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बांग्लादेश की नई सरकार में एक हिंदू और एक बौद्ध मंत्री को मिली जगह, जानें कौन हैं ये दोनों नेता?

Edited By: Amar Deep @amardeepmau Published : Feb 17, 2026 04:17 pm IST, Updated : Feb 17, 2026 05:06 pm IST

बांग्लादेश में तारिक रहमान की ने प्रधानमंत्री पद की शपथ ले ली है। तारिक रहमान के मंत्रिमंडल में एक हिंदू और एक बौद्ध नेता को भी जगह मिली है। आइये इन दोनों नेताओं के बारे में जानते हैं।

निताई रॉय और दीपेन दीवान।- India TV Hindi
Image Source : PTI/FILE निताई रॉय और दीपेन दीवान।

बांग्लादेश में तारिक रहमान की ने प्रधानमंत्री पद की शपथ ले ली है। उनके साथ कई मंत्रियों ने भी शपथ ग्रहण की। खास बात यह है कि तारिक रहमान के मंत्रिमंडल में एक हिंदू और एक बौद्ध नेता को भी जगह मिली है। जानकारी के मुताबिक हिंदू नेता निताई रॉय चौधरी और बौद्ध नेता के तौर पर दीपेन दीवान चकमा ने तारिक सरकार में मंत्री पद की शपथ ली। 

कौन हैं हिंदू नेता निताई रॉय चौधरी?

निताई रॉय चौधरी बीएनपी की नीति-निर्माण संबंधी शीर्ष स्थायी समिति के सदस्य हैं, जबकि निताई रॉय चौधरी पार्टी के प्रमुख उपाध्यक्षों में से एक होने के साथ-साथ इसके शीर्ष नेतृत्व के लिए एक वरिष्ठ सलाहकार और रणनीतिकार भी हैं। BNP के टिकट पर पश्चिमी मगुरा चुनाव क्षेत्र से निताई रॉय चौधरी ने जीत हासिल की। उन्होंने जमात-ए-इस्लामी के उम्मीदवार को हराया। जनवरी 1949 में पैदा हुए निताई रॉय चौधरी बांग्लादेश के प्रतिष्ठित वकील हैं। वह पहले भी सांसद रह चुके हैं।

कौन हैं बौद्ध नेता दीपेन दीवान चकमा?

वहीं दिपेन दीवान चमका बौद्ध बहुसंख्यक चकमा जातीय अल्पसंख्यक समूह से संबंधित हैं, जिन्होंने दक्षिण-पूर्वी रंगमती पहाड़ी जिले के एक निर्वाचन क्षेत्र से जीत हासिल की। दिपेन दीवान चमका ने दक्षिणपूर्वी रंगमती हिल्स जिले के एक निर्वाचन क्षेत्र से एक स्वतंत्र चकमा उम्मीदवार को हराकर जीत हासिल की। वह एक वकील और राजनीतिज्ञ हैं। उनका जन्म 8 जून, 1963 को रंगमती में हुआ था। वह बौद्ध-बहुल चकमा जातीय समूह से हैं और आदिवासी मामलों पर राष्ट्रपति जियाउर रहमान के पूर्व सलाहकार सुबिमल दीवान के बेटे हैं।  

चार अल्पसंख्यक नेताओं की मिली थी जीत

दरअसल, बांग्लादेश में हुए संसदीय चुनावों में अल्पसंख्यक समुदायों के 4 उम्मीदवारों ने जीत हासिल की थी। विजयी हुए उम्मीदवारों में 2 हिंदू और 2 बौद्ध नेता थे। इनमें से एक हिंदू और एक बौद्ध नेता को मंत्रिमंडल में शामिल किया गया है। आम चुनाव में जीत हासिल करने वाले चारों अल्पसंख्यक नेता बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) के उम्मीदवार थे हैं। चुनाव में जीत हासिल करने वाले हिंदू नेताओं में गायेश्वर चंद्र रॉय और निताई रॉय चौधरी का नाम है, जबकि दो बौद्ध नेताओं की बात करें तो ये सचिन प्रू और दीपेन दीवान चकमा का नाम है। 

तारीक रहमान बने बांग्लादेश के प्रधानमंत्री

बता दें कि बांग्लादेश के आम चुनावों में अपनी पार्टी को जबरदस्त जीत दिलाने के कुछ दिनों बाद तारिक रहमान ने मंगलवार को बांग्लादेश के नए प्रधान मंत्री के रूप में शपथ ली। राष्ट्रपति मोहम्मद शहाबुद्दीन ने लंबे समय से चली आ रही परंपरा से हटकर, 60 वर्षीय तारिक रहमान को बंगभवन के बजाय जातीय संसद के साउथ प्लाजा में पद की शपथ दिलाई। इससे पहले दिन में, तारिक रहमान को बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी के सांसदों द्वारा संसदीय दल के नेता के रूप में चुना गया था।

मंत्रिमंडल में होंगे कुल 49 नेता

बता दें कि बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) के तारिक रहमान ने 25 मंत्रियों और 24 राज्य मंत्रियों के साथ 49 सदस्यीय मंत्रिमंडल के बारे में जानकारी दी है। हालांकि, उन्होंने अभी तक विभागों का बंटवारा नहीं किया है। बांग्लादेश सरकार का शपथ ग्रहण समारोह चुनाव आयुक्त एएमएम नासिर उद्दीन द्वारा संसद के नवनिर्वाचित सदस्यों को शपथ दिलाने के कुछ घंटों बाद आयोजित किया गया था। दिलचस्प बात यह है कि तारिक रहमान दो दशकों से अधिक समय में बांग्लादेश की सरकार का नेतृत्व करने वाले पहले पुरुष बन गए क्योंकि दो दशकों तक सत्ता उनकी मां, दिवंगत खालिदा जिया और शेख हसीना के बीच घूमती रही, जिन्होंने 2009 से 2024 तक उनके सत्ता से हटने तक देश पर शासन किया था।

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