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Bank Strike: बैंकों में 2 दिन की हड़ताल की न लें टेंशन! यहां आसानी से निपटा सकते हैं बैंकिंग के सारे काम

 Edited By: India TV Paisa Desk
 Published : Mar 28, 2022 02:02 pm IST,  Updated : Mar 28, 2022 02:02 pm IST

इस हड़ताल को झारखंड, छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश, असम, हरियाणा, दिल्ली, पश्चिम बंगाल, तेलंगाना, केरल, तमिलनाडु, कर्नाटक, बिहार, पंजाब, राजस्थान, गोवा और ओडिशा से अच्छी प्रतिक्रिया

Bank Strike- India TV Hindi
Bank Strike Image Source : FILE

नयी दिल्ली। सरकारी बैंकों के कर्मचारी सोमवार और मंगलवार को हड़ताल पर हैं। कर्मचारियों, किसानों और आम लोगों पर प्रतिकूल असर डालने वाली सरकार की कथित गलत नीतियों के विरोध में केंद्रीय श्रमिक संगठनों की दो दिवसीय राष्ट्रीय हड़ताल सोमवार को शुरू हो गई। हालांकि इंटरनेट बैंकिंग और एटीएम सेवाएं चालू हैं। वहीं निजी बैंकों में रोजना की तरह कामकाज चल रहा है। 

अखिल भारतीय ट्रेड यूनियन कांग्रेस (एटक) की महासचिव अमरजीत कौर ने पीटीआईःभाषा से बातचीत में कहा कि केंद्रीय श्रमिक संगठनों के संयुक्त मोर्चे की तरफ से बुलाई गई दो दिनों की राष्ट्रीय हड़ताल शुरू हो गई है। उन्होंने कहा कि इस हड़ताल को झारखंड, छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश के कोयला खनन क्षेत्रों के अलावा असम, हरियाणा, दिल्ली, पश्चिम बंगाल, तेलंगाना, केरल, तमिलनाडु, कर्नाटक, बिहार, पंजाब, राजस्थान, गोवा और ओडिशा के औद्योगिक क्षेत्रों से अच्छी प्रतिक्रिया देखी जा रही है। 

हड़ताल से इन सेवाओं पर पड़ा असर

यदि आपको कोई ऐसा काम है जो बैंक शाखा जाकर ही निपटाया जा सकता है या फिर आपको बैंक से लोन की मंजूरी लेनी है, तो आपको मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता है। हड़ताल के कारण देश भर की बैंक शाखाओं में जमा और निकासी, चेक निकासी और ऋण मंजूरी जैसी सेवाएं प्रभावित हो सकती हैं। 

निजी क्षेत्र के बैंकों में कामकाज बेअसर 

यदि आपका खाता निजी बैंकों में है तो आपको चिंता करने की जरूरत नहीं है। निजी क्षेत्र के एचडीएफसी बैंक, आईसीआईसीआई बैंक और कोटक महिंद्रा जैसे अगली पीढ़ी के बैंक हमेशा की तरह सामान्य रूप से काम कर रहे हैं। 

बैंकों और बीमा क्षेत्र में प्रभाव 

बैंकों एवं बीमा क्षेत्र की सेवाएं भी हड़ताल की वजह से प्रभावित हुई हैं। वहीं स्टील एवं तेल क्षेत्रों पर इसका आंशिक असर देखा जा रहा है। इस हड़ताल ने बैंकों के कामकाज पर भी असर डाला है। हालांकि यह असर आंशिक रूप से ही देखा जा रहा है क्योंकि बैंक कर्मचारी संगठनों का एक हिस्सा ही इस हड़ताल का साथ दे रहा है। निजी क्षेत्र के नए बैंकों का कामकाज इससे लगभग बेअसर है। 

पूर्वी भारत में सबसे ज्यादा असर 

अखिल भारतीय बैंक कर्मचारी संघ (एआईबीईए) के महासचिव सी एच वेंकटचलम ने कहा कि इस हड़ताल का असर पूर्वी भारत में ज्यादा देखा जा रहा है और सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों की तमाम शाखाएं बंद हैं। अन्य क्षेत्रों में बैंकों की शाखाओं में अधिकारियों की मौजूदगी होने के बावजूद कर्मचारियों के अनुपस्थित होने से कामकाज प्रभावित हो रहा है। भारतीय बैंक कर्मचारी महासंघ (बीईएफआई) और अखिल भारतीय बैंक अधिकारी संघ (एआईबीओआई) भी इस हड़ताल को अपना समर्थन दे रहे हैं। एटक के अलावा श्रमिक संगठन सीटू और इंटक समेत कुल 10 संगठन हाल में किए गए श्रम सुधारों और निजीकरण की कोशिशों का विरोध कर रहे हैं। इसके अलावा मनरेगा के लिए बजट आवंटन बढ़ाने और संविदा पर काम करने वाले कर्मचारियों को नियमित करने की भी मांग है।

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