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Hindi News विदेश यूरोप ट्रंप ने पुतिन को भी भेजा 'बोर्ड ऑफ पीस' में शामिल होने का न्योता, जानिए गाजा को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति का क्या है मकसद?

ट्रंप ने पुतिन को भी भेजा 'बोर्ड ऑफ पीस' में शामिल होने का न्योता, जानिए गाजा को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति का क्या है मकसद?

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप विश्व के शीर्ष नेताओं को बोर्ड ऑफ पीस में शामिल होने का खास न्योता भेज रहे हैं। ट्रंप ने रविवार रात पीएम मोदी समेत कई देशों के नेताओं को ये न्योता पहले ही भेज चुके हैं।

पुतिन और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप- India TV Hindi Image Source : AP पुतिन और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप

रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के 'बोर्ड ऑफ पीस' में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया गया है। इसका उद्देश्य युद्ध के बाद गाजा में शासन और पुनर्निर्माण की देखरेख करना है। ये जानकारी रूसी राष्ट्रपति कार्यालय क्रेमलिन की ओर से दी गई है। 

क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेस्कोव ने कहा, 'राष्ट्रपति पुतिन को भी शांति बोर्ड में शामिल होने का निमंत्रण मिला है। रूस वाशिंगटन के साथ प्रस्ताव की सभी बारीकियों को स्पष्ट करने की कोशिश कर रहा है।'

ट्रंप करेंगे इस बोर्ड की अध्यक्षता

गाजा को लेकर बोर्ड ऑफ पीस की अध्यक्षता स्वयं अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप करेंगे। साथ ही युद्धग्रस्त क्षेत्र के शासन का जिम्मा संभालने वाली तकनीकी विशेषज्ञों की एक फिलिस्तीनी समिति भी इसमें शामिल होगी। 

जानिए क्या है इसका मकसद

अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने गाजा में लंबे समय से चले आ रहे संघर्ष को समाप्त करने के लिए 'बोर्ड ऑफ पीस' का गठन किया है। व्हाइट हाउस के आधिकारिक बयान के अनुसार, यह बोर्ड ट्रंप के 'कॉम्प्रिहेंसिव प्लान टू एंड द गाजा कॉन्फ्लिक्ट' नामक 20-पॉइंट रोडमैप का हिस्सा है। इसका मुख्य मकसद गाजा में शांति, स्थिरता, पुनर्निर्माण और समृद्धि सुनिश्चित करना है। 

गाजा में स्थापित हो शांति और विकास

व्हाइट हाउस के बयान में कहा गया है कि बोर्ड ऑफ पीस का गठन संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव के अनुरूप किया गया है, जो ट्रंप के प्लान को समर्थन देता है। बोर्ड की भूमिका रणनीतिक निरीक्षण प्रदान करना, अंतरराष्ट्रीय संसाधनों को जुटाना और जवाबदेही सुनिश्चित करना है, ताकि गाजा में चल रहे संघर्ष से निजात मिल सके। साथ ही गाजा में शांति और विकास हो सके।

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