Ukraine Laser System Weapon: रूस और यूक्रेन के बीच जंग जारी है। जंग में दोनों ही ओर लगातार ताबड़तोड़ हमले किए जा रहे है। लेकिन, इस बीच यूक्रेन ने एक प्रलयंकारी हथियार को मैदान में उतार दिया है। खबर है कि यूक्रेन ने एक ऐसा साइलेंट एयर डिफेंस सिस्टम बनाया है जो हवा में रूसी ड्रोन को लगभग बिना किसी आवाज के मार गिरा सकता है। इसकी खास बात यह भी है कि हमले के दौरान इसमें से किसी तरह की रोशनी भी नजर नहीं आती है।
द अटलांटिक के मुताबिक, सनरे नाम का प्रोटोटाइप सिस्टम हाल ही में फील्ड में दिखाया गया जहां इसने कुछ ही सेकंड में एक छोटे UAV को जला दिया, जिससे वह आसमान से गिर गया। इस घटना के बारे में बताते हुए, द अटलांटिक के रिपोर्टर साइमन शस्टर ने कहा कि लेजर सिस्टम, जिसे लेजर कैनन के नाम से जाना जाता है, को एक खाली मैदान में पिकअप ट्रक की छत पर रखा गया था। फिर, कुछ दूरी से एक इंजीनियर ने छोटा ड्रोन लॉन्च किया। ड्रोन लॉन्च होते ही लेजर के कैमरों ने ऑटोमैटिकली उसे ट्रैक कर लिया। इसे बाद ऑपरेटर चिल्लाया, 'फायर' और तुरंत हवा में ही ड्रोन में आग लग गई। शस्टर ने कहा, "कुछ ही सेकंड में ड्रोन ऐसे जलने लगा जैसे उस पर कोई अनदेखी बिजली गिरी हो, फिर वह आग की तरह जमीन पर गिर गया।"
देखने वाली बात यह है कि, यह पहली बार था जब यूक्रेन ने सनरे लेजर हथियार दिखाया है। पहले इसे 'ट्राइडेंट' के नाम से जाना जाता था, यह लेजर कोई आवाज या दिखने वाली बीम नहीं बनाता है। न्यूयॉर्क पोस्टकी रिपोर्ट के मुताबिक, यूक्रेन की अनमैन्ड सिस्टम्स फोर्सेज को लीड करने वाले कर्नल वादिम सुखारेव्स्की ने कहा कि सनरे आसमान में 1.2 मील (लगभग 2 km) दूर तक रूसी एयरक्राफ्ट को मार सकता है।
सनरे दुनिया का पहला लेजर हथियार नहीं है। अमेरिकन नेवी के पास अपना खुद का लेजर सिस्टम है जिसे हेलिओस कहते हैं, जिसे लॉकहीड मार्टिन ने $150 मिलियन में डेवलप किया था और इसे बनाने में 4 साल लगे थे। सनरे सिर्फ 2 साल में बन गया था। सनरे को कुछ लाख डॉलर प्रति यूनिट में बेचा जा सकता है जिससे यह अमेरिका में बने ऐसे ही लेजर हथियारों से बहुत सस्ता हो जाता है।
द कीव पोस्ट की रिपोर्ट के मुताबिक, यूक्रेन के डिफेंस मिनिस्टर मिखाइलो फेडोरोव ने हाल ही में कहा था कि एंटी ड्रोन डोम बनाना तुरंत जरूरी है। यह भविष्य के बारे में नहीं है। यह आज जिंदा रहने के बारे में है। कीव के एयर डिफेंस फोर्स के कमांडर बनाए गए पावलो येलिजारोव ने भी हाल ही में बताया था कि यूक्रेन की हथियार बनाने वाली कंपनियां रूस के खिलाफ लड़ाई में पर्सनली इन्वेस्टेड हैं, जबकि अमेरिकी कंपनियां ज्यादातर प्रॉफिट पर फोकस कर रही हैं।
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