इस्लामाबाद की शिया मस्जिद पर हमला करने वाला यासिर था पाकिस्तानी, 1 महिला समेत 3 आरोपी गिरफ्तार
इस्लामाबाद की शिया मस्जिद पर हुए हमले को लेकर प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ द्वारा बोले गए झूठ का पुलिंदा उनकी पुलिस ने ही खोल दिया है। पाकिस्तान ने 3 हमलावरों को गिरफ्तार किया है, जो पाकिस्तानी नागरिक थे।

इस्लामाबाद/पेशावर: इस्लामाबाद की शिया मस्जिद पर शुक्रवार को हुए हमले में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ फिर बेनकाब हो गए हैं। पाकिस्तान पुलिस के अनुसार शिया मस्जिद का हमलावर यासिर पाकिस्तान के पेशावर का रहने वाला था। इस मामले में पुलिस ने एक महिला समेत 3 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। यह तीनों पाकिस्तानी नागरिक थे। पाकिस्तान की जांच एजेंसियों ने खुद यह खुलासा किया है। इससे पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय स्तर पर फिर बेनकाब हो गया है। पाकिस्तान इस हमले में भारत पर आधारहीन आरोप लगा रहा था, जिसे विदेश मंत्रालय ने खारिज कर दिया था। अब पाकिस्तानी सुरक्षा एजेंसियों ने खुद शहबाज की कलाई खोल दी है।
कौन था इस्लामाबाद मस्जिद का हमलावर?
पाकिस्तान पुलिस ने खैबर पख्तूनख्वा के पेशावर में दो पुरुषों और एक महिला को गिरफ्तार किया है, जो शुक्रवार को इस्लामाबाद में शिया मस्जिद पर हुए आत्मघाती हमले से जुड़े हैं। इस हमले में कम से कम 70 लोग मारे गए और 169 अन्य घायल हो गए। यहां एक आत्मघाती हमलावर ने इस्लामाबाद के तरलाई इलाके में खदीजा अल-कुबरा मस्जिद-कम-इमामबाड़गाह में खुद को उड़ा लिया। यह हाल के वर्षों में शिया समुदाय पर हुए सबसे भयानक आतंकी हमलों में से एक है। एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि शुक्रवार रात देर से चले ऑपरेशन में कथित आत्मघाती हमलावर के दो भाइयों और एक महिला को गिरफ्तार किया गया, और उनसे पूछताछ जारी है। जांच अधिकारियों के अनुसार, उनके पास से बरामद पहचान पत्र ने हमलावर की पहचान यासिर के रूप में की गई है। आधिकारिक रिकॉर्ड्स से पता चलता है कि उसका स्थायी पता अब्बास कॉलोनी, शिरो जंगी, चारसद्दा रोड, पेशावर था, जबकि उसका अस्थायी निवास गंज मोहल्ला काजियान, पेशावर में था।
आईएसआईएस ने लिया हमले का जिम्मा
जांचकर्ताओं ने खुलासा किया है कि इस्लामाबाद आत्मघाती बम विस्फोट से पहले हमलावर लगभग पांच महीने अफगानिस्तान में रहा था, जहां उसने हथियार चलाने और आत्मघाती हमलों की औपचारिक ट्रेनिंग ली थी। इस खुलासे के बाद जांच एजेंसियां हमले के पीछे सक्रिय नेटवर्क की पहचान और उसे नष्ट करने पर फोकस कर रही हैं। पुलिस अधिकारियों ने कहा कि पेशावर में संभावित सुविधाकर्ताओं और संपर्कों की पहचान के लिए आगे छापेमारी की जा रही है। अधिकारियों ने जोर दिया कि इस्लामाबाद आत्मघाती बम विस्फोट की जांच सभी पहलुओं से की जा रही है, और अतिरिक्त सबूत सामने आने की उम्मीद है, जो आतंकी घटना के पूरे दायरे को स्पष्ट करने में मदद कर सकते हैं।
हमले की जिम्मेदारी इस्लामिक स्टेट (ISIS) के खुरासान प्रांत (IS-K) ने ली है, जो पाकिस्तान में शिया समुदाय पर पहले भी हमले कर चुका है। यह हमला इस्लामाबाद में 2008 के मार्केट होटल बम विस्फोट के बाद सबसे घातक है। पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने अफगानिस्तान से लिंक का दावा किया, जिसे तालिबान ने खारिज कर दिया। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कई देशों ने हमले की निंदा की है।
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