A
Hindi News विदेश अमेरिका चिली के जंगलों में लगी आग के बाद एक्टिव हुए राष्ट्रपति गेब्रियल, घोषित की इमरजेंसी; भयावह हैं हालात

चिली के जंगलों में लगी आग के बाद एक्टिव हुए राष्ट्रपति गेब्रियल, घोषित की इमरजेंसी; भयावह हैं हालात

चिली के जंगलों में लगी आग लगातार फैल रही है। बायोबियो और नुब्ले इलाकों में हालात बेहद खराब है। गर्मी और तेज हवाओं के चलते आग पर काबू पाना बेहद मुश्किल साबित हो रहा है।

Chile Wildfires- India TV Hindi Image Source : AP Chile Wildfires

Chile Wildfires: चिली इस समय भयावह आपदा की चपेट में है। अधिकारियों ने बताया कि मध्य और दक्षिणी चिली के जंगलों में लगी आग की चपेट में आने से कम से कम 18 लोगों की मौत हो गई है। हजारों एकड़ जंगल जल गए हैं और सैकड़ों घर तबाह हो गए हैं। चिली के मौसम की बात करें तो यह दक्षिण अमेरिकी देश फिलहाल भीषण लू की चपेट में है। चिली के राष्ट्रपति गेब्रियल बोरिक ने देश के मध्य बायोबियो क्षेत्र और पड़ोसी नुब्ले क्षेत्र में हालात को देखते हुए आपदा की स्थिति घोषित कर दी है।

लगातार बढ़ रही है आग

चिली के जंगलों में लगी आग लगातार बढ़ रही है और अब तक 8,500 हेक्टेयर (21,000 एकड़) में फैल चुकी है। बायोबियो क्षेत्र के बुरी तरह प्रभावित शहर कॉन्सेप्सियन में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान राष्ट्रपति बोरिक ने पीड़ितों के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त की। उन्होंने कहा कि सरकार की शुरुआती रिपोर्टों के अनुसार 18 लोगों की मौत हो गई है और 300 घर नष्ट हो गए हैं, नुकसान का पूरा अंदाजा अभी नहीं लगाया जा सका है।

लोगों ने राष्ट्रपति से की शिकायत

राष्ट्रपति बोरिक ने अनुमान लगाते हुए कहा कि अकेले बायोबियो क्षेत्र में प्रभावित घरों की कुल संख्या एक हजार से अधिक है। पहाड़ियों पर लगी आग के कारण 50,000 लोगों को अपना घर छोड़ना पड़ा है। उन्होंने कहा कि यह मुश्किल समय हैं। उनके संबोधन के बाद स्थानीय अधिकारियों की शिकायतें भी सामने आईं जिसमें कहा गया कि घंटों तक हर जगह तबाही थी और कहीं कोई मदद नहीं थी।

Image Source : apChile Wildfires

गर्मी और तेज हवा ने बिगाड़े हालात

चिली में हालात ऐसे हैं कि दमकलकर्मियों को आग बुझाने के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है। गर्मी और तेज हवाओं की वजह से हालात और बिगड़ गए हैं। गृह मंत्री अल्वारो एलिजाल्डे ने कहा के कि आने वाले दिनों में मौसम की स्थिति अच्छी नहीं है और बहुत अधिक तापमान का संकेत मिल रहा है। कई लोगों ने बताया कि आग लगने के बाद वो अपने घरों में फंस गए। 55 साल के जॉन गुजमैन ने कहा, "बहुत से लोगों ने जगह खाली नहीं की। वो अपने घरों में ही रहे क्योंकि उन्हें लगा कि आग जंगल के किनारे पर रुक जाएगी।"

भयावह दिखा मंजर

आग ने पेंको शहर के ज्यादातर हिस्से को अपनी चपेट में ले लिया है। कारें, स्कूल और चर्च जल गए हैं। हजारों लोग अस्थायी इमरजेंसी शेल्टर में शरण लेने के लिए मजबूर हुए हैं। 52 साल के जुआन लागोस ने कहा कि वो बच्चों के साथ अंधेरे में भागकर निकले। खेतों, घरों, सड़कों के किनारे और कारों में जले हुए शव मिले। 54 साल के विक्टर बुरबोआ ने कहा, "जो हम देख सकते हैं, उससे पता चलता है कि कुछ लोग मर गए हैं।"

हर साल लगती है आग

हर गर्मियों में सेंट्रल और दक्षिणी चिली के जंगलों में आग लगती है, जो आमतौर पर फरवरी में अपने चरम पर पहुंच जाती है। 2024 में, चिली के सेंट्रल कोस्टलाइन में लगी भीषण आग में कम से कम 130 लोग मारे गए थे, जो 2010 के विनाशकारी भूकंप के बाद देश की सबसे घातक प्राकृतिक आपदा बन गई थी। पड़ोसी देश अर्जेंटीना भी पिछले कुछ हफ्तों से जंगल की आग को काबू करने के लिए संघर्ष कर रहा है। यहां आग ने हजारों एकड़ जंगल को जला दिया है।

यह भी पढ़ें:

VIDEO: स्पेन में हुआ भयानक रेल हादसा, 21 लोगों की मौत; दर्जनों घायल

ईरान में अब तक 3,766 लोगों के मारे जाने की पुष्टि, 24 हजार से ज्यादा लोग हुए गिरफ्तार

Latest World News