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सुनील भारती मित्तल को ब्रिटेन में किंग चार्ल्स से मिला मानद नाइटहुड सम्मान, बने इस मामले में पहले भारतीय

 Published : Feb 28, 2024 06:29 pm IST,  Updated : Feb 28, 2024 07:07 pm IST

सुनील भारती मित्तल ने कहा कि किंग चार्ल्स की तरफ से इस सम्मान के लिए मैं बहुत आभारी हूं। मैं हमारे दो महान देशों के बीच आर्थिक और द्विपक्षीय व्यापार संबंधों को मजबूत करने की दिशा में काम करने के लिए प्रतिबद्ध हूं।

भारती एंटरप्राइजेज के संस्थापक और अध्यक्ष सुनील भारती मित्तल।- India TV Hindi
भारती एंटरप्राइजेज के संस्थापक और अध्यक्ष सुनील भारती मित्तल। Image Source : PTI

भारती एंटरप्राइजेज के संस्थापक और अध्यक्ष सुनील भारती मित्तल को ब्रिटेन में किंग चार्ल्स III की तरफ से मानद नाइटहुड, नाइट कमांडर ऑफ द मोस्ट एक्सेलेंट ऑर्डर ऑफ द ब्रिटिश एम्पायर (केबीई) से सम्मानित किया गया है। मित्तल किंग चार्ल्स से नाइटहुड प्राप्त करने वाले पहले भारतीय हैं। उन्हें ब्रिटिश साम्राज्य के सबसे उत्कृष्ट ऑर्डर के नाइट कमांडर से सम्मानित किया गया। भारती एंटरप्राइजेज के मुताबिक,केबीई ब्रिटिश संप्रभु द्वारा नागरिकों को दिए जाने वाले सर्वोच्च सम्मानों में से एक है। यह विदेशी नागरिकों को मानद उपाधि से सम्मानित किया जाता है।

मित्तल ने कहा -इस सम्मान के लिए मैं बहुत आभारी हूं

खबर के मुताबिक, इस खास सम्मान को लेकर सुनील भारती मित्तल ने कहा कि किंग चार्ल्स की तरफ से इस सम्मान के लिए मैं बहुत आभारी हूं। यूके और भारत के बीच ऐतिहासिक संबंध हैं,जो अब बढ़ते सहयोग और सहयोग के एक नए युग में प्रवेश कर रहे हैं। मित्तल ने आगे कहा कि मैं हमारे दो महान देशों के बीच आर्थिक और द्विपक्षीय व्यापार संबंधों को मजबूत करने की दिशा में काम करने के लिए प्रतिबद्ध हूं। मैं ब्रिटिश सरकार का आभारी हूं, जिसका समर्थन और व्यापार की जरूरतों पर गहरा ध्यान देश को आकर्षक निवेश बनाने में महत्वपूर्ण रहा है।

मित्तल को मिल चुका है पद्म भूषण

खबर के मुताबिक, सुनील भारती मित्तल को साल 2007 में भारत के तीसरे सर्वोच्च नागरिक सम्मान, पद्म भूषण से सम्मानित किया जा चुका है। मित्तल ने भारत के जी20 की अध्यक्षता के दौरान अफ्रीकी आर्थिक एकीकरण पर बी20 इंडिया एक्शन काउंसिल के अध्यक्ष के रूप में कार्य किया। वह इंटरनेशनल टेलीकॉम फेडरेशन/यूनेस्को ब्रॉडबैंड आयोग में आयुक्त भी हैं।

केबीई विदेशी नागरिकों को मानद क्षमता से प्रदान किया जाता है। जबकि यूके के नागरिकों को दी जाने वाली नाइटहुड उन्हें सर या डेम की उपाधि देती है, गैर-यूके नागरिकों को इस सम्मान से सम्मानित किया जाता है, वे सर या डेम जैसी उपाधियों का उपयोग करने के बजाय अपने नाम के बाद केबीई (या महिलाओं के लिए डीबीई) जोड़ते हैं। बता दें, मानद केबीई इससे पहले रतन टाटा (2009), रविशंकर (2001) और जमशेद ईरानी (1997) को मिल चुका है।

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