पार्टी (NCP) के संयोजक और ‘जुलाई क्रांति’ के प्रमुख चेहरे नाहिद इस्लाम ने रात करीब 10:50 बजे अपने फेसबुक पेज पर एक आपातकालीन अपील जारी करते हुए छात्रों और आम जनता से तुरंत ढाका-8 पहुंचने का आह्वान किया है। नाहिद ने NCP के उम्मीदवार नासिरुद्दीन पटवारी की पोस्ट साझा करते हुए लिखा कि छात्रों और जनता के वोटिंग अधिकारों की रक्षा के लिए सभी को एकजुट होना होगा, क्योंकि वहां चुनाव परिणामों को प्रभावित करने की कोशिशें की जा रही हैं। ढाका-8 में BNP नेता मिर्जा अब्बास और पटवारी के बीच कांटे की टक्कर है।
बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) के चेयरमैन तारिक रहमान ने 2 महत्वपूर्ण सीटों ढाका-17 और बोगरा-6 पर जीत दर्ज कर बड़ी राजनीतिक वापसी की है। 17 साल के लंबे निर्वासन के बाद वतन लौटे तारिक रहमान के लिए चुनावी नतीजे किसी संजीवनी से कम नहीं हैं। तारिक रहमान ने ना केवल अपनी पारिवारिक विरासत वाली सीट बोगरा-6 पर कब्जा बरकरार रखा, बल्कि राजधानी की हाई-प्रोफाइल सीट ढाका-17 पर भी जीत का परचम लहरा दिया है।
बांग्लादेश के संसदीय चुनावों में सुनामगंज-1 (धर्मपाशा और ताहिरपुर) सीट पर, BNP के कमरुज्जमां कमरुल 34,941 वोटों के साथ विजेता घोषित किए गए हैं। उनके सबसे करीबी प्रतिद्वंद्वी, जमात के तोफैल अहमद को 20,040 वोट मिले हैं। न्यूज आउटलेट प्रोथोम आलो के मुताबिक, असिस्टेंट रिटर्निंग ऑफिसर जॉनी रॉय ने नतीजे की पुष्टि की है।
बांग्लादेश में अब तक हुई मतगणना के अनुसार बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) 76 सीटों पर आगे है। बांग्लादेश जमात-ए-इस्लामी पार्टी 21 सीटों पर बढ़त बनाए हुए है। अन्य 2 सीटों पर आगे चल रहे हैं। बांग्लादेश के संसदीय चुनावों में जमात-ए-इस्लामी के अमीर (प्रमुख) शफीकुर रहमान को अपने ही पोलिंग बूथ पर हार का सामना करना पड़ा है।
बांग्लादेश में अब तक हुई मतगणना के अनुसार बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) बढ़त बनाए हुए है। कट्टरपंथी जमात-ए-इस्लामी को चुनाव में बड़ा झटका लगा है। बांग्लादेश में हुए चुनाव को लेकर आवामी लीग के नेताओं का कहना है कि यह गैर-कानूनी और गैर-संवैधानिक सरकार के गैर-कानूनी चुनाव आयोग द्वारा घोषित एकतरफा चुनाव है।
बांग्लादेश के संसदीय चुनावों के परिणाम सामने आने लगे हैं। सुनामगंज-2 निर्वाचन क्षेत्र से बड़ा अपडेट सामने आया है। जमात-ए-इस्लामी के उम्मीदवार शिशिर मणिर ने मतगणना के शुरुआती रुझानों में पिछड़ने के बाद अपनी हार स्वीकार कर ली है और BNP के उम्मीदवार नासीरउद्दीन चौधरी को जीत की बधाई भी दे दी है।
अवामी लीग के भविष्य को लेकर पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के बेटे सजीब वाजेद जॉय ने बड़ा रणनीतिक खुलासा किया है। जॉय ने घोषणा की है कि उनकी पार्टी बहुत जल्द बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) से संपर्क साधने वाली है, क्योंकि यह देश की एक बड़ी और महत्वपूर्ण राजनीतिक ताकत है। उन्होंने दावा किया कि अवामी लीग को चुनावी प्रक्रिया से बाहर रखकर और प्रतिबंधित करके देश में लोकतंत्र को बहाल नहीं किया जा सकता, और वो अपनी पार्टी की वापसी सुनिश्चित करने के लिए जो कुछ भी आवश्यक होगा वह करेंगे।
बांग्लादेश में अब तक हुई मतगणना के अनुसार बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) बढ़त बनाए हुए है। डेली स्टार के अनुसार, तारिक रहमान की BNP नेत्रोकोना जिले की 5 में से 4 सीटों पर आगे चल रही है। बाकी एक सीट पर जमात आगे चल रही है।
बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी का चुनाव में डंका बजा है। डेली स्टार की रिपोर्ट के मुताबिक, BNP के असदुज्जमां ने जेनेदाह-1 सीट 171,598 वोट हासिल करके जीती है। उनके सबसे करीबी मुकाबले में जमात के उम्मीदवार मतिउर रहमान हैं, जिन्हें 55,930 वोट मिले।
बांग्लादेश में चुनाव के दौरान निर्दलीय महिला उम्मीदवार हबीबा बेगम पर हमला हुआ है। बेगम को इतनी बुरी तरह पीटा गया कि उन्हें सुनने और बोलने में दिक्कत आने लगी और अस्पताल जाना पड़ा। हबीबा बेगम राजशाही-3 (पबा-मोहनपुर) संसदीय क्षेत्र से चुनाव लड़ रही हैं। डेली टाइम्स ऑफ बांग्लादेश के मुताबिक, दोपहर करीब 3:30 बजे पबा उपजिले के नलखोला स्कूल के बाहर हबीबा से धक्का-मुक्की की गई और कई थप्पड़ मारे गए। हबीबा मोहनपुर उपजिला परिषद की पूर्व महिला उपाध्यक्ष और मोहनपुर उपजिला कृषक लीग की महिला मामलों की पूर्व सचिव हैं। हमले का आरोप बीएनपी नेता पर लगा है।
बांग्लादेश में हुए चुनाव को लेकर आवामी लीग के नेता AFM बहाउद्दीन नसीम ने कहा, "यह बांग्लादेश में एक गैर-कानूनी और गैर-संवैधानिक सरकार के गैर-कानूनी चुनाव आयोग द्वारा घोषित एकतरफा चुनाव हैं। बांग्लादेश की आबादी के एक हिस्से को इन चुनावों से दूर रखा गया है। बांग्लादेश में सिर्फ एक पार्टी है जो बैन है - आवामी लीग। बांग्लादेश में पिछले 54 सालों में, आवामी लीग ने 13 में से 11 चुनाव जीते हैं। आवामी लीग को ये चुनाव ना लड़ने देने का कारण यह है कि बांग्लादेश की एक बड़ी आबादी आवामी लीग का समर्थन करती है। इस गैर-कानूनी सरकार के राज में, 18 महीनों में बहुत ज्यादा ज़ुल्म और गैर-कानूनी काम हुए हैं। देश में कोई ह्यूमन राइट्स नहीं हैं, कोई बेसिक राइट्स नहीं हैं। चुनाव के नाम पर सिर्फ ड्रामा हो रहा है। देश के लोगों को धोखा दिया गया है। लोग समझ गए हैं कि इन चुनावों का कोई बेस नहीं है।"
बांग्लादेश में हुए चुनाव में बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी के चेयरमैन तारिक रहमान ने भारी मतों से जीत दर्ज की है। तारिक की जीत के बाद पार्टी कर्याकर्ताओं में गजब का उत्साह देखने को मिला है। तारिक रहमान पूर्व प्रधानमंत्री खालिदा जिया के बेटे हैं।
भारत में बांग्लादेश के हाई कमिश्नर एम रियाज हमीदुल्लाह ने कहा, "बांग्लादेश चुनाव में वोटिंग शाम 4 बजे (IST) खत्म हो गई, जो कुछ सेंटर्स पर ज्यादा वोटिंग, खासकर महिलाओं के कारण शाम 5 बजे के बाद भी जारी रही। हिंसा की कुछ घटनाओं को छोड़कर, चुनाव ज्यादातर शांतिपूर्ण रहे, जिसमें महिलाओं, बुज़ुर्ग वोटर्स और पहली बार वोट देने वालों ने अच्छी हिस्सेदारी की। कई लोगों ने कहा कि वो शायद अपनी जिंदगी में आखिरी बार वोट दे रहे हैं। करीब 900000 सिक्योरिटी वालों को लगाया गया था, और मिलिट्री का रोल भी उतना ही अच्छा था।"
बांग्लादेश में अब तक हुई मतगणना के अनुसार बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) 60 सीटों पर आगे है। बांग्लादेश जमात-ए-इस्लामी पार्टी 18 सीटों पर बढ़त बनाए हुए है। नेशनल सिटीजन पार्टी एक सीट पर आगे है तो वहीं अन्य ने भी एक सीट पर बढ़त बनाई हुई है।
बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) ने अपनी विरोधी पार्टियों पर आरोप लगाया कि उनकी गुमराह करने वाली गतिविधियों की वजह से कम वोटिंग हुई है। BNP के महदी अमीन ने आरोप लगाया कि विरोधी पार्टियों ने वोटरों को धमकाया और उन्हें पोलिंग सेंटर पर आने से रोका। डेली स्टार ने उनके हवाले से कहा, "अगर ये बुरी घटनाएं नहीं हुई होतीं, तो वोटर टर्नआउट ज्यादा हो सकता था।"
बांग्लादेश में वोटों की गिनती के बीच तारिक रहमान की लीडरशिप वाली BNP ने कहा है कि पार्टी की जीत जरूर होनी चाहिए। डेली स्टार ने BNP के महदी अमीन के हवाले से कहा, “असलियत यह है कि BNP की जीत जरूर और साफ है। हमें पक्का यकीन है कि इसे कमजोर करने की कोई भी बुरी कोशिश कामयाब नहीं होगी।” इस बीच बीच जमात-ए-इस्लामी के प्रमुख शफीकुर रहमान ने कहा है कि पार्टी नतीजों को मानेगी।
जमात-ए-इस्लामी के मुखिया शफीकुर रहमान को मीरपुर में अपने ही पोलिंग सेंटर पर झटका लगा है। उन्हें 'स्केल' सिंबल के तहत 560 वोट मिले हैं जबकि BNP के सपोर्ट वाले कैंडिडेट शफीकुल इस्लाम खान 565 वोटों के साथ आगे रहे। डाले गए 1,174 वोटों में से 27 कैंसिल हो गए हैं। शफीकुर को अपने ही बूथ पर 5 वोटों से हार का सामना करना पड़ा है।
शुरुआती रुझानों के मुताबिक, BNP के सेक्रेटरी जनरल मिर्जा फ़खरुल इस्लाम आलमगीर 35 पोलिंग सेंटर से 39,101 वोटों के साथ आगे चल रहे हैं। उनके सबसे करीबी विरोधी, जमात-ए-इस्लामी के उम्मीदवार 'दारी पल्ला' को 25,976 वोट मिले हैं, जबकि इस्लामी आंदोलन बांग्लादेश के खादिमुल इस्लाम को 705 वोट मिले हैं।
कॉक्स बाजार-1 (कॉक्स बाजार–पेकुआ) संसदीय क्षेत्र के 20 मतदान केंद्रों के परिणाम घोषित कर दिए गए हैं। कॉक्स बाजार और पेकुआ के सहायक रिटर्निंग अधिकारियों द्वारा जारी नतीजों के अनुसार, इन 20 केंद्रों में बीएनपी (बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी) के उम्मीदवार सलाहुद्दीन अहमद को 28,069 वोट प्राप्त हुए हैं। उनके निकटतम प्रतिद्वंद्वी जमात-ए-इस्लामी के उम्मीदवार अब्दुल्लाह अल फारुक को 12,541 वोट मिले हैं। कॉक्स बाजार-1 निर्वाचन क्षेत्र में कुल 5,33,089 मतदाता हैं। इस सीट पर कुल 3 उम्मीदवार चुनाव मैदान में हैं और पूरे क्षेत्र में 177 मतदान केंद्र बनाए गए हैं।
बांग्लादेश जमात-ए-इस्लामी के उम्मीदवार शिशिर मनीर ने सुनामगंज-2 चुनाव क्षेत्र (दिराई-शल्ला) से चुनाव में हार मान ली है। गुरुवार रात स्थानीय समयानुसार करीब 8:20 बजे, मनीर ने अपने वेरिफाइड फेसबुक अकाउंट पर अपनी हार मानते हुए पोस्ट किया और अपने विरोधी उम्मीदवार नासिर उद्दीन चौधरी को बधाई दी।
बांग्लादेश में हुए संसदीय चुनावों में बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी बढ़त बनाती हुई नजर आ रही है। अभी तक मिले रुझानों के मुताबिक, BNP 24 सीटों पर आगे चल रही है, जबकि बांग्लादेश जमात-ए-इस्लामी 12 सीटों पर बढ़त बनाए हुए है।
चुनाव आयोग के एक प्रवक्ता के अनुसार, मतदान के पहले महत्वपूर्ण परिणाम रात भर में उपलब्ध हो सकते हैं। स्थानीय मतदान का समय समाप्त होने के तुरंत बाद मतगणना की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है, जिसके बाद यह अपडेट सामने आया है।
बीएनपी के प्रवक्ता महदी अमीन ने कहा कि एक राजनीतिक प्रतिद्वंद्वी की भ्रामक गतिविधियों के कारण मतदाता मतदान कम रहा। उन्होंने पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं से अंतिम परिणाम घोषित होने तक मतदान केंद्रों पर डटे रहने का आह्वान किया। पार्टी ने देश भर में अपने पोलिंग एजेंटों को मतगणना प्रक्रिया पर कड़ी निगरानी रखने का भी निर्देश दिया है।
अभी तक सामने आए शुरुआती रुझानों में बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी 22 सीटों पर आगे चल रही है। वहीं, बांग्लादेश जमात-ए-इस्लामी ने भी 10 सीटों पर बढ़त बनाई हुई है। नेशनल सिटिजन पार्टी अभी रुझानों में खाता नहीं खोल पाई है।
2024 के बांग्लादेश चुनावों में शेख हसीना के नेतृत्व वाली अवामी लीग ने लगातार चौथी बार जीत हासिल की और सीधे निर्वाचित होने वाली 300 सीटों में से 224 सीटें जीतीं। मुख्य विपक्षी दल, बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) और उसके सहयोगियों ने इस चुनाव का बहिष्कार किया था।
बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) ने बांग्लादेश में 1979, 1991, फरवरी 1996 और 2001 में कुल 4 चुनावों में जीत हासिल की। बेगम खालिदा जिया दो बार- 1991 और 2001 में प्रधानमंत्री बनीं।
बांग्लादेश में चुनाव के शुरूआती रुझानों में जमात औऱ BNP में कड़ी टककर नज़र आ रही हैं। BNP चेयरमैन तारिक़ रहमान अपनी सीट से आगे चल रहे हैं।
अवामी लीग ने बांग्लादेश में 1973, 1996, 2008, 2014, 2018 और 2024 में कुल 6 चुनावों में जीत हासिल की है। शेख मुजीबुर रहमान के नेतृत्व में पार्टी ने 1973 में 293 सीटें जीतकर पहला चुनाव जीता था।
बांग्लादेश में 13वें संसदीय चुनाव के लिए 50 राजनीतिक दलों के कुल 1,755 उम्मीदवार और 273 निर्दलीय उम्मीदवार चुनाव मैदान में हैं। बीएनपी ने सबसे अधिक 291 उम्मीदवार उतारे हैं। चुनाव में 83 महिला उम्मीदवार हैं।
जमात-ए-इस्लामी की लीडरशिप वाले 11 राजनीतिक पार्टियों के चुनावी गठबंधन ने 13वें संसदीय चुनाव की मतदान प्रक्रिया को बेहतरीन बताया। उन्होंने कहा कि कुछ छिटपुट हिंसा की घटनाओं और अनियमितताओं के आरोपों के बावजूद चुनावी प्रक्रिया अच्छे से संपन्न हो गई। इसके साथ ही, जमात-ए-इस्लामी ने चुनाव में भारी जीत हासिल करने और सबसे ज्यादा सीटें जीतने की आशा जताई है।
बांग्लादेश की राजधानी ढाका के Wills Little Flower School and College में बनाए गए पोलिंग सेंटर में वोटों की गिनती की जा रही है। यहां बैलेट पेपर की अलग-अलग गड्डियां बना ली गई हैं। महिला और पुरुष दोनों कर्मचारी मिलकर वोटों की काउंटिंग कर रही हैं। बांग्लादेश में वोटर्स को जल्द से जल्द परिणाम आने का इंतजार है।
Gono Odhikar Parishad के उम्मीदवार मोहम्मद-ए-जसीमुद्दीन ने भारी अनियमितताओं और धांधली का हवाला देते हुए कोमिला-4 (देबिदवार) निर्वाचन क्षेत्र में वोटिंग का बहिष्कार करने का ऐलान किया। जसीम उद्दीन ने मतदान खत्म होने के बाद शाम को करीब 5 बजे फेसबुक लाइव में यह कहा। उन्होंने आरोप लगाया कि उनके पोलिंग एजेंट्स को कई मतदान केंद्रों में एंट्री करने से रोका गया और कई केंद्रों से तो जबरन बाहर निकाल दिया गया।
शेख हसीना ने आरोप लगाया कि 11 फरवरी की शाम से ही इस चुनाव की शुरुआत पोलिंग सेंटर्स पर कब्जा, गोलीबारी, धनबल के व्यापक इस्तेमाल और मतपत्रों पर जबरन मुहर लगाने जैसी घटनाओं के साथ हो गई थी। 12 फरवरी की सुबह से बांग्लादेश के ज्यादातर मतदान केंद्रों पर मतदाताओं की मौजूदगी बेहद कम रही। ढाका और देश के कई हिस्सों में कई मतदान केंद्र पूरी तरह से खाली रहे।
शेख हसीना ने कहा कि मैं फासीवादी यूनुस की तरफ से अवैध और असंवैधानिक तरीके से सत्ता हथियाने के बाद कराए गए इस कथित चुनाव को रिजेक्ट करने के लिए माताओं, बहनों और अल्पसंख्यक समुदायों सहित सभी का धन्यवाद और आभार व्यक्त करती हूं। ये चुनाव जनता के मतदान के अधिकार, लोकतांत्रिक मूल्यों और संविधान की भावना को इग्नोर करते हुए आवामी लीग को बाहर रखकर और वोटर्स की वास्तविक भागीदारी के बिना आयोजित किया गया।
बांग्लादेश के चुनाव पर रिएक्शन देते हुए शेख हसीना ने कहा कि आवामी लीग इस मतदाता-विहीन, अवैध और असंवैधानिक चुनाव को रद्द करने, यूनुस के इस्तीफे, झूठे मामलों की वापसी और सभी राजनीतिक बंदियों, शिक्षकों, पत्रकारों, बुद्धिजीवियों और पेशेवरों की रिहाई, अवामी लीग की गतिविधियों पर लगाए गए बैन को हटाने की मांग करती है। इसके साथ ही, एक निष्पक्ष कार्यवाहक सरकार के अधीन स्वतंत्र, निष्पक्ष और समावेशी चुनाव के जरिए से जनता का वोटिंग अधिकार बहाल करने की डिमांड करते हैं।
BNP चीफ तारिक रहमान ने कहा कि उनकी पार्टी उन सारी पार्टियों के साथ मिलकर बांग्लादेश चलाना चाहती है जिन्होंने आंदोलन में उनका साथ दिया था। इस दौरान, उन्होंने चुनाव में अपनी पार्टी की ऐतिहासिक जीत का भरोसा जताया। यह पूछे जाने पर कि BNP के कितनी सीटें जीतने की उम्मीद है, तारिक ने जवाब दिया कि हमें पूरा भरोसा है कि हम इतनी सीटें जीते लेंगे जिससे हम देश को अच्छी तरह से चला पाएं।
कानून प्रवर्तन एजेंसियों ने बांग्लादेश के मतदान केंद्रों के आसपास सुरक्षा बढ़ा दी है। सियासी दलों के कार्यकर्ताओं और समर्थकों को आसपास के इलाकों से दूर हटा दिया गया। निर्धारित वक्त पर मतदान खत्म होने के तुरंत बाद, कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए तैनात बलों के मेंबर्स ने पोलिंग बूथ के पास जमा हुए लोगों को तितर-बितर होने का निर्देश दिया।
मुख्य सलाहकार मुहम्मद यूनुस बोले कि हम सभी मिलकर एक जवाबदेह, समावेशी और न्यायपूर्ण राज्य के निर्माण की दिशा में आगे बढ़ने वाले हैं। बांग्लादेश का यह चुनाव हमारे लिए बहुत खुशी और उत्सव का पल है। इसके जरिए एक नए बांग्लादेश की अभूतपूर्व यात्रा का शुभारंभ हो गया है। यह चुनाव बांग्लादेश के इतिहास में सबसे शांतिपूर्ण और उत्सवपूर्ण रहा। अगर यह निरंतरता बनी रहती है, तो बांग्लादेश की डेमोक्रेसी उत्कृष्टता के शिखर पर पहुंचेगा।
बांग्लादेश की सरकार के मुख्य सलाहकार मुहम्मद यूनुस ने कहा, 'मैं इलेक्शन कमीशन, कानून प्रवर्तन एजेंसियों, सशस्त्र बलों, प्रशासन, पर्यवेक्षक टीमों, मीडिया कर्मियों और मतदान प्रक्रिया में शामिल सभी अफसरों और कर्मचारियों को स्पेशल थैंक्स कहता हूं। उनके समर्पण और कड़ी मेहनत की वजह से यह विशाल लोकतांत्रिक आयोजन कामयाबी से पूरा हो सका है। मैं सभी सियासी दलों और उम्मीदवारों से अंतिम परिणाम घोषित होने के बाद भी लोकतांत्रिक मर्यादा, सहिष्णुता और आपसी सम्मान बनाए रखने की अपील करता हूं। मतभेद होंगे, लेकिन राष्ट्रीय हित में हमें एकजुट रहना होगा।
बांग्लादेश की सरकार के मुख्य सलाहकार मुहम्मद यूनुस ने पूरे देश का आभार व्यक्त किया, क्योंकि 13वें आम चुनाव और जुलाई राष्ट्रीय चार्टर के कार्यान्वयन पर जनमत संग्रह संपन्न हो गया है। यह शांतिपूर्ण और व्यवस्थित माहौल में हुआ। उन्होंने शाम को 4:30 बजे मतदान समाप्त होने के बाद एक बयान में कहा कि मतदाताओं की भागीदारी, सियासी दलों का जिम्मेदार आचरण, उम्मीदवारों की तरफ से दिखाया गया संयम और चुनावी प्रक्रिया में शामिल सभी संस्थानों की पेशवर रवैये ने सामूहिक रूप से यह दिखाया कि लोकतंत्र के प्रति हमारी प्रतिबद्धता अटूट है।
BNP चीफ तारिक रहमान ने आज चुनाव का रिजल्ट जल्द घोषित करने की मांग की। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग प्रभावी कदम उठाए ताकि वोटर अपने डाले गए वोटों का रिजल्ट जल्द से जल्द जान सकें। उन्होंने वॉर्निंग दी कि परिणामों के जारी होने में किसी भी देरी से कन्फ्यूजन की स्थिति पैदा हो सकती है। अगर चुनाव में किसी भी प्रकार की धांधली या भ्रम पैदा हुआ तो परिणाम स्वीकार नहीं किए जाएंगे।
National Citizens’ Party की चुनाव प्रबंधन समिति की सेक्रेटरी मोनिरा शर्मिन ने आम चुनाव में कई अनियमितताओं के आरोप लगाए हैं। उन्होंने चेतावनी दी है कि चुनाव परिणाम में हेरफेर की कोई भी कोशिश बर्दाश्त नहीं की जाएगी। शर्मिन ने कहा कि दोपहर तक वोटिंग आम तौर पर सुचारू रूप से हो रही थी, लेकिन उसके बाद अनियमितताओं की शिकायतें आईं, जिनके खिलाफ अधिकारियों ने कोई कार्रवाई नहीं की।
बांग्लादेश में 13वें आम चुनाव से पहले किए एमिनेंस एसोसिएट्स फॉर सोशल डेवलपमेंट के ओपिनियन पोल में बीएनपी के नेतृत्व वाले गठबंधन को बड़ी बढ़त मिलते हुए दिखाया गया था। 41 हजार 500 उत्तरदाताओं से पूछकर किए गए इस सर्वे के अनुसार, बीएनपी वाला गठबंधन चुनाव में करीब 208 सीटें जीत सकता है। वहीं, जमात-ए-इस्लामी के नेतृत्व वाले अलायंस को 46 सीटें मिलने का अनुमान है।
बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) की नेशनल इलेक्शन स्टीयरिंग कमेटी के स्पोक्सपर्सन और पार्टी चेयरमैन के एडवाइजर महदी अमीन ने कहा है कि लंबे समय के बाद लोगों को अपने वोट के अधिकार का इस्तेमाल करने का मौका मिला है। उन्होंने आगे कहा कि अगर चुनाव स्वतंत्र और निष्पक्ष हुए तो BNP की जीत पक्की होगी। महदी अमीन ने ढाका के गुलशन में BNP के इलेक्शन स्टीयरिंग कमेटी ऑफिस में हुई एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में मांग की कि चुनाव आयोग निष्पक्षता से नतीजों का ऐलान करे।
जमात-ए-इस्लामी के अमीर डॉक्टर शफीकुर रहमान ने गुरुवार को चुनावों के दौरान व्यवस्था बनाए रखने में सेना की भूमिका की तारीफ की है। ढाका में पार्टी के सेंट्रल इलेक्शन ऑफिस में एक ब्रीफिंग में बोलते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि BNP समर्थकों ने अलग-अलग इलाकों में पोलिंग सेंटर पर कब्जा कर लिया था, लेकिन सेना ने तुरंत दखल दिया। उन्होंने कहा, 'कई जगहों पर, BNP समर्थकों ने सेंटर पर कब्जा करने की कोशिश की। हालांकि, सेना ने कुछ ही समय में उन सेंटर को छुड़ा लिया। पूरे देश में सेना की भूमिका तारीफ के काबिल है।'
यह आम चुनाव बांग्लादेश के भविष्य को तय करने वाला माना जा रहा है। पिछले कई महीनों की अस्थिरता के बाद लोग एक स्थिर और लोकतांत्रिक सरकार चाहते हैं। हालांकि चुनावों में मतदाताओं के बीच मायूसी दिखी है और 2 बजे तक वोटिंग टर्नआउट 50 फीसदी से भी कम रहा है। चुनावों के परिणाम आने के बाद नई सरकार का गठन होगा, जो देश को आगे ले जाने की जिम्मेदारी संभालेगी।
BNP चेयरपर्सन के सलाहकार और पार्टी की इलेक्शन मैनेजमेंट कमेटी के प्रवक्ता डॉक्टर महदी अमीन ने गुरुवार को आरोप लगाया कि एक विरोधी पार्टी 'BNP की जीत को महसूस करने के बाद' अस्थिर स्थिति बनाने की कोशिश कर रही है। गुलशन में BNP के इलेक्शन मैनेजमेंट ऑफिस में पत्रकारों को जानकारी देते हुए महदी ने किसी का नाम लिए बगैर यह बात कही। उन्होंने कहा कि कई इलाकों में लोगों पर दबाव बनाने की कोशिशों की खबरें सामने आई हैं।
चुनाव अधिकारियों ने बताया कि ढाका-19 चुनाव क्षेत्र के अशुलिया में एक पोलिंग ऑफिसर को ड्यूटी से हटा दिया गया था, क्योंकि एक बुज़ुर्ग महिला 'गलती' की वजह से वोट नहीं डाल पाईं। बता दें कि बांग्लादेश के आम चुनावों में BNP और जमात ने एक-दूसरे पर वोटिंग में गड़बड़ी के आरोप लगाए हैं।
बांग्लादेश के आम चुनाव में मुख्य मुद्दे जो मतदाताओं के सामने हैं, उनमें भ्रष्टाचार, महंगाई, रोजगार के अवसर और लोकतंत्र की स्थिरता शामिल हैं। लोग उम्मीद कर रहे हैं कि नई सरकार इन समस्याओं का समाधान करेगी और देश में शांति व विकास लाएगी। अंतरिम सरकार ने वादा किया है कि चुनाव निष्पक्ष और शांतिपूर्ण होंगे। (रिपोर्ट: शोएब रजा)
बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी यानी कि BNP ने इन चुनावों में 291 उम्मीदवार उतारे हैं। यह पार्टी तारिक रहमान के नेतृत्व में मजबूत स्थिति में दिख रही है। वहीं, जमात-ए-इस्लामी ने 229 उम्मीदवार मैदान में उतारे हैं और यह 11 पार्टियों के गठबंधन का नेतृत्व कर रही है। जातीय पार्टी (एरशाद) के 198 उम्मीदवार मैदान में हैं, जबकि निर्दलीय उम्मीदवारों की संख्या 275 है। आवामी लीग को चुनावों से बैन कर दिया गया है, इसलिए वह चुनाव नहीं लड़ रही है। (रिपोर्ट: शोएब रजा)
ऐतिहासिक आम चुनाव के दौरान अंतरिम सरकार के मुख्य सलाहकार डॉ. मुहम्मद यूनुस ने वोट डालने के बाद कहा, 'आज नए बांग्लादेश का जन्मदिन है।' वहीं, बीएनपी चेयरमैन तारिक रहमान ने वोट डालने के बाद जीत पर भरोसा जताया। जमात-ए-इस्लामी के अमीर शफीकुर रहमान ने कहा, 'अगर चुनाव स्वतंत्र और निष्पक्ष हुए तो हम परिणाम स्वीकार करेंगे।'
बांग्लादेश के संसदीय चुनावों में दोपहर 2 बजे तक सभी पोलिंग सेंटर्स पर कुल मिलाकर 47.91 प्रतिशत वोटिंग हुई है। बता दें कि बांग्लादेश की 300 में से 299 सीटों पर शाम 04:30 बजे तक वोटिंग हुई है और उसके ठीक बाद वोटों की गिनती शुरू हो गई है।
मौजूदा चुनाव मुहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाली अंतरिम सरकार के तहत हो रहा है, जो अगस्त 2024 से सत्ता संभाल रही है। कुल 300 सीटों के लिए 1,981 उम्मीदवार मैदान में हैं, जिनमें 78 महिला उम्मीदवार शामिल हैं। मतदाताओं की कुल संख्या 12 करोड़ 77 लाख से ज्यादा है, जिनमें महिला मतदाता लगभग 6 करोड़ 28 लाख हैं। (रिपोर्ट: शोएब रजा)
बांग्लादेश में वोटिंग के खात्मे के बाद अब मतगणना शुरू हो चुकी है। इन चुनावों में बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी और जमात-ए-इस्लामी के बीच सीधी टक्कर मानी जा रही है। बता दें कि शेख हसीना की पार्टी अवामी लीग को इन चुनावों में बैन किया गया है। माना जा रहा है कि ये चुनाव काफी हद तक आने वाले कई सालों के लिए देश का मुस्तकबिल तय करने जा रहे हैं।
बांग्लादेश में आज आम चुनाव हो रहे हैं और थोड़ी ही देर में वोटों की गिनती शुरू होने वाली है। यह देश के इतिहास में एक महत्वपूर्ण दिन है, क्योंकि यह 2024 में छात्रों के आंदोलन से शेख हसीना की सरकार गिरने के बाद पहला आम चुनाव है। पिछले तीन दशकों में पहली बार ऐसा हो रहा है जब सत्ता की 2 सबसे ताकतवर महिलाएं शेख हसीना और खालिदा जिया चुनाव मैदान में नहीं हैं। खालिदा जिया का निधन हो चुका है, जबकि शेख हसीना भारत में शरण लिए हुए हैं।
बांग्लादेश में मतदान की प्रक्रिया पूर्ण होने की कगार पर है और इसके खत्म होते ही काउंटिंग शुरू हो जाएगी। भारतीय समयानुसार शाम 4 बजे से पड़ोसी देश में मतगणना शुरू हो जाएगी। इस चुनाव में मतदान बैलट पेपर के माध्यम से कराया गया है। चुनावों में मुख्य मुकाबला जमात-ए-इस्लामी और बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी के बीच माना जा रहा है।
संपादक की पसंद