ट्रंप गाजा को बनाना चाहते हैं 'रिवेरा', जानें ये क्या है ये प्रस्ताव; जिस पर फिलिस्तीन ने जाहिर की खुशी
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा गाजा में रिवेरा बनाने के प्रस्ताव का फिलिस्तीन ने स्वागत किया है, लेकिन कहा कि ये अगर गाजा के लोगों के लिए हो तब ठीक है।

गाजाः अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने गाजा को 'रिवेरा'में बदलने का प्रस्ताव पेश किया है, जिसका फिलिस्तीन ने स्वागत किया है। हालांकि उसका कहना है कि यह गाजा के लोगों के लिए ही होना चाहिए। फिलिस्तीन ने कहा कि वह अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा गाजा पट्टी को भूमध्यसागरीय "रिवेरा" में बदलने के विचार से इंकार नहीं करता, लेकिन केवल तभी जब यह योजना फिलिस्तीनियों के लिए हो और उनके खर्च पर थोपी न जाए। यह बात फिलिस्तीनी विदेश राज्य मंत्री वर्सेन अघाबेकियन शाहीन ने शुक्रवार को कही। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप के प्रस्तावित 'पीस बोर्ड' में भारत का शामिल होना मददगार साबित हो सकता है।
क्या है 'रिवेरा'
गाजा को मध्य पूर्व का रिवेरा बनाने के ट्रंप के विचार पर सवाल के जवाब में शाहीन ने कहा, "खैर, अपने लोगों के लिए रिवेरा। मैं कहती हूं, क्यों नहीं? अगर यह गाजावासियों, फिलिस्तीनियों के लिए रिवेरा हो, जिसे वे आनंद ले सकें, तो हां... लेकिन अगर यह दूसरों के आनंद के लिए हो और फिलिस्तीनियों के बिना, तो नहीं।"उनके ये बयान गाजा के पुनर्निर्माण पर वैश्विक ध्यान केंद्रित होने और ट्रंप द्वारा प्रस्तावित अमेरिका-नेतृत्व वाले 'पीस बोर्ड' के बीच आए हैं। शाहीन ने शांति लाने के किसी भी प्रयास का स्वागत करते हुए जोर दिया कि गाजा का पुनर्निर्माण फिलिस्तीनी राजनीतिक अधिकारों से अलग नहीं किया जा सकता। शाहीन भारत में भारत-अरब विदेश मंत्रियों की बैठक में शामिल होने आई हैं।
शांति का हर प्रयास स्वागत योग्य
शाहीन ने कहा कि फिलिस्तीनी मुद्दा उनकी चर्चाओं में "सबसे आगे" रहेगा। उन्होंने कहा, "शांति बनाने का कोई भी प्रयास स्वागतयोग्य है, क्योंकि यह दशकों की हिंसा के बाद उम्मीद देता है, लेकिन हम चाहते हैं कि यह योजना किसी बड़ी चीज से जुड़ी हो, एक स्पष्ट रास्ता जो फिलिस्तीनी स्वतंत्रता की ओर ले जाए। भारत को भी प्रस्तावित पीस बोर्ड में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया गया है, लेकिन अभी कोई फैसला नहीं लिया गया है। शाहीन ने कहा कि नई दिल्ली की भागीदारी मदद कर सकती है, लेकिन शांति प्रक्रिया के परिणाम स्पष्ट रूप से परिभाषित होने चाहिए। उन्होंने कहा, "अगर रास्ता और अंतिम परिणाम स्पष्ट होंगे तो यह हमारे उद्देश्य में मदद करेगा," और दो-राज्य समाधान के लिए भारत के लगातार समर्थन को दोहराया।
गाजा की हालत अस्थिर
शाहीन ने जमीनी हकीकतों का वर्णन करते हुए कहा कि आंशिक युद्धविराम के बावजूद गाजा अस्थिर बना हुआ है ।उन्होंने कहा, "हम पिछले दो सालों का ही अत्याचार नहीं देख रहे, लेकिन युद्धविराम नाजुक है। केवल स्थायी और टिकाऊ युद्धविराम ही लोगों को सांस लेने और पुनर्निर्माण शुरू करने की अनुमति देगा," और गाजा के पुनर्निर्माण के लिए निरंतर अंतरराष्ट्रीय समर्थन की जरूरत बताई। हमास के बारे में शाहीन ने कहा कि समूह द्वारा स्वीकार किए गए शांति ढांचे के हिस्से के रूप में इसे हथियार डालना चाहिए। उन्होंने भारत के संतुलित दृष्टिकोण का स्वागत किया और कहा कि इजरायल और फिलिस्तीन दोनों के साथ नई दिल्ली के संबंध इसे रचनात्मक भूमिका निभाने की अनुमति देते हैं।
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