इंडियन कोस्ट गार्ड (ICG) ने मुंबई के पश्चिमी समुद्री क्षेत्र में एक बड़े अंतरराष्ट्रीय तेल तस्करी रैकेट का भंडाफोड़ किया है। कोस्ट गार्ड ने मुंबई तट के पास 3 संदिग्ध तेल टैंकर जब्त किए हैं। एक हाई टेक ऑपरेशन में कोस्ट गार्ड ने तीन विदेशी जहाज को पकड़ा, जिनमें बड़ी मात्रा में तेल और तेल आधारित कार्गो मौजूद था। कोस्ट गार्ड के अनुसार, ये विदेशी जहाज रूस-ईरान जैसे युद्धग्रस्त देशों से सस्ता तेल लेकर अंतरराष्ट्रीय समुद्री इलाकों में मोटर टैंकरों को मिड-सी ट्रांसफर के जरिए सप्लाई करते थे। इस तरीके से तस्कर भारी मुनाफा कमाते थे और तटीय देशों को देय टैक्स और ड्यूटी से भी बचते थे।
दरअसल, 5 फरवरी को मुंबई से करीब 100 नॉटिकल मील पश्चिम में इंडियन कोस्ट गार्ड के जहाजों ने तीन संदिग्ध जहाजों को इंटरसेप्ट किया। इसके बाद ICG की स्पेशलिस्ट बोर्डिंग टीम ने जहाजों की गहन तलाशी ली। इलेक्ट्रॉनिक डेटा की जांच, दस्तावेजों के सत्यापन और क्रू से पूछताछ के बाद तस्करी की पूरी कड़ी और अपराधियों का पूरा मोडस ऑपेरेंडी खुलकर सामने आ गया।
कोस्ट गार्ड की टेक्नोलॉजी आधारित निगरानी प्रणाली ने सबसे पहले एक मोटर टैंकर को भारतीय विशिष्ट आर्थिक क्षेत्र (EEZ) में संदिग्ध गतिविधि करते हुए पकड़ा। इसके बाद डिजिटल जांच और डेटा पैटर्न एनालिसिस के जरिये दो अन्य जहाजों की पहचान की गई, जो समुद्र में अवैध रूप से तेल आधारित कार्गो का ट्रांसफर कर रहे थे।
इन जहाजों के IMO नंबर अमेरिका द्वारा प्रतिबंधित जहाजों से मेल खाते हैं और इनका ईरान से संबंध होने का शक है। जानकारी के मुताबिक, पहचान छिपाने के लिए जहाजों ने नाम-झंडा बदल लिया था। हालांकि, ईरान की नेशनल ईरानियन ऑयल कंपनी (NIOC) ने इन जहाजों से किसी भी तरह के संबंध से इनकार किया है। सूत्रों के मुताबिक इन जहानों के नाम स्टेलर रूबी, अस्फाल्ट स्टार और अल जफजिआ (Stellar Ruby, Asphalt Star और Al Jafzia) हैं।
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