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RBI ने विदेशी मुद्रा लेनदेन से जुड़े नियमों में ढील देने का प्रस्ताव रखा, जानें क्या हैं प्रावधान

 Edited By: Sourabha Suman
 Published : Feb 17, 2026 11:41 pm IST,  Updated : Feb 17, 2026 11:41 pm IST

भारतीय रिजर्व बैंक ने 10 मार्च तक हितधारकों से सुझाव आमंत्रित किए हैं। जारी ड्राफ्ट में विदेशी मुद्रा में उधार लेने और देने की अनुमति देने का प्रावधान भी किया गया है।

कुछ शर्तों के तहत भारत के बाहर स्थित ETP पर भी लेनदेन संभव होगा।- India TV Hindi
कुछ शर्तों के तहत भारत के बाहर स्थित ETP पर भी लेनदेन संभव होगा। Image Source : RBI

भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने विदेशी मुद्रा लेनदेन से जुड़े नियमों में अहम बदलाव का प्रस्ताव रखा है। केंद्रीय बैंक ने मौजूदा प्रावधानों की समीक्षा के बाद ‘अधिकृत व्यक्तियों के विदेशी मुद्रा लेनदेन’ पर मसौदा दिशा-निर्देश जारी किए हैं और 10 मार्च तक हितधारकों से सुझाव आमंत्रित किए हैं। आरबीआई का उद्देश्य अधिकृत व्यक्तियों को हेजिंग, बैलेंस शीट मैनेजमेंट और मार्केट मेकिंग जैसे कार्यों में अधिक परिचालन लचीलापन देना है, साथ ही रिपोर्टिंग से जुड़ी जटिलताओं को कम करना भी है।

क्या हैं प्रस्तावित बदलाव?

  • अधिकृत डीलर अब अन्य अधिकृत डीलरों के साथ अनुमत विदेशी मुद्रा लेनदेन कर सकेंगे, जिससे वे अपने जोखिम (एक्सपोजर) की बेहतर हेजिंग, बैलेंस शीट प्रबंधन और प्रॉप्राइटरी पोजीशन संभाल सकें।
  • उन्हें विदेशी मुद्रा में उधार लेने और देने की अनुमति होगी, जिससे बाजार में तरलता बढ़ने की उम्मीद है।
  • अधिकृत डीलर रुपये से जुड़े नॉन-डिलिवरेबल डेरिवेटिव कॉन्ट्रैक्ट (NDDCs) भी अन्य अधिकृत डीलरों के साथ कर सकेंगे।
  • विदेशी मुद्रा डेरिवेटिव और विदेशी मुद्रा ब्याज दर डेरिवेटिव कॉन्ट्रैक्ट्स को आरबीआई द्वारा मान्यता प्राप्त इलेक्ट्रॉनिक ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म (ETP) पर निष्पादित करने की अनुमति होगी।
  • कुछ शर्तों के तहत भारत के बाहर स्थित ETP पर भी लेनदेन संभव होगा, बशर्ते संबंधित देश वित्तीय कार्रवाई कार्य बल यानी FATF का सदस्य हो।

गोल्ड मोनेटाइजेशन स्कीम को भी राहत

मसौदे के अनुसार, गोल्ड मोनेटाइजेशन स्कीम, 2015 के तहत नामित बैंक और वे बैंक जिन्हें भारत में ग्राहकों के साथ फॉरवर्ड गोल्ड कॉन्ट्रैक्ट करने की अनुमति है, वे विदेशी बाजारों में एक्सचेंज-ट्रेडेड और ओवर-द-काउंटर (OTC) उत्पादों के जरिए सोने की कीमत जोखिम की हेजिंग कर सकेंगे। हालांकि, ऑप्शन-आधारित उत्पादों का उपयोग करते समय यह सुनिश्चित करना होगा कि किसी भी रूप में प्रीमियम की शुद्ध प्राप्ति न हो।

आरबीआई ने स्पष्ट किया है कि ‘अधिकृत व्यक्ति’ में अधिकृत डीलर कैटेगरी-I बैंक और कुछ स्वतंत्र प्राथमिक डीलर शामिल हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, ये प्रस्ताव विदेशी मुद्रा बाजार को अधिक प्रतिस्पर्धी, पारदर्शी और कुशल बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकते हैं।

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