यूक्रेन के पूर्व आर्मी चीफ ने किए बड़े खुलासे, राष्ट्रपति जेलेंस्की के साथ तनाव का भी किया जिक्र
यूक्रेन के पूर्व आर्मी चीफ Valerii Zaluzhnyi ने द एसोसिएटेड प्रेस के साथ एक इंटरव्यू में पहली बार अपने और राष्ट्रपति जेलेंस्की के बीच गहरी अनबन के बारे में बात की है। Zaluzhnyi ने इस दौरान कई खुलासे भी किए हैं।
लंदन: यूक्रेन के पूर्व सेना प्रमुख और वर्तमान ब्रिटेन में राजदूत Valerii Zaluzhnyi ने द एसोसिएटेड प्रेस (AP) को दिए एक इंटरव्यू में पहली बार राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की के साथ अनबन पर सार्वजनिक रूप बात की है। पूर्व सेना प्रमुख ने जो कहा है उससे यह बात बिलकुल साफ हो जाती है कि यूक्रेन में राजनीतिक तनाव बना हुआ था वह भी ऐसे समय पर जब देश रूस के साथ जग में उलझा हुआ है।
Zaluzhnyi को माना जाता है जेलेंस्की का प्रतिद्वंद्वी
Valerii Zaluzhnyi को जेलेंस्की का प्रमुख राजनीतिक प्रतिद्वंद्वी माना जाता है। 2024 में उन्हें सेना प्रमुख के पद से हटाया गया था। Zaluzhnyi राजनीतिक महत्वाकांक्षाओं पर खुलकर बात करने से इनकार करते हैं और कहते हैं कि जंग के दौरान वो राष्ट्रीय एकता को नुकसान नहीं पहुंचाना चाहते हैं। हालांकि, राष्ट्रपति पद के लिए चुनाव लड़ने की संभावना के संकेत में उन्होंने AP को बताया कि फरवरी 2022 में रूस के बड़े हमले के तुरंत बाद दोनों के बीच तनाव शुरू हो गया था। देश की रक्षा रणनीति पर मतभेद के कारण अक्सर गुस्सा भड़क जाता था।
2022 में ऑफिस पर छापे का आरोप
Zaluzhnyi ने खुलासा किया कि 2022 में यूक्रेन की घरेलू खुफिया एजेंसी SBU (सिक्योरिटी सर्विस ऑफ यूक्रेन) के दर्जनों एजेंटों ने उनके ऑफिस पर छापा मारा था। उन्होंने इसे डराने-धमकाने की कार्रवाई बताया। उस समय उनके ऑफिस में 12 से अधिक ब्रिटिश अधिकारी मौजूद थे। Zaluzhnyi ने जेलेंस्की के चीफ ऑफ स्टाफ एंड्री यरमक को फोन कर चेतावनी दी कि वो इसे रोकने के लिए तैयार हैं और कीव में सेना बुला चुके हैं। उन्होंने कहा, 'मुझे लड़ना आता है।' बाद में SBU प्रमुख वासिल मालियुक से बात हुई, जिन्होंने छापे की जानकारी से इनकार किया।
क्या कहते हैं दस्तावेज?
AP को मिले कोर्ट दस्तावेज के अनुसार, SBU ने एक स्ट्रिप क्लब की तलाशी के लिए वारंट मांगा था, लेकिन क्लब युद्ध से पहले बंद हो चुका था और उसका पता गलत लगता है। Zaluzhnyi का मानना है कि यह बहाना था और असल मकसद उनके कमांड सेंटर को निशाना बनाना था। जेलेंस्की के कार्यालय और SBU ने इस पर कोई टिप्पणी नहीं की है। AP ने इस घटना की स्वतंत्र पुष्टि नहीं कर सका है।
2023 के जवाबी हमले पर विवाद
Valerii Zaluzhnyi ने कहा कि 2023 के जवाबी हमले (काउंटर ऑफेंसिव) पर गंभीर मतभेद थे। उनका मूल प्लान जापोरिज्जिया क्षेत्र में सेनाओं को एकत्र कर अजोव सागर तक पहुंचना था, ताकि रूस का क्रीमिया से जुड़ाव टूट सके। लेकिन, संसाधनों की कमी और फैलाव के कारण प्लान बदल गया, जिससे हमले की ताकत कम हो गई। पश्चिमी रक्षा अधिकारियों ने भी इसकी पुष्टि की है।
लोगों के बीच लोकप्रिय हुए Zaluzhnyi
Zaluzhnyi की युद्ध में सफलताओं ने उन्हें लोगों में बहुत लोकप्रिय बनाया। पोल्स में उन्हें जेलेंस्की पर बढ़त दिखाई गई है। एक हालिया इप्सोस पोल में Zaluzhnyi को 23 फीसदी और जेलेंस्की को 20 प्रतिशत समर्थन मिला है। फिलहाल, अमेरिका दोनों पक्षों पर शांति समझौते के लिए दबाव डाल रहा है और जेलेंस्की ट्रंप के प्लान पर सैद्धांतिक रूप से सहमत हैं जिसमें युद्ध खत्म होने के बाद चुनाव की बात है।
सियासत में होगी Zaluzhnyi की एंट्री?
Zaluzhnyi ने यह भी कहा, "जब युद्ध खत्म नहीं होता, मैं राजनीति पर बात नहीं करूंगा।" फिर भी उनका यह इंटरव्यू युद्ध के बाद की राजनीति में उनकी भूमिका की अटकलों को बढ़ाता है। यह घटनाक्रम यूक्रेन में आंतरिक एकता और युद्ध की दिशा पर सवाल उठाता है, जबकि रूसी सेना पूर्वी मोर्चे पर धीरे-धीरे आगे बढ़ रही है।
यह भी पढ़ें:
