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ईरान से जंग में अमेरिका का बड़ा नुकसान, एयर रिफ्यूलर विमान क्रैश होने से चालक दल के सभी 6 सदस्यों की मौत

मिडिल ईस्ट में ईरान से जंग के बीच अमेरिका का एयर रिफ्यूलर विमान क्रैश हो गया है। जानकारी के मुताबिक, ये घटना इराक में हुई है। वहीं, एक विमान इराक में सुरक्षित लैंड हो गया है। इस हादसे में चालक दल के सभी 6 सदस्यों की मौत हो गई।

usa air refuler plane crash in iraq- India TV Hindi Image Source : PTI/AP अमेरिका का विमान इराक में क्रैश। (फाइल फोटो)

मिडिल ईस्ट में ईरान, अमेरिका और इजरायल के बीच जारी जंग का आज 14वां दिन है और जंग के मैदान से आज सुबह जो बड़ी खबर आ रही है उसके मुताबिक, जंग में अमेरिका का बड़ा नुकसान हो गया है। जानकारी के अनुसार, ईरान के खिलाफ ऑपरेशन एपिक फ्यूरी में शामिल KC-135 एयर रिफ्यूलर विमान क्रैश हो गया है। बता दें कि ये KC-135 विमान जंग में शामिल लड़ाकू विमानों को हवा में ही ईंधन देने का काम करता है ताकि लड़ाकू विमान को बार-बार लैंड होने की जरूरत न पड़े।

दुर्घटना में चालक दल के सभी 6 सदस्यों की मौत

अमेरिकी सेना ने बताया है कि पश्चिमी इराक में दुर्घटनाग्रस्त हुए अमेरिकी सैन्य KC-135 ईंधन भरने वाले विमान में सवार चालक दल के सभी 6 सदस्यों की मौत हो गई है। अमेरिकी सेना के केंद्रीय कमान ने एक बयान में यह घोषणा की है।
बयान में कहा गया है, "विमान में सवार चालक दल के सभी 6 सदस्यों की मौत की पुष्टि हो चुकी है और बचाव कार्य जारी है।" बयान में आगे कहा गया है, "घटना के कारणों की जांच की जा रही है। हालांकि, विमान दुर्घटना न तो शत्रुतापूर्ण गोलीबारी के कारण हुई और न ही मित्रवत गोलीबारी के कारण।"

CENTCOM ने किया कंफर्म

यूएस सेंट्रल कमांड ने भी KC-135 एयर रिफ्यूलर विमान के नुकसान को कंफर्म किया है। CENTCOM ने ट्वीट कर के बताया- "यूएस सेंट्रल कमांड को KC-135 एयर रिफ्यूलर विमान के नुकसान की जानकारी है। यह घटना ऑपरेशन एपिक फ्यूरी के दौरान फ्रेंडली एयरस्पेस में हुई और रेस्क्यू अभियान जारी हैं। एक विमान पश्चिमी इराक में गिर गया, और दूसरा सुरक्षित रूप से लैंड कर गया।"

यूएस सेंट्रल कमांड ने अब तक विमान के क्रैश होने के कारणों की साफ-साफ पुष्टि नहीं की है। CENTCOM ने अपने ट्वीट में कहा- "विमान गिरने की इस घटना का कारण शत्रुतापूर्ण फायर या मैत्रीपूर्ण फायर नहीं था। इस घटना के बारे में स्थिति विकसित होने पर अधिक जानकारी दी जाएगी। हम मामले में अतिरिक्त विवरण इकट्ठा करने और सर्विस मेंबर्स के परिवारों को क्लियरिटी देने के लिए निरंतर धैर्य रखने का अनुरोध करते हैं।"

ईरान में 6 हजार से ज्यादा टारगेट तबाह

इस बीच अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने ऑपरेशन एपिक फ्यूरी का ताजा अपडेट जारी किया जिसके मुताबिक अमेरिका ने 12 दिनों में ईरान में 6 हजार से ज्यादा टारगेट और 90 जहाजों को ध्वस्त करने का दावा किया। राष्ट्रपति ट्र्ंप के निर्देश पर शुरू किए गए इस अभियान में ईरान की सुरक्षा व्यवस्था को पूरी तरह ध्वस्त करने के लिए...लगातार हमले किए जा रहे हैं। ऑपरेशन एपिक फ्यूरी के तहत किए जा रहे हमले में अमेरिका ने अपने सबसे खतरनाक स्टील्थ बॉम्बरों का इस्तेमाल किया। डेटा के मुताबिक अमेरिकी सेना हमले में अत्याधुनिक हथियारों का इस्तेमाल कर रही है जिसमें  B-1, B-2 और B-52 बॉम्बर्स, F-15, F-16, F-18, F-22 और F-35 फाइटर जेट्स के अलावा A-10 अटैक जेट्स गाइडेड मिसाइल डिस्ट्रॉयर्स और रिफ्यूलिंग टैंकर शामिल हैं। आंकड़ों के मुताबिक अमेरिका के निशाने पर ईरान का कमांड एंड कंट्रोल सेंटर IRGC हेडक्वार्टर की बिल्डिंग्स समेत ईरानी नौसेना के जहाज। पनडुब्बियां, माइनलेइंग जहाजों के कारखाने और गोदाम थे।

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अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने जारी किया ईरान की तबाही का आंकड़ा, 12 दिन में 6000 टारगेट और 90 जहाज किए ध्वस्त

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