बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में भारतीय जनता पार्टी जिन सीटों पर अपनी जीत तय मानकर चल रही होगी। उनमें पहला नाम लखीसराय का होगा। इस सीट पर विजय कुमार सिन्हा का दबदबा है और वह एक बार फिर यहां से जीत दर्ज करना चाहेंगे। वह 2010 से लेकर अब तक तीन बार यह सीट जीत चुके हैं। डिप्टी सीएम बनने के बाद उनका कद और मजबूत हुआ है। ऐसे में उनकी जीत तय मानी जा रही है। इस बार यहां छह नवंबर को मतदान होना है।
लखीसराय विधानसभा सीट 1977 में बनी थी। यह मुंगेर लोकसभा सीट का हिस्सा है। मुंगेर लोकसभा सीट के छह खंड हैं। इनमें से एक लखीसराय है। यहां की बड़ी आबादी गांव में निवास करती है। यहां अनुसूचित जाति के मतदाताओं की संख्या सबसे ज्यादा है।
कब किसे मिली जीत?
लखीसराय में 1977 से लेकर अब तक 11 विधानसभा चुनाव हुए हैं। सबसे ज्यादा पांच बार यहां बीजेपी को जीत मिली है। वहीं, जनता पार्टी और जनता दल ने दो-दो बार इस सीट पर जीत हासिल की है। कांग्रेस और आरजेडी सिर्फ एक बार यह सीट जीत पाई हैं। कांग्रेस को यह जीत 1980 और आरजेडी को 2005 में मिली थी। विजय सिन्हा इस सीट पर आखिरी बार आरजेडी उम्मीदवार से ही हारे थे, लेकिन इस चुनाव को 20 साल हो चुके हैं। ऐसे में अब यह सीट भाजपा का गढ़ बन चुकी है।
क्या हैं समीकरण?
बीजेपी के लिए यह सीट जीतना ज्यादा मुश्किल नहीं होगा। विजय कुमार सिन्हा इस सीट पर पहली बार 2005 में जीते थे। इसी साल उन्हें बाद में हार का सामना भी करना पड़ा, लेकिन 2010, 2015 और 2020 में वह लगातार तीन बार यहां से विधायक चुने जा चुके हैं। नीतीश कुमार के बाद एनडीए गठबंधन में मुख्यमंत्री बनने के सबसे प्रबल दावेदार विजय कुमार सिन्हा ही हैं। ऐसे में डिप्टी सीएम होने का फायदा भी उनको मिलेगा। यहां जी हासिल करने के लिए इंडिया गठबंधन को एड़ी-चोटी का जोर लगाना होगा।
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