Panchak 2026: आज सुबह 9 बजकर 6 मिनट से पंचक शुरू हो चुका है। धनिष्ठा एक पंचक नक्षत्र है। धनिष्ठा से लेकर रेवती तक के पांच नक्षत्रों को पंचक नक्षत्र कहा जाता है। पंचक की श्रेणी में धनिष्ठा पहला पंचक है, इसलिए आज पंचक है। आपको बता दें कि हिंदू धर्म में पंचक को अशुभ दिन माना जाता है। पंचक के दौरान कोई भी कार्य नहीं किए जाते हैं। पंचक में विशेष सावधानी बरतने की जरूरत होती है। फरवरी में पंचक समाप्त 21 फरवरी को होगा। ऐसे में 21 फरवरी की शाम 7 बजकर 7 मिनट तक आपको इन सब बातों का ध्यान रखना चाहिए। तो आइए जानते हैं कि पंचक में क्या-क्या करना वर्जित होता है।
पंचक में लकड़ी से जुड़े काम विशेष तौर पर न करें। पंचक में लकड़ी का काम कराना अशुभ माना जाता है। तो पंचक के दौरान घर में लकड़ी का कार्य नहीं कराना चाहिए और ना ही लकड़ी इकट्ठी करनी चाहिए। इसके अलावा पंचक में पलंग या चारपाई बांधने और बुनने से भी बचना चाहिए। पंचक में नए घर का निर्माण नहीं कराना चाहिए और न ही घर पर छत डलवाने का कार्य करें। पंचक में कोई भी मांगलिक कार्यों को करने से भी बचना चाहिए। इस दौरान गृह प्रवेश, नामकरण संस्कार और नई विद्या आरंभ जैसे शुभ कार्य भी न करें। इसके अलावा पंचक के दौरान दक्षिण दिशा की यात्रा भी न करें। दरअसल दक्षिण दिशा यम कि दिशा मानी जाती है। अगर यात्रा करना जरूरी है तो हनुमान चालीसा का पाठ करें और उत्तर दिशा में कुछ कदम चलकर यात्रा शुरू करें।
बता दें कि पंचक कई प्रकार के होते हैं। सप्ताह के दिन के हिसाब से पंचक की शुभता और अशुभता तय की जाती है। ऐसे ही मंगलवार के दिन शुरू होने वाले पंचक को अग्नि पंचक कहा जाता है। इस पंचक में व्यक्ति को अग्नि से भय बना रहता है। अग्नि पंचक में किसी भी तरह का निर्माण कार्य, औजार और मशीनरी कामों की शुरुआत करना अशुभ माना गया है।
(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इंडिया टीवी एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)
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