बिहार की पूर्णिया सीट से निर्दलीय सांसद पप्पू यादव शुक्रवार को जेल से रिहा हो गए हैं। आपको बता दें कि बीते मंगलवार को सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव को 31 साल पुराने जालसाजी मामले में एक स्पेशल कोर्ट से जमानत मिल गई थी। अब एक सप्ताह पहले गिरफ्तारी के दौरान हंगामा करने और सरकारी काम मे बाधा डालने को लेकर दर्ज मामले में भी पप्पू यादव को जमानत मिल गई है।इसके अलावा पटना और पूर्णिया मे सड़क पर प्रदर्शन से संबंधित पुराने 2 मामलों में भी पप्पू यादव को जमानत मिल गई है।
पटना की बेऊर जेल से बाहर आने के बाद पूर्णिया के सांसद पप्पू यादव ने बड़ा दावा किया है। पप्पू यादव ने कहा- "मेरी गिरफ्तारी के पीछे एक बड़ी साजिश थी। मैं उच्च अधिकारियों से संपर्क करूंगा।" आपको बता दें कि पप्पू यादव को बीते 7 फरवरी को मध्यरात्रि को पुलिस द्वारा गिरफ्तार कर लिया गया था।
दरअसल, पप्पू यादव के खिलाफ साल 1995 में तत्कालीन भारतीय दंड संहिता की धारा 467 (दस्तावेजों की जालसाजी) के तहत केस दर्ज किया गया था। पप्पू यादव पर आरोप था कि वह जिस मकान में किराए पर रहते थे, उसमें उन्होंने पार्टी का ऑफिस खोल लिया था। मकान मालिक ने उनके खिलाफ मामला दर्ज कराया था। जानकारी के मुताबिक, इस मामले में कोर्ट द्वारा लंबे समय से पप्पू यादव के खिलाफ वारंट जारी किया जा रहा था। हालांकि, कथित तौर पर पप्पू यादव बीते 31 साल से पेश नहीं हो रहे थे।
पप्पू यादव ने गिरफ्तारी से पहले बयान जारी करते हुए कहा था- "मैं संसद सत्र में भाग लेकर लौटा हूं। मुझे अदालत के समन की जानकारी है और मैं पेश होऊंगा। लेकिन कुछ पुलिसकर्मी सादे कपड़ों में आए हैं और वे दुर्व्यवहार कर रहे हैं।" पप्पू यादव ने कहा था कि वह राज्य सरकार की आलोचना कर रहे हैं, इसलिए उन्हें निशाना बनाया जा रहा है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी और प्रियंका गांधी ने भी पप्पू यादव की गिरफ्तारी की निंदा की थी और इसे राजनीतिक प्रतिशोध करार दिया था।
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