शहबाज-मुनीर का जमाना...इमरान खान को बना दिया एक आंख से "काना", अब जेल से शिफ्ट करने पर मचा भारी बवाल
पाकिस्तान में इमरान खान के समर्थक एक बार फिर सड़कों पर हैं। कई शहरों में इमरान खान के समर्थक मुनीर और शहबाज शरीफ के खिलाफ सड़क पर उतर आए हैं। उनकी मांग है कि इमरान का जेल से गुप्त ट्रांसफर नहीं किया जाए और उनकी आंख का उचित इलाज कराया जाए।
इस्लामाबाद: पाकिस्तान के आर्मी चीफ असीम मुनीर और प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ की मिलीभगत ने पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान को एक आंख से काना बना दिया है। यह आरोप इमरान खान की पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटाआई) की ओर से लगाया गया है। पार्टी के नेताओं का कहना है कि इमरान खान की दाहिनी आंख की 85 फीसदी रोशनी गायब हो चुकी है। अब मुनीर और शहबाज गुप्त रूप से इमरान खान को अडियाला जेल से किसी अज्ञात काल-कोठरी में स्थानांतरित करना चाह रहे हैं। पार्टी ने इमरान खान की जान को खतरा बताया है। लिहाजा पीटीआई ने संसद से सड़क तक धरना प्रदर्शन, बवाल और हिंसा शुरू कर दी है।
इमरान खान के मौलिक अधिकारों का उल्लंघन
इमरान की पार्टी का आरोप है कि इमरान खान ने जेल में रहते हुए अपनी दाहिनी आंख की दृष्टि का लगभग 85 प्रतिशत खो दिया है। पार्टी ने उनके लिए तत्काल चिकित्सा सुविधा की मांग की है। पीटीआई ने आरोप लगाया है कि पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान को जेल से गुप्त रूप से अस्पताल में स्थानांतरित किया जा रहा है। पार्टी ने इसे उनके मौलिक अधिकारों का स्पष्ट उल्लंघन बताया है और दावा किया है कि इससे उनकी जान को खतरा है। पार्टी ने कहा कि 73 वर्षीय नेता के परिवार को भी इस कथित स्थानांतरण की कोई जानकारी नहीं दी गई। पीटीआई ने खान के चिकित्सा उपचार को तेज करने की मांग की और जोर दिया कि कोई भी जांच या दवा उनके निजी चिकित्सकों की उपस्थिति में और कम से कम एक परिवार सदस्य के साथ होनी चाहिए।
इमरान खान को कुछ हुआ तो मुनीर-शहबाज जिम्मेदार
पीटीआई के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने कहा है कि अगर हमारे नेता इमरान खान को परिवार को विश्वास में लिए बिना गुप्त रूप से अस्पताल में स्थानांतरित किया गया और इस दौरान यदि उन्हें कुछ हुआ तो इसके जिम्मेदार पाक आर्मी चीफ असीम मुनीर और प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ होंगे। कार्यकर्ताओं ने सरकार के खिलाफ लड़कों पर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया है। वह इमरान खान की प्रताड़ना बंद करने की मांग कर रहे हैं। कई जगहों पर इमरान के समर्थकों और पुलिस में हिंसक झड़पें भी हुई हैं। पुलिस ने समर्थकों पर आंसू गैस के गोले, वाटर कैनन और लाठीचार्ज का इस्तेमाल किया है। इससे हालात लगातार बेकाबू होते जा रहे हैं।
पार्टी ने कहा-इमरान के बारे में सच्चाई छुपा रही सरकार
पार्टी ने आगे कहा कि पाकिस्तान के जेल नियमों के अनुसार किसी कैदी की चिकित्सा जांच, उपचार या स्थानांतरण से पहले परिवार के सदस्यों और डॉक्टरों को सूचित करना आवश्यक है। हम पूर्व प्रधानमंत्री के स्वास्थ्य से जुड़ी किसी भी गोपनीयता को पूरी तरह अस्वीकार करते हैं। तथ्यों को छिपाना पिछले पैटर्न की याद दिलाता हुआ जानबूझकर इमरान खान के स्वास्थ्य और जीवन को खतरे में डालने के समान है। पार्टी ने उपचार में देरी को "अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण और अमानवीय" बताया और तत्काल चिकित्सा शुरू करने की मांग की, साथ ही कहा कि "हमारे नेता के स्वास्थ्य और कल्याण के मामले में कोई समझौता नहीं किया जाएगा। शुक्रवार को, पाकिस्तान के विपक्षी गठबंधन ने संसद भवन के पास धरना दिया ताकि जेल में खान की स्वास्थ्य समस्याओं का विरोध किया जा सके।
जमात-ए-इस्लामी भी कर रही विरोध प्रदर्शन
इमरान खान के समर्थकों के अलावा जमात-ए-इस्लामी पार्टी भी अपनी कई मांगों को लेकर सड़क पर है। इससे पाकिस्तान पुलिस के पसीने छूटने लगे हैं। इसी बीच, पीटीआई सहित तहरीक तहफ्फुज-ए-आयीन पाकिस्तान (टीटीएपी) ने संसद भवन के बाहर विरोध शुरू किया और वादा किया कि अल-शिफा अस्पताल में खान के भर्ती होने तक यह जारी रहेगा। गुरुवार को, पाकिस्तान की सुप्रीम कोर्ट ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि एक मेडिकल बोर्ड गठित किया जाए। ताकि खान की आंखों की जांच की जा सके, क्योंकि एक आंख में दृष्टि हानि की रिपोर्ट आई थी। बता दें कि इमरान खान अगस्त 2023 से जेल में हैं, जब उन्हें लाहौर निवास से गिरफ्तार किया गया था और भ्रष्टाचार मामले में दोषी ठहराया गया था। वे वर्तमान में रावलपिंडी की उच्च-सुरक्षा वाली अडियाला जेल में बंद हैं।
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