आधुनिक समय में खान पान और जीवनशैली में परिवर्तन के कारण कई लोग शुगर की समस्या का सामना करते हैं। आपके शरीर में मौजूद इन्सुलिन की मात्रा का अच्छे से उपयोग न होने पर आपके ब्लड में मौजूद शुगर का स्तर बढ़ जाता है। यह आम सी दिखने वाली समस्या अगर लंबे समय तक बनी रह जाए तो जानलेवा भी हो सकती है और आपकी रोजाना की एक्टिविटीज को भी प्रभावित कर सकती है। आयुर्वेद में शुगर के इलाज के लिए जड़ी-बूटी और जीवनशैली में परिवर्तन पर काम किया जाता है। आयुर्वेदिक डॉक्टर चंचल शर्मा ने बताया कि कौन सी आयुर्वेदिक जड़ी बूटियां हैं जिनसे शुगर कंट्रोल किया जा सकता है।
मेथी दाना- मेथी दाना के नियमित सेवन से शुगर नियंत्रित रहता है इसलिए रोज रात में एक गिलास पानी में एक चम्मच मेथी दाना को भिगोकर रखें और सुबह उठते ही खाली पेट में इसका सेवन करें।
जामुन- यह मीठा और स्वादिष्ट फल शुगर को कंट्रोल करने में आपकी मदद कर सकता है। जामुन के बीजों को सुखाकर उसका पाउडर तैयार कर लें। नियमित रूप से दिन में दो बार इस चूर्ण को दही या पानी के साथ लें।
करेला- करेला स्वाद में जितना कड़वा होता है, इसके अंदर उतने ही गुण मौजूद होते हैं। आप चाहें तो करेले का जूस या इसकी सब्जी का सेवन कर सकते हैं, इससे शुगर नियंत्रित करने में मदद मिलेगी।
आंवला और हल्दी- डायबिटीज में ब्लड शुगर नियंत्रित रखने के लिए आप नियमित रूप से आंवले के जूस और हल्दी का सेवन कर सकते हैं। इसमें ऐसे तत्व मौजूद होते हैं जो शरीर में किसी भी प्रकार के सूजन को कम करने में मदद करता है और आपको स्वस्थ रखता है।
सदाबहार के फूल- इस फूल की पत्तियों में ऐसे गुण मौजूद होते हैं जो ब्लड शुगर को नियंत्रित रखते हैं इसलिए आप चाहें तो इसकी पत्तियों को चबाकर या पानी में उबालकर खा सकते हैं।
खान-पान के अलावा आपको अपनी जीवनशैली में भी परिवर्तन करना होगा तभी ब्लड शुगर अच्छे से नियंत्रित हो पाएगा। इसके लिए आप नियमित रूप से सुबह कम से कम आधा घंटे चलें। नियमित व्यायाम या योग करें। बाहर के जंक फ़ूड और प्रोसेस्ड खाद्य पदार्थों से परहेज करें। अपने भोजन में मीठी चीजों को शामिल न करें। मैदा और रिफाइंड शुगर से परहेज करें।
आप चाहें तो हेल्दी डाइट के रूप से करेला, पालक, हरी सब्जियां, मेथी, आंवला, आदि का सेवन कर सकते हैं। इससे आपका शुगर नियंत्रित रहेगा। लेकिन अगर आपको किसी चीज से एलर्जी है तो पहले डॉक्टर से संपर्क करें।
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