अगर सुबह उठते ही गर्दन अकड़ी हुई लगे, दर्द कंधे से होते हुए हाथ तक जाए और उंगलियों में झनझनाहट महसूस हो तो इसे मामूली दर्द समझकर टालना नहीं चाहिए। ऐसा गलत तरीके से सोने की वजह से या लगातार काम करने की वजह से नहीं है, बल्कि आपकी गर्दन नस दब चुकी है। इस स्थित में हाथ में तेज दर्द महसूस होता है। कई बार ये दर्द इतना ज्यादा होता है कि एक जगह बैठना भी मुश्किल हो जाता है। आइये जानते हैं गर्दन की नस दबने के क्या है कारण और इसका इलाज क्या है।
जब गर्दन की रीड में मौजूद नस पर डिस्क, हड्डी, सूजन या मांसपेशी का दबाव पड़ता है तो उसे गर्दन की नस दबना कहते हैं। साधारण भाषा में समझें तो आपका गर्दन की हड्डी नस को दबाने लगती है। इससे दर्द सिर्फ गर्दन तक नहीं रहती बल्कि कंधे, हाथ और उंगलियों तक भी फैल जाता है। कई बार यह स्लिप डिस्क के कारण होता है या फिर गलत पोश्चर में बैठने से सर्वाइकल, स्पॉन्डिलाइटिस भी इसका कारण है। मांसपेशियों में खिंचाव से भी ऐसा हो सकता है। यहां तक कि चोट और एक्सीडेंट में भी यह नस दबने का कारण बनता है।
अगर आपको गर्दन में दर्द है तो धीरे-धीरे हाथ में बढ़ रहा है तो इसे हल्के में नहीं लेना चाहिए। दर्द अगर 1-2 दिन में सही नहीं होता है तो डॉक्टर को दिखाएं। ऐसे में दर्द बढ़ाने वाली एक्टिविटीज जैसे एक्सरसाइज करना, जिम करना या फिर डांस या कोई भी एक्सट्रीम मूवमेंट्स नहीं करें। अगर आपको दवा लेने की जरूरत पड़ रही है तो बिना डॉक्टर की सलाह के दवा न खाएं।
इस दर्द से तुरंत राहत पाने के लिए आपको दवा खानी पड़ेगी, लेकिन लंबे समय दर्द को दूर करने के लिए फिजियोथेरेपी की मदद लें। इसमें आपको गर्दन की स्ट्रेचिंग एक्सरसाइज, पॉश्चर करेक्शन जैसी बातें बताई जाएंगी, जिससे काफी आसाम मिलेगा। कुछ समय के लिए सर्वाइकल कॉलर भी पहना जा सकता है जो आपको सपोर्ट देगा और इस दर्द को कम करने में मदद करेगा।
गर्दन का दर्द, सर्वाइकल पेन से कैसे बचें
गंभीर स्थिति में आपको एमआरआई कराना पड़ता है और कई मामलों में सर्जरी की मदद लेनी पड़ती है। अगर आप भी इस तरह के दर्द से जूझ रहे हैं और दर्द सुबह उठते ही शुरू हो जाता है। तो ऐसे में एक दो बार दिन भर में गर्म सिकाई करें। सही तकिया और सही सोने की पोजीशन का ख्याल रखें। मोबाइल और लैपटॉप आंखों के लेवल पर रखें। काम के दौरान हर 30 से 40 मिनट में ब्रेक जरूर लें।
Disclaimer: (इस आर्टिकल में सुझाए गए टिप्स केवल आम जानकारी के लिए हैं। सेहत से जुड़े किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी भी तरह का बदलाव करने या किसी भी बीमारी से संबंधित कोई भी उपाय करने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह जरूर लें। इंडिया टीवी किसी भी प्रकार के दावे की प्रामाणिकता की पुष्टि नहीं करता है।)
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