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अमेरिका से जारी तनाव के बीच ईरान के टॉप अधिकारी पहुंचे भारत, डिप्टी नेशनल सिक्योरिटी एडवाइजर से की बातचीत

अमेरिका और ईरान के बीच तनाव बढ़ता जा रहा है। तनाव के बीच ईरान की सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के सेक्रेटरी अली लारीजानी ने मुंबई में भारत के डिप्टी नेशनल सिक्योरिटी एडवाइजर पवन कपूर से बातचीत की है।

ईरान की सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के सेक्रेटरी अली लारीजानी (R), भारत के डिप्टी नेशनल सिक्योर- India TV Hindi Image Source : ANI ईरान की सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के सेक्रेटरी अली लारीजानी (R), भारत के डिप्टी नेशनल सिक्योरिटी एडवाइजर पवन कपूर (L)

मुंबई: ईरान की सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के सेक्रेटरी अली लारीजानी ने भारत के डिप्टी नेशनल सिक्योरिटी एडवाइजर पवन कपूर से मुलाकात की है। यह मुलाकात मुंबई में हुई है जिसकी जानकारी ईरान के मुंबई स्थित महावाणिज्य दूतावास ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर साझा की है। ईरान के महावाणिज्य दूतावास ने पोस्ट में लिखा कि लारीजानी ने भारत के उप राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार पवन कपूर के साथ विस्तृत बातचीत की है। 

ट्रंप ने फिर दी ईरान को चेतावनी

अमेरिका और ईरान में जारी तनाव के बीच इस मुलाकात को खासा अहम माना जा रहा है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर एक पोस्ट में ईरान को फिर चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि एक विशाल अमेरिकी नौसैनिक बेड़ा तेजी से आगे बढ़ रहा है, जो वेनेजुएला की ओर पहले भेजे गए बेड़े से भी बड़ा है। ट्रंप ने उन्होंने जोर देकर कहा कि अमेरिकी बल तैयार और सक्षम हैं, यदि आवश्यक हुआ तो अपना मिशन पूरा करेंगे।

'जल्द होगा समझौता'

ट्रंप ने ईरान से बातचीत की मेज पर लौटने की अपील की है और उम्मीद जताई कि तेहरान जल्द ही एक निष्पक्ष समझौता करेगा, जिसमें कोई परमाणु हथियार ना हो। उन्होंने चेतावनी दी कि समय तेजी से खत्म हो रहा है और स्थिति बहुत गंभीर है। पूर्व घटनाओं का जिक्र करते हुए ट्रंप ने ऑपरेशन मिडनाइट हैमर का भी जिक्र किया, जिसे उन्होंने ईरान के लिए बड़ा विनाश बताया। ट्रंप ने कहा कि कोई नया टकराव इससे 'कहीं अधिक बुरा' होगा।

ईरान भी है तैयार

ईरान ने संयुक्त राष्ट्र में अपने मिशन के जरिए जवाब देते हुए कहा कि वह आपसी सम्मान और पारस्परिक हितों के आधार पर वॉशिंगटन के साथ जुड़ने को तैयार है। हालांकि, एक अलग बयान में तेहरान ने साफ किया कि यदि मजबूर किया गया तो वह दृढ़ता से अपना बचाव करेगा और 'पहले कभी ना देखे गए तरीके' से जवाब देगा।

अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने क्या कहा?

अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने भी तैयारी की जानकारी दी है, जिनका उद्देश्य क्षेत्र में कर्मियों की तैनाती बढ़ाना, क्षेत्रीय साझेदारों के साथ संबंध मजबूत करना और पूरे क्षेत्र में लचीली प्रतिक्रिया की क्षमता विकसित करना है। हाल ही में CENTCOM प्रमुख एडमिरल ब्रैड कूपर और इजरायली रक्षा बलों के चीफ ऑफ स्टाफ लेफ्टिनेंट जनरल आयल जमीर के बीच बैठक भी हुई थी, जिसमें दोनों देशों के बीच रक्षा सहयोग को और मजबूत करने पर वार्ता हुई थी। इस बीच, ट्रंप ने एयर फोर्स वन में पत्रकारों से बातचीत में कहा है कि अमेरिका तेहरान की हर गतिविधि पर नजर रखे हुए है।

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