ईरान से बढ़ते तनाव के बीच एक्शन में ट्रंप, अमेरिका मिडिल ईस्ट भेज रहा दूसरा घातक जंगी बेड़ा
अमेरिका दुनिया का सबसे बड़ा एयरक्राफ्ट कैरियर मिडिल ईस्ट भेज रहा है। ईरान पर दबाव बढ़ाने के लिए अमेरिका ने इस तरह का कदम उठाया है। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पहले ही इस बात के संकेत दिए थे।
Iran-US Tensions: अमेरिका और ईरान के बीच तनाव बढ़ा हुआ है। तनाव के बीच अब अमेरिका दुनिया का सबसे बड़ा एयरक्राफ्ट कैरियर यूएसएस गेराल्ड आर. फोर्ड को मिडिल ईस्ट भेज रहा है। यह कदम राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की उस कोशिश को और मजबूत करेगा, जिसमें वो ईरान को उसके न्यूक्लियर प्रोग्राम पर एक नई डील के लिए मजबूर करना चाहते हैं।
यूएसएस अब्राहम लिंकन पहले ही है तैनात
शुक्रवार को एक प्लान से जुड़े शख्स ने नाम ना बताने की शर्त पर बताया कि यूएसएस फोर्ड को कैरिबियन सागर से मिडिल ईस्ट भेजा जा रहा है। वहां पहले से ही यूएसएस अब्राहम लिंकन और उसके साथ आने वाले गाइडेड मिसाइल डिस्ट्रॉयर तैनात हैं। अब 2 बड़े कैरियर स्ट्राइक ग्रुप और उनके साथ कई वॉरशिप इलाके में होंगे। इससे अमेरिका की सैन्य ताकत में खासा इजाफा होगा। फोर्ड की तैनाती के बारे में सबसे पहले द न्यूयॉर्क टाइम्स ने रिपोर्ट किया था।
वेनेजुएला के खिलाफ अभियान का हिस्सा था यूएसएस फोर्ड
यूएसएस फोर्ड जून 2025 के अंत में डिप्लॉयमेंट के लिए निकला था। शुरू में यह यूरोप जा रहा था, लेकिन बाद में इसे कैरिबियन भेज दिया गया। वहां यह वेनेजुएला के खिलाफ अमेरिकी अभियान का हिस्सा था, जिसमें पिछले महीने वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को पकड़ा गया था। अब अचानक इसे मिडिल ईस्ट रवाना किया जा रहा है। जहाज के क्रू को बताया गया है कि वे घर नहीं लौट रहे, बल्कि मिडिल ईस्ट जा रहे हैं। क्रू को कम से कम अप्रैल या मई तक वहां रहना पड़ सकता है, यानी कुल डिप्लॉयमेंट 8-10 महीने तक हो सकती है। यह क्रू के लिए बहुत लंबा समय है।
ट्रंप ने दिया था संकेत
ट्रंप ने कुछ दिन पहले ही ईरान के साथ बातचीत का संकेत दिया था। उन्होंने कहा था कि अगले महीने तक कुछ बड़ा हो सकता है। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर डील नहीं हुई तो ईरान के लिए यह बहुत दर्दनाक होगा। ट्रंप ने एक्सियोस को बताया था कि वो मिडिल ईस्ट में दूसरा कैरियर भेजने पर विचार कर रहे हैं। बुधवार को उन्होंने इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से भी लंबी बात की थी। नेतन्याहू ने ट्रंप से कहा था कि ईरान पर दबाव डालें ताकि वह अपने बैलिस्टिक मिसाइल प्रोग्राम को कम करे और हमास-हिज्बुल्लाह जैसे ग्रुप्स को सपोर्ट बंद करे।
ईरान में मारे गए हजारों लोग
ईरान और अमेरिका के बीच पिछले हफ्ते ओमान में इनडायरेक्ट बातचीत हुई थी। खाड़ी के अरब देशों ने पहले ही चेतावनी दी है कि ईरान पर कोई हमला पूरे मिडिल ईस्ट में बड़ी लड़ाई का रूप ले सकता है। इलाका अभी गाजा में इजरायल-हमास युद्ध से उबर रहा है। ईरान में पिछले महीने बड़े विरोध प्रदर्शन हुए थे, जिन्हें सरकार ने हिंसक तरीके से कुचल दिया। हजारों लोग मारे गए हैं।
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