GST
जीएसटी काउंसिल की दो दिवसीय बैठक मंगलवार को चंडीगढ़ में शुरू हो रही है। इससे पहले कर्नाटक के मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई ने भरोसा जताया कि राज्यों को क्षतिपूर्ति का मुद्दा जीएसटी परिषद की 47वीं बैठक में हल हो जाएगा।
बोम्मई ने चंडीगढ़ रवाना होने के पहले संवाददाताओं से कहा, ‘‘जीएसटी क्षतिपूर्ति के मुद्दे पर हमारी पहले भी विस्तृत बातचीत हो चुकी है। इस पर अंतिम निर्णय जीएसटी परिषद में होगा। मुझे भरोसा है कि इस पर निर्णय ले लिया जाएगा।’’
माना जा रहा है कि परिषद कुछ उत्पादों की दरों में बदलाव कर सकती है। इसके अलावा परिषद द्वारा अधिकारियों की समिति की सिफारिशों के अनुरूप 215 उत्पादों पर कर दरों को यथावत रखा जा सकता है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की अगुवाई वाली जीएसटी परिषद में सभी राज्यों के प्रतिनिधि शामिल हैं।
परिषद की बैठक करीब छह महीने बाद हो रही है। बैठक में दरों को सुसंगत किए जाने के अलावा क्षतिपूर्ति भुगतान के मुद्दे पर गंभीर चर्चा हो सकती है। विपक्ष शासित राज्य क्षतिपूर्ति को पांच साल से आगे जारी रखने की जोरदार तरीके से वकालत कर रहे हैं। इसकी पांच साल की अवधि जून में समाप्त हो रही है।
ऑनलाइन गेम खेलने का शौक पड़ सकता है महंगा
अगर आपको भी ऑनलाइन गेम खेलना या घुड़दौड़ और कसीनो में पैसे लगाने का शौक है तो आपके इस शौक पर भी महंगाई की मार पड़ सकती है। जीएसटी परिषद बुधवार को इस पर बड़ा फैसला ले सकती है। जीएसटी की सर्वोच्च संस्था जीएसटी काउंसिल की इस सप्ताह होने वाली बैठक में ऑनलाइन गेमिंग, कसीनो और घुड़दौड़ पर 28 प्रतिशत जीएसटी लगाने के प्रस्ताव पर चर्चा होने की संभावना है।
घुड़ दौड़ और कसीनो पर भी बढ़ेगा GST?
गेमिंग के अलावा यदि आपको घुड़दौड़ और कसीनो में पैसा लगाने का शौक भी मंहगा हो सकता है। घुड़दौड़ के मामले में जीओएम ने सुझाव दिया है कि दांव लगाने के लिए जमा की गई पूरी राशि पर जीएसटी लगाया जाए। कसीनो के बारे में जीओएम ने कहा है कि एक खिलाड़ी द्वारा कसीनो से खरीदे गए चिप्स/सिक्कों के पूर्ण अंकित मूल्य पर कर लगाया जाएगा। इसके साथ ही जीओएम ने कसीनो में प्रवेश शुल्क पर 28 प्रतिशत जीएसटी लगाने की सिफारिश भी की है।
फिलहाल इन पर लगता है 18 प्रतिशत GST
सरकार ने पिछले साल मई में कसीनो, ऑनलाइन गेमिंग पोर्टल और घुड़दौड़ पर जीएसटी के मूल्यांकन के लिए मंत्रियों की समिति बनाई थी। फिलहाल कसीनो, घुड़दौड़ और ऑनलाइन गेमिंग की सेवाओं पर 18 प्रतिशत की दर से जीएसटी लगता है। एएमआरजी एंड एसोसिएट्स के वरिष्ठ पार्टनर रजत मोहन ने कहा कि ऑनलाइन गेमिंग, घुड़दौड़ और कसीनो पर 28 फीसदी कर लगाने से ये सेवाएं पान मसाला, तंबाकू और शराब के समकक्ष आ जाएंगी, जिन्हें बुरा समझा जाता है।



































