लाहौर: पाकिस्तान की जेल में बंद पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान के परिवार ने दावा किया है कि फील्ड मार्शल आसिम मुनीर के निर्देश पर जेल में उनके साथ बेहद बुरा बर्ताव हो रहा है। परिवान ने यह भी कहा कि देश नाजायज और गैर-इस्लामिक शासन के अधीन है। खान के वकील, सलमान सफदर ने पिछले हफ्ते सुप्रीम कोर्ट को बताया था कि 73 साल के खान ने जेल में अपनी दाहिनी आंख की 85 प्रतिशत रोशनी खो दी है। खान अगस्त 2023 से कई मामलों में जेल में हैं।
इमरान खान की बहन नोरीन नियाजी ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर एक पोस्ट में चीफ ऑफ डिफेंस फोर्सेज फील्ड मार्शल मुनीर का जिक्र करते हुए कहा, "इमरान खान, एक ग्लोबल सेलिब्रिटी, समाजसेवी और पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री, ने 'असिम लॉ' के निर्देशों के तहत जेल में बहुत बुरा बर्ताव सहा है, जिसके सीधे नतीजे में अब उनकी दाहिनी आंख को ऐसा नुकसान हुआ है जिसे ठीक नहीं किया जा सकता।"
नोरीन ने कहा कि यह साबित हो गया है कि खान की मेडिकल शिकायतों को 3 महीने तक गलत तरीके और अन्यायपूर्ण तरीके से नजरअंदाज किया गया। उन्हें गैर कानूनी तरीके का इस्तेमाल कर अकेलेपन में रखा गया। उन्होंने कहा, "जेल के खराब हालात ने उनकी सेहत पर बहुत बुरा असर डाला है, जिससे उनकी आंख पर बहुत बुरा असर पड़ा है, जिसे अब रेटिनल वेन ऑक्लूजन बताया गया है। यह सिर्फ लापरवाही नहीं है। यह जानबूझकर की गई क्रूरता है, जिसे जनरल मुनीर के एक बुरे और चालाक मास्टर प्लान के तहत अंजाम दिया गया है।''
नोरीन नियाजी ने कहा, "हमारी एकमात्र कानूनी मांग यह है कि इमरान खान को उनके पर्सनल डॉक्टरों की देखरेख में इलाज के लिए तुरंत इस्लामाबाद के शिफा इंटरनेशनल हॉस्पिटल में ट्रांसफर किया जाए।" नोरीन ने फील्ड मार्शल मुनीर की खुद को इस्लामिक दुनिया का लीडर बताने के लिए भी बुराई की। उन्होंने कहा, "आप (मुनीर) खुद को मुस्लिम आर्म्ड फोर्स का चीफ बताते हैं, अपने भाषण में कुरान की आयतें कोट करते हैं, लेकिन आप उनका पालन करने से मना करते हैं। देश पूरी तरह जाग चुका है, और पूरी दुनिया इमरान खान के साथ इस क्रूरता, अमानवीय और घिनौने बर्ताव को देख रही है।''
इमरान की बहन ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के बावजूद कि खान को तुरंत इलाज के लिए आंखों के स्पेशलिस्ट हॉस्पिटल ले जाया जाना चाहिए लेकिन गैर कानूनी सरकार ने एक बार फिर देश की सबसे बड़ी अदालत के फैसले को कचरे की तरह फेंक दिया है। उन्होंने कहा, "इससे इमरान खान के कानूनी अधिकारों को लेकर चिंता पैदा होती है, यह नाजायज और गैर-इस्लामिक शासन के तहत पाकिस्तान में फैली अराजकता की गंभीरता को दिखाता है।''
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