1. Hindi News
  2. पैसा
  3. बिज़नेस
  4. एक्स पर ब्लू बैज वाले भी फेक न्यूज फैलाकर कर रहे कमाई, अब आई ये चौंकाने वाली रिपोर्ट

एक्स पर ब्लू बैज वाले भी फेक न्यूज फैलाकर कर रहे कमाई, अब आई ये चौंकाने वाली रिपोर्ट

 Edited By: Alok Kumar @alocksone
 Published : Nov 25, 2023 03:50 pm IST,  Updated : Nov 25, 2023 03:50 pm IST

विश्लेषकों ने कुल मिलाकर 86 प्रमुख ब्रांडों, गैर-लाभकारी संस्थाओं, शैक्षणिक संस्थानों और सरकारों के 200 विज्ञापनों की पहचान की, जो 30 में से 24 ट्वीट्स के नीचे फीड में दिखाई दिए, जिनमें इजरायल-हमास युद्ध के बारे में झूठे या बेहद भ्रामक दावे थे।

X- India TV Hindi
एक्स Image Source : FILE

Twitter अब एक्स फेक न्यूज फैलाने का बड़ा प्लेटफॉर्म बनता जा रहा है। दरअसल, जब से एलन मस्क ने एक्स पर ब्लूआई बैज पैसे लेकर देना शुरू किया है, तब से पैसे लेकर फेक न्यूज फैलाया जा रहा है। 13-22 नवंबर तक, न्यूजगार्ड के विश्लेषकों ने 30 वायरल ट्वीट्स के नीचे फीड में दिखाई देने वाले प्रोग्रामेटिक विज्ञापनों की समीक्षा की, जिनमें युद्ध के बारे में झूठी या बेहद भ्रामक जानकारी थी। इसके बावजूद सुपर-स्प्रेडर्स, जो ब्लूआई बैज वाले वेरिफाइड प्रीमियम यूजर्स हैं, इजरायल-हमास युद्ध के बारे में षड्यंत्रकारी दावे करने के बाद भी एलन मस्क के विज्ञापन राजस्व को हासिल कर रहे हैं।

क्रिएटर्स के लिए पेश किया गया था 

एक नए विज्ञापन राजस्व साझाकरण कार्यक्रम की शर्तों के तहत, जिसे एक्स ने अपने क्रिएटर्स के लिए पेश किया था, इन संगठनों द्वारा उत्पन्न विज्ञापन आय का एक हिस्सा स्पष्ट रूप से गलत सूचना फैलाने वालों के साथ साझा किया जाएगा। लाभ के लिए गलत सूचना पर नजर रखने वाले संगठन न्यूजगार्ड ने पाया कि गलत सूचना वाले ऐसे पोस्ट सामूहिक रूप से 92 मिलियन बार देखे गए।

गलत सूचना फैलाने पर मिल रहा रेवन्यू में हिस्सा

ये 30 वायरल ट्वीट्स इजरायल-हमास युद्ध-संबंधी गलत सूचना फैलाने वाले एक्स के 10 सबसे खराब पैरोकारों द्वारा पोस्ट किए गए थे, इन अकाउंट को पहले न्यूजगार्ड द्वारा संघर्ष के बारे में बार-बार गलत सूचना फैलाने वालों के रूप में पहचाना गया था। एक्स डेटा के अनुसार, ''ये 30 ट्वीट कुल मिलाकर 92 मिलियन से अधिक दर्शकों तक पहुंच गए हैं। औसतन, प्रत्येक ट्वीट को 3 मिलियन लोगों ने देखा।''

इजरायल-हमास युद्ध के बारे में झूठे दावे थे

विश्लेषकों ने कुल मिलाकर 86 प्रमुख ब्रांडों, गैर-लाभकारी संस्थाओं, शैक्षणिक संस्थानों और सरकारों के 200 विज्ञापनों की पहचान की, जो 30 में से 24 ट्वीट्स के नीचे फीड में दिखाई दिए, जिनमें इजरायल-हमास युद्ध के बारे में झूठे या बेहद भ्रामक दावे थे। न्यूजगार्ड को जो विज्ञापन मिले, वे पांच देशों: अमेरिका, ब्रिटेन, जर्मनी, फ़्रांस और इटली में अपने खुद के एक्स अकाउंट का इस्तेमाल कर इंटरनेट ब्राउज करने वाले विश्लेषकों को दिए गए थे।

आईबीएम ने एक्स से अपने विज्ञापन हटा लिए थे 

न्यूज़गार्ड की रिपोर्ट तब आई है जब मालिक मस्क द्वारा प्लेटफॉर्म पर एक यहूदी विरोधी पोस्ट के बारे में अनुमोदन देने के बाद एप्पल, डिज्नी और आईबीएम ने एक्स से अपने विज्ञापन हटा लिए। न्यूजगार्ड द्वारा इस रिपोर्ट के बारे में एक्स तक पहुंचने के बाद, मस्क ने ट्वीट किया, "एक्स कॉर्प गाजा में युद्ध से जुड़े विज्ञापन और सदस्यता से प्राप्त सारा राजस्व इजरायल के अस्पतालों और गाजा में रेड क्रॉस/क्रिसेंट को दान करेगा।''

इनपुट: आईएएनएस

Advertisement

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। Business से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें पैसा