प्रेमानंद महाराज जी अपने जीवन के संघर्श और श्री जी की भक्ति की वजह से उम्र के सभी पड़ाव के लोगों की जिंदगी पर अच्छा खासा प्रभाव डालते हैं। सोशल मीडिया पर बच्चों से लेकर बड़ों-बूढ़ों तक, कई लोग प्रेमानंद महाराज जी की सलाह न केवल सुनते हैं बल्कि उनकी सलाह पर अमल भी करते हैं। अगर आपको जीवन में कभी भी ये महसूस हो कि आपकी हिम्मत टूट रही है या फिर आपको बार-बार कोशिश करते रहने के बाद सिर्फ असफलता हाथ लग रही है, तो आपको प्रेमानंद महाराज जी की इस सलाह तो जरूर मानकर देखना चाहिए।
शख्स का सवाल क्या था- प्रेमानंद महाराज जी के एकांतिक वार्तालाप में एक शख्स ने पूछा कि जब कोई व्यक्ति किसी भी काम को पूरा करने के लिए मेहनत और नाम जप करे, लेकिन फिर भी उसका काम न बन पाए, तो ऐसी परिस्थिति को कैसे हैंडल करना चाहिए। महाराज जी ने इस सवाल पर जो प्रतिक्रिया दी है, उसके बारे में जानने के बाद हो सकता है कि आपका जिंदगी को देखने का नजरिया बदल जाए।
महाराज जी ने क्या कहा- प्रेमानंद महाराज जी ने इस सवाल का जवाब देते हुए कहा कि जब किसी को ऐसी परिस्थिति का सामना करना पड़ रहा है, तो इसका मतलब है कि उसके पूर्व के पाप के कारण उसे असफलता झेलनी पड़ रही है। इस परिस्थिति से बचने के लिए भजन को बढ़ाना चाहिए। प्रेमानंद जी ने उदाहरण देते हुए समझाया कि मान लीजिए कि हमारा पूर्व का पाप 500 ग्राम है, लेकिन हमारा भजन सिर्फ 50 ग्राम है। इसका मतलब ये है कि हमारे ऊपर 450 ग्राम पाप अभी भी हावी हो रहा है। हमें इतना भजन करना है कि 500 ग्राम क्रॉस हो जाए।
जरूरी है भजन करना- प्रेमानंद महाराज जी अक्सर नाम जप और भजन करने के लिए कहते हैं। महाराज जी कहते हैं कि कितनी भी बड़ी मुसीबत क्यों न हो, डट कर भजन करने से सब कुछ ठीक हो जाता है। इसलिए असफलता में निराश होने की जगह भजन को बढ़ा दीजिए। अगर रात आई है, तो भरोसा रखिए सुबह भी जरूर होगी।
डिस्क्लेमर: इस आर्टिकल में सुझाए गए टिप्स केवल आम जानकारी के लिए हैं। इंडिया टीवी किसी भी प्रकार के दावे की प्रामाणिकता की पुष्टि नहीं करता है।
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