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Hindi News बिहार अजीबोगरीब! बैंक खाते में जमा पैसे लेने पहुंचा 'मुर्दा', कर्मचारियों के उड़े होश

अजीबोगरीब! बैंक खाते में जमा पैसे लेने पहुंचा 'मुर्दा', कर्मचारियों के उड़े होश

सिंगारियावा गांव के रहने वाले महेश यादव की मौत के बाद ग्रामीणों ने उसके अंतिम संस्कार के लिए बैंक जाकर उनके खाते में जमा पैसों की मांग की। लेकिन, बैंक प्रबंधन ने इस पर आपत्ति जताई।

बैंक खाते में जमा पैसे लेने पहुंचा 'मुर्दा', कर्मचारियों के उड़े होश- India TV Hindi Image Source : TWITTER/@RANJANMEHTA बैंक खाते में जमा पैसे लेने पहुंचा 'मुर्दा', कर्मचारियों के उड़े होश

पटना (बिहार): दुनिया में हम खाली हाथ आते हैं और खाली हाथ ही जाते हैं, ऐसा हम और आप अपने जीवन में कई बार सुनते हैं। लेकिन, पटना में कुछ अलग ही देखने को मिला। बिहार की राजधानी पटना एक 'मुर्दा' अपने बैंक खाते में जमा पैसा लेने के लिए बैंक पहुंचा। मृतक के करीबी उसके शव को लेकर बैंक पहुंचे और खाते में जमा पैसे की मांग करने लगे।

पटना जिले के शाहजहांपुर का मामला

यह घटना शाहजहांपुर थानाक्षेत्र के सिगरियावा गांव की है। यहां मंगलवार को महेश यादव नाम के व्यक्ति का शव (Dead Body In Bank) लेकर उनके करीबी केनरा बैंक की शाखा (Canara Bank Branch) पहुंचे और उसके (मृतक महेश यादव) खाते में जमा रकम को निकालने की मांग करने लगे। महेश (55) बीमार थे और मंगलवार को उनकी मौत हो गई।

अंतिम संस्कार के लिए खाते से निकालने चाहे पैसे

दरअसल, सिंगारियावा गांव के रहने वाले महेश यादव की मौत के बाद ग्रामीणों ने उसके अंतिम संस्कार के लिए बैंक जाकर उनके खाते में जमा पैसों की मांग की। लेकिन, बैंक प्रबंधन ने इस पर आपत्ति जताई। बैंक द्वारा पैसे नहीं दिए जाने पर ग्रामीण आक्रोशित हो गए और महेश यादव के शव को बैंक के अंदर लाकर रख दिया, जिससे अफरा-तफरी की स्थिति बन गई।

तीन घंटे बैंक में रखा रहा शव

शव लगभग तीन घंटे बैंक में रखा रहा। ऐसे में घटना की सूचना शाहजहांपुर पुलिस को दी गई और पुलिस मौके पर पहुंची। इसके बाद भी जब ग्रामीणों ने शव नहीं हटाया तो शाखा प्रबंधक ने अपनी ओर से उन्हें 10 हजार रुपये दिए, जिसके बाद वह महेश यादव के शव को अंत्येष्टि के लिए ले गए। बताया जा रहा है कि महेश यादव का कोई वारिस या सगा-संबंधी नहीं था।

बैंक खाते में जमा हैं 1.18 लाख रुपये

जानकारी के अनुसार, महेश यादव के केनरा बैंक के खाते में 1.18 लाख रुपए जमा हैं। लेकिन, महेश ने खाते में किसी को नॉमिनी नहीं बनाया था और इसी कारण से बैंक ने पैसे देने से इनकार किया था। महेश के खाते में केवाईसी भी नहीं हुआ था।