Israel Iran War: इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने बड़ा बयान दिया है। पीएम नेतन्याहू ने कहा कि ईरान के नेतृत्व ने परमाणु हथियारों और हजारों बैलिस्टिक मिसाइलों के जरिए इजरायल को तबाह करने की साजिश रची थी। नेतन्याहू ने ईरान के नेतृत्व पर एक ऐसी योजना बनाने का आरोप लगाया, जिसे उन्होंने "एक और होलोकॉस्ट" बताया। उन्होंने कहा कि इजरायल ने खतरे को बेअसर करने के लिए कार्रवाई की है। उन्होंने कहा कि ईरान पर किए गए हमलों का मकसद उस चीज को हटाना था जो इजरायल के अस्तित्व के लिए खतरा थी। उन्होंने कहा कि हर पीढ़ी में वो हमें तबाह करने के लिए हमारे खिलाफ उठ खड़े होते हैं, इस पीढ़ी में भी।
'तात्कालिक खतरे को टाल दिया है'
माउंट हर्जल में आयोजित राजकीय मेमोरियल डे समारोह में प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा कि ईरान का इस्लामी गणराज्य, इजरायल और यहूदियों के खिलाफ नरसंहार करना चाहता था। उन्होंने कहा कि हमारे सहयोगी, संयुक्त राज्य अमेरिका के साथ मिलकर, हमने उस विनाशकारी तंत्र को पहले ही खत्म कर दिया है। हमने अस्तित्व पर मंडरा रहे एक तात्कालिक खतरे को टाल दिया है।
'यहूदी लोगों की जीवन रेखा कभी ना टूटे'
पीएम नेतन्याहू ने कहा कि इजरायल के सैन्य अभियान का मूल उद्देश्य यही यह सुनिश्चित करना कि यहूदी लोगों की जीवन रेखा कभी ना टूटे। इस अवसर पर उन्होंने एक सर्व धर्म समभाव वाला दृष्टिकोण भी प्रस्तुत किया, जिसमें उन्होंने पिछले महीने दक्षिणी लेबनान में शहीद हुए एक द्रूज अधिकारी का विशेष रूप से जिक्र किया। यहूदी और द्रूज कंधे से कंधा मिलाकर जंग में साथ लड़ रहे हैं।
कौन हैं द्रूज?
द्रूज सीरिया, लेबनान, इजरायल और जॉर्डन में रहने वाला एक छोटा धार्मिक अल्पसंख्यक समुदाय है। इनकी आबादी लगभग 10 लाख है। 11वीं सदी में शिया इस्लाम से उत्पन्न होने के बावजूद ये खुद को पूरी तरह से मुसलमान, ईसाई या यहूदी नहीं मानते हैं। ये एक एकेश्वरवादी धर्म का पालन करते हैं जो पुनर्जन्म और आत्मा में विश्वास करता है।
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