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मुसलमानों पर अमेरिकी कांग्रेसमैन रैंडी फाइन का विवादित बयान, X पर पोस्ट ने सोशल मीडिया पर लगाई आग; मचा बवाल

 Written By: Dharmendra Kumar Mishra
 Published : Feb 18, 2026 07:12 am IST,  Updated : Feb 18, 2026 08:10 am IST

अमेरिकी कांग्रेसमैन रैंडी फाइन के मुस्लिमों पर दिए गए एक बयान ने बवाल मचा दिया है। रैंडी फाइन ने अपनी एक पोस्ट में लिखा है कि कुत्तों और मुसलमानों के बीच चुनाव करना "कठिन नहीं है"। उनके इस पोस्ट से विवाद खड़ा हो गया है।

अमेरिकी कांग्रेसमैन रेंडी की पोस्ट से ली गई तस्वीर। - India TV Hindi
अमेरिकी कांग्रेसमैन रेंडी की पोस्ट से ली गई तस्वीर। Image Source : X@REPFINE

फ्लोरिडाः अमेरिकी कांग्रेसमैन रैंडी फाइन ने मुसलमानों की तुलना कुत्तों से करने वाला विवादित पोस्ट करके सोशल मीडिया पर आग लगा दी है। उनके इस विवादित बयान ने फ्लोरिडा से लेकर दुनिया भर में हड़कंप मचा दिया है। कांग्रेसमैन रैंडी फाइन मुसलमानों की तुलना कुत्तों से करने वाले पोस्ट पर आलोचनाएं झेलने के बावजूद अपनी बात पर अड़े हैं। उन्होंने गैड्सडेन फ्लैग से जुड़े नारे के साथ कुत्तों की तस्वीरें साझा कीं और आलोचकों पर इस्लाम और सांस्कृतिक मानदंडों के बारे में पाखंड का आरोप लगाया। 

सोशल मीडिया पर खड़ा किया तूफान

फ्लोरिडा के कांग्रेसमैन रैंडी फाइन के इस सोशल मीडिया पोस्ट ने वाशिंगटन में तूफान खड़ा कर दिया है, जिसमें उन्होंने लिखा कि कुत्तों और मुसलमानों के बीच चुनाव "कठिन नहीं है"। इस टिप्पणी की डेमोक्रेट्स, नागरिक अधिकार समूहों ने कड़ी निंदा की है और अनुशासनात्मक कार्रवाई या इस्तीफे की मांग की है। बता दें कि अपने X पर पोस्ट में अमेरिकी प्रतिनिधि ने लिखा: "अगर वे हमें चुनने के लिए मजबूर करेंगे, तो कुत्तों और मुसलमानों के बीच चुनाव कठिन नहीं है।" रैंडी फाइन ने बाद में संदर्भ जोड़ते हुए फिलिस्तीनी-अमेरिकी कार्यकर्ता नेरदीन किस्वानी के संदेश का स्क्रीनशॉट साझा किया। 

मुस्लिम नेता के बयान का दिया उदाहरण

रैंडी फाइन ने कंजर्वेटिव आउटलेट न्यूजमैक्स को दिए इंटरव्यू में उन्होंने कहा: "मेरा पोस्ट न्यूयॉर्क सिटी में एक प्रमुख मुस्लिम नेता के उस बयान के जवाब में था, जिसमें कहा गया कि कुछ मुसलमानों को परेशान करने के कारण कुत्तों को प्रतिबंधित किया जाना चाहिए। अगर वे हमें हमारे कुत्तों और उनके घर जाने के बीच चुनने के लिए मजबूर करेंगे, तो चुनाव आसान है।" न्यूयॉर्क सिटी में एक प्रमुख मुस्लिम नेता कुत्तों को प्रतिबंधित करने की मांग कर रहा है, क्योंकि वे "कुछ मुसलमानों को परेशान करते हैं।" अगर मुख्यधारा के मुसलमान हमें कुत्ते रखने और उनके घर जाने के बीच चुनने के लिए मजबूर करेंगे, तो चुनाव आसान है।  अपने पहले पोस्ट में नेरदीन किस्वानी ने कुत्तों को "अपवित्र" बताया और लिखा कि "NYC इस्लाम की ओर आ रहा है।" किस्वानी ने बाद में कहा कि यह टिप्पणी न्यूयॉर्क में सार्वजनिक स्थानों पर कुत्तों के मल के स्थानीय बहस से जुड़ा व्यंग्य था और इसका उद्देश्य मुस्लिम राजनीतिक प्रभाव को खतरे के रूप में चित्रित करने वाली अलार्मिस्ट कहानियों का मजाक उड़ाना था।

रैंडी फाइन के इस्तीफे की मांग

कांग्रेसमैन की टिप्पणियों की राजनीतिक स्पेक्ट्रम में कड़ी निंदा हो रही है। काउंसिल ऑन अमेरिकन-इस्लामिक रिलेशंस (CAIR) ने कहा कि रैंडी फाइन का भड़काऊ बयानों का इतिहास है। इस समूह ने कांग्रेस नेताओं से जवाबदेही की मांग की। समूह ने कहा कि उनके इस्तीफे की मांग "बहुत पहले होनी चाहिए थी"। कई डेमोक्रेटिक विधायकों ने भी इसका समर्थन किया। प्रतिनिधि रॉबर्ट गार्सिया ने पोस्ट को "घृणित इस्लामोफोबिया और खतरनाक कट्टरता" बताया और कहा कि फाइन को "कमेटी भूमिकाओं से हटाने के बाद इस्तीफा देना चाहिए"। प्रतिनिधि यासमिन अंसारी ने रैंडी फाइन द्वारा मुसलमानों को बार-बार अमानवीय बनाने का तर्क देते हुए कहा कि हाउस स्पीकर माइक जॉनसन को "तुरंत उन्हें फटकारना चाहिए।" वहीं कैलिफोर्निया गवर्नर गेविन न्यूसम ने भी ऑनलाइन टिप्पणी की और फाइन से कहा: "अब इस्तीफा दो, तुम नस्लवादी बदमाश हो।"

रैंडी फाइन अपनी पोस्ट पर अड़े रहे

इधर आलोचनाएं सहने के बावजूद रैंडी फाइन रुकने का नाम नहीं ले रहे। वह अपने बयानों पर अड़े रहे। उन्होंने पीले बैकग्राउंड पर एक और कुत्ते की तस्वीर साझा कि जिस पर "Don't Tread On Me" का नारा लिखा है। यानी "मुझे कुचलो मत" का संदेश लिखा है। उन्होंने आलोचकों को जवाब देते हुए लिखा: "जो घृणित है वह न्यूयॉर्क के एक प्रमुख मुस्लिम नेता का यह कहना है कि हमें कुत्ते छोड़ने होंगे क्योंकि 'NYC इस्लाम की ओर आ रहा है'।" रैंडी फाइन ने आगे लिखा "हम यूरोपियनों की तरह जीत लिए जाने पर शर्मिंदा नहीं होंगे।"अन्य पोस्ट में उन्होंने आलोचकों को चुनौती दी। इससे पहले वह गाजा संघर्ष से जुड़े मुद्दे पर भी विवादित बयान दे चुके हैं। पिछले साल उन्होंने पोस्ट किया था कि इजरायली बंधकों की रिहाई तक गाजावासियों को "भूख से मरने" देना चाहिए। 

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