PFRDA accords approval to Tata Asset and Max Life for setting up pension funds
नई दिल्ली। पेंशन नियामक पीएफआरडीए के अध्यक्ष सुप्रतिम बंद्योपाध्याय ने शुक्रवार को कहा कि टाटा एसेट मैनेजमेंट और मैक्स लाइफ इंश्योरेंस कंपनी को पेंशन निधि प्रबंधक बनाने के लिए हाल ही में मंजूरी दी गई है। उन्होंने राष्ट्रीय पेंशन योजना (एनपीएस) दिवस पर संवाददाताओं को संबोधित करते हुए कहा कि हमें दो प्रस्ताव मिले थे। हमारे बोर्ड ने दोनों को मंजूरी दे दी है। उन्हें अपनी पेंशन निधि स्थापित करने में लगभग छह महीने लगेंगे। इनमें से एक कोष टाटा एएमसी द्वारा प्रवर्तित है, इसलिए वह म्यूचुअल फंड क्षेत्र से आ रहा है, वहीं दूसरा मैक्स लाइफ इंश्योरेंस द्वारा प्रवर्तित होगा जो जीवन बीमा क्षेत्र की एक प्रमुख कंपनी है।
पेंशन कोष विनियामक एवं विकास प्राधिकरण (पीएफआरडीए) ने जुलाई में पेंशन निधि प्रबंधकों का ‘सदा सुलभ’ आधार पर पंजीकरण शुरू किया था। बंद्योपाध्याय ने कहा कि अगले साल नियामक वित्त वर्ष के शुरुआती महीनों में सदा सुलभ व्यवस्था के आधार पर पंजीकरण शुरू करेगा। इस समय एलआईसी पेंशन फंड लिमिटेड, एसबीआई पेंशन फंड्स प्राइवेट लिमिटेड और यूटीआई रिटायरमेंट सॉल्यूशंस लिमिटेड सहित सात पेंशन निधि प्रबंधक हैं। ये तीनों सरकारी क्षेत्र की कंपनियां हैं।
इन तीनों के अलावा पेंशन निधि प्रबंधकों में एचडीएफसी पेंशन मैनेजमेंट कंपनी लिमिटेड, आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल पेंशन फंड मैनेजमेंट कंपनी लिमिटेड, कोटक महिंद्रा पेंशन फंड लिमिटेड और आदित्य बिड़ला सन लाइफ पेंशन मैनेजमेंट लिमिटेड शामिल हैं। बंद्योपाध्याय ने कहा कि एक्सिस बैंक समर्थित एक्सिस म्यूचुअल फंड भी पेंशन निधि स्थापित करने के उद्देश्य से जरूरी मंजूरी हासिल करने के लिए संबंधित नियामकों के साथ बातचीत कर रहा है। उन्होंने कहा कि एक्सिस बैंक को उम्मीद है कि अगले 15-20 दिनों में यह नियामकीय मंजूरी मिल जाएगी।
पीएफआरडीए कानून के लंबित संसोधनों पर बंद्योपाध्याय ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि संसद के आगामी शीतकालीन सत्र में इन्हें मंजूरी मिल जाएगी। उन्होंने कहा कि नेशनल पेंशन सिस्टम के तहत विभिन्न योजनाओं में चालू वित्त वर्ष के दौरान बहुत अधिक वृद्धि देखी गई है।
वर्तमान में हमारी कुल संपत्ति 6.67 लाख करोड़ रुपये हो गई है। 31 मार्च, 2021 को हमारी संपत्ति 5.78 लाख करोड़ रुपये थी। हमारा आंतरिक मूल्याकंन है कि चालू वित्त वर्ष के अंत तक कुल संपत्ति बढ़कर 7.5 लाख करोड़ रुपये हो जाएगी। 25 सितंबर, 2021 तक कुल सदस्यों की संख्या 4.6 करोड़ है।






































